हुआवेई ने एंड्राइड का विकल्प होंगमेंग ओएस लाने की घोषणा की, हुआवेई के अनुसार ये एंड्राइड से कही ज़्यादा तेज़ होगा!

Huawei working on hongmeng OS

हुआवेई कंपनी पर यूएस सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है, अमेरिकी कंपनियों को हुआवेई के साथ किसी भी तरह के व्यापार ना करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन अमेरिकी कंपनियों के विरोध और नुकसान को देखते अमेरिकी सरकार ने अपना फैसला बदल लिया, गूगल और अन्य कंपनियों को हुआवेई के साथ व्यापार करने की छूट दे दी गई। इसी बीच हुआवेई ने अपने खुद के ऑपरेटिंग सिस्टम होंगमेंग ओएस पर काम शुरू कर दिया और अनुमानित तौर पर इसकी आधिकारिक जानकारी अगस्त में होने वाले डेवलपर सम्मेलन में दी जा सकती है।

अमेरिकी सरकार द्वारा हुआवेई के साथ व्यापार पर प्रतिबंध हटा दिए जाने के बावजूद हुआवेई ने ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम बंद नहीं किया और हुआवेई के इस कदम को सॉफ्टवेयर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैसे तो हुआवेई ने अभी इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है लेकिन हुआवेई के संस्थापक ने इस ऑपरेटिंग सिस्टम को बनाने के बारे में कुछ संकेत ज़रूर दिए है।

हुआवेई के संस्थापक रेन ज़्हेंगफेई ने एक बयान में कहा – “ हमारा आने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम सिर्फ स्मार्टफोन तक ही सीमित नहीं होगा बल्कि इसे सभी आधुनिक श्रेणियों जैसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स, तरह-तरह के वाहनों और कंप्यूटर एवं टेबलेट में स्वतंत्र रूप से काम करने के विकसित किया जा रहा है”। ज़्हेंगफेई के अनुसार उनका नया ऑपरेटिंग सिस्टम गूगल के एंड्राइड और एप्पल के आईओएस से ज़्यादा तेज़ होगा, रिपोर्ट्स के अनुसार होंगमेंग ओएस एंड्राइड से लगभग 60 प्रतिशत ज़्यादा तेज़ होगा। इसके अलावा ज़्हेंगफेई ने इस बात को भी माना कि उन्हें इस काम के लिए एक बड़े एप्प इकोसिस्टम और डेवेलपर्स की ज़रुरत है जो गूगल और एप्पल जैसे ही होंगमेंग ओएस के लिए अनुकूलित एप्प्स विकसित कर सके।

हुआवेई के संस्थापक का यह बयान अमेरिकी सरकार द्वारा हुआवेई से प्रतिबंध हटाने के ठीक बाद आया है और इस बयान के पीछे मुख्य कारण प्रतिबंध से हुए हुआवेई के बड़े नुकसान को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार हुआवेई अपने नए ऑपरेटिंग सिस्टम को “आर्क ओएस” के नाम से लॉन्च कर सकती है और इस ऑपरेटिंग सिस्टम को सबसे पहले हुआवेई के Mate 30 और P40 सीरीज़ के साथ व्यावसायिक तौर पर बाज़ार में लाया जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस ऑपरेटिंग सिस्टम को वीवो और ओप्पो स्मार्टफोन्स में भी उपलब्ध कराए जाने की सम्भावना है।

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नीरज जीवनानी
संस्थापक

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