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ESR Test in Hindi – उच्च ईएसआर के कारण और उपचार हिंदी में।

ESR को एरिथ्रोसाइट सेडीमेटेंशन रेट (Erythrocyte Sedimentation Rate) कहते है। ESR Test के जरिए लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) की जांच की जाती है और उनमें पायी जाने वाली खराबी (Sediment) का पता लगाया जाता है। यह सामान्य ब्लड टेस्ट की तरह ही टेस्ट है जिसमें डॉक्टर आपके शरीर में होने वाली समस्याओं जैसे- सूजन या किसी भी प्रकार के संक्रमण को पता लगा पाते है। पर बहुत से लोगों को ESR Test in Hindi और ESR बढ़ने से क्या होता है के बारे पता नहीं होता।

आज के टाइम में ESR Test एक Common टेस्ट माना जाता है जो कि प्रत्येक मरीजों को करवाने के लिए लिखा जाता है। अगर आपको अपने शरीर में किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देते है तो आप उसकी पुष्टि करने के लिए उसकी जांच करवाते है, ताकि डॉक्टर आपकी बीमारी को पकड़ सके। हम आपको बताना चाहेंगे कि ESR Test कराने का मकसद किसी विशेष बीमारी को पकड़ना नहीं होता है और ना ही इस टेस्ट से किसी बीमारी को पकड़ा जा सकता है।

ESR टेस्ट से बस आपके शरीर का ESR लेवल चेक किया जाता है, जिससे डॉक्टर को आपके शरीर में होने वाली कुछ समस्या की जानकारी प्राप्त हो जाती है और किसी बीमारी की स्थिति में यह टेस्ट डॉक्टर को उस बीमारी के कारण का पता लगाने में मदद करता है। ईएसआर ब्लड टेस्ट क्या होता है (What Is ESR Blood Test) एवं ईएसआर परीक्षण क्यों किया जाता है

ESR Test In Hindi

अगर आप जानना चाहते हैं, कि ईएसआर ब्लड टेस्ट क्या होता है और महिला में खून में ईएसआर में वृद्धि के कारण क्या हैं, तो चलिए अब ये सभी महत्वपूर्ण जानकारी हम आपको विस्तार से समझाते हैं, कि ESR Full Form in Hindi क्या होता है, ESR बढ़ने से क्या होता है और इसके साथ ही ईएसआर 40 खतरनाक है या नहीं? जानने के लिए हमारी यह पोस्ट शुरू से अंत तक जरुर पढ़ें।

ESR Test Kya Hai

ई.एस.आर. टेस्ट एक प्रकार का ब्लड टेस्ट (Blood Test) होता है, जिसमें एक पतली ट्यूब में लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) की जांच की जाती है और यह पता लगाया जाता है कि लाल रक्त कोशिकाएँ कितनी जल्दी टेस्ट ट्यूब के निचले हिस्से में बैठ रही है। इस ट्यूब में कई घंटों के बाद जो लाल रक्त कोशिकाएं निचे आती है उन्हें मापा जाता है। यह लाल रक्त कणिकाएँ एक घंटे में जितनी निचे बैठती है, सेडीमेंटेशन रेट उतनी ही अधिक होता है।

ईएसआर टेस्ट के जरिए आपके शरीर की समस्या को पकड़ा जाता है, जैसे सूजन और जलन महसूस होना। इन दोनों के कारण का पता लगाने के लिए इस टेस्ट के साथ CBC और CRP टेस्ट भी करवाया जाता है। किसी बीमारी की स्थिति में ESR Test को बाकी टेस्ट के साथ ही करवा लिया जाता है, जिससे डॉक्टर को आपकी बीमारी पकड़ने में बहुत मदद मिलती है। इस टेस्ट की नार्मल रिपोर्ट को Reference Range कहा जाता है।

ESR Full Form in Hindi

ई.एस.आर. का पूरा नाम या ESR Full Form – “Erythrocytes Sedimentation Rate” होता है। ESR Ka Full Form In Hindi – “एरिथ्रोसाइट्स सेडीमेन्टेशन रेट” होता है।

