आरती
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आरती करने का सही समय क्या है?
प्रातःकाल पूजा के अंत में और संध्या समय (सूर्यास्त के समय) आरती करना शुभ है। मंदिरों में सामान्यतः 5 समय आरती होती है – मंगल, शृंगार, भोग, संध्या और शयन।
कितनी दिशा में आरती घुमानी चाहिए?
प्रथम चरण (पाँव) पर 4 बार, नाभि पर 2 बार, मुख पर 1 बार और सम्पूर्ण शरीर पर 7 बार – कुल 14 बार घड़ी की दिशा में आरती घुमाते हैं।
आरती के बाद क्या करना चाहिए?
आरती के बाद शांति मंत्र बोलें, आरती की लौ पर हाथ रख कर आँखों को छुएं, और प्रसाद का वितरण करें। पूजा स्थान की परिक्रमा भी की जा सकती है।
घर पर कौन सी आरती रोज़ करनी चाहिए?
जिस देवता पर श्रद्धा हो उसकी आरती मुख्य है। सामान्यतः गणेश आरती से शुरू करके अपने इष्ट देव की आरती और अंत में ॐ जय जगदीश हरे की सम्मिलित आरती की जाती है।
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