ईएसआर क्या होता है (ESR Kya Hota Hai) या ESR Meaning In Hindi क्या है? ये आपने अभी जाना अब आगे हम आपको Erythrocyte Sedimentation Rate in Hindi से जुड़ी अन्य जानकारी जैसे ESR बढ़ने से क्या होता है बतलायेंगे।

ईएसआर के बढ़ने के कारण

ESR लेवल कई कारणों से बढ़ सकता है जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए, चलिए आपको बताते है कि और ESR Kyu Badhta Hai और ईएसआर के लक्षण क्या है –

  • प्रेगनेंसी की अवस्था में
  • बुढ़ापे की स्थिति में
  • खून की कमी होने के कारण
  • थाइराइट की समस्या होने पर
  • लिंफोमा की वजह से
  • गठिया की समस्या होने पर
  • शरीर की माशपेसियां और जोड़ों में दर्द होना
  • रूमेटिक बुख़ार में
ईएसआर बढ़ने से क्या होता है

ई.एस.आर. रेट हाई होने या ईएसआर बढ़ने से हमें कई तरह की बीमारियों के संकेत मिलते है आइये जानते है कि, क्या होता है अगर ईएसआर अधिक होता है तो –

  • एनिमिया (Anemia)
  • हाई कोलेस्ट्राल (High Cholestrol)
  • किडनी बीमारी (Kidney disease)
  • थॉयराइड बीमारी (Thyroid disease) 
ESR घटने से क्या होता है

ईएसआर रेट लो होने पर आपको यह समस्या हो सकती है –

  • कन्जेस्टिव हार्ट फ्लोयर (Congestive Hear Failure – CHF)
  • क्रोनिक फैटिग्यू सिन्ड्रोम (Chronic Fatigue Syndrome)
  • लॉ प्लाज्मा प्रोटीन (Low Plasma Protein)
  • सिक्कल सेल एनिमिया (Sickle Cell Anemia)

ऑटोइम्यून बीमारियां (Auto Immune Diseases)

  • एलर्जी (Allergy)
  • क्रैनियल धमनी (Cranial arteries)
  • टेम्पोरल आर्थेराइटिस (Temporal arthritis)
  • प्रोटीन फिबरिनोजन (Protein fibrinogen)

संक्रमित बीमारियां (Infectious Disease)

  • हड्डियों में संक्रमण (Bone Infection)
  • ट्यूबर क्लोसिस (Tuber Culosis – T.B)
ईएसआर बढ़ने के लक्षण
  • बुखार
  • सिर दर्द
  • डायरिया
  • बुखार
  • जोड़ों में दर्द
  • गर्दन और कन्धों में दर्द
  • शरीर में जकडन
  • मॉल में खून आना
  • अचानक पेट दर्द
  • हड्डियों में संक्रमण
  • शरीर में संक्रमण और सूजन का आना
  • बेचैनी

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ESR Test से पहले क्या करें?

ईएसआर टेस्ट एक सामान्य ब्लड टेस्ट की तरह होता है जिसे करवाने से पहले कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इसलिए आपको इससे जुड़ी महत्ववपूर्ण जानकारी दी गई है साथ ही ये बताया गया है कि ईएसआर 30 खतरनाक है या नहीं।

  • अगर आप पहले से कुछ दवाएं या सप्लीमेंट्स ले रहे है, तो इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।
  • यदि आप गर्भवती है और ESR टेस्ट करना चाहते है तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

नीचे दी गई दवाएं ईएसआर टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती है –

  • एण्ड्रोजन, जैसे टेस्टरोस्टोन (Testosterone)
  • हेरोइन (Heroin)
  • प्रेडनिसोन (Prednisone)
  • एस्ट्रोजन (Estrogen)
  • फेनीटोइन (Phenytoin)
  • मेथाडोन (Methadone)
  • प्रेडनीसोन (Prednisone)
  • फेनाथायजिन्स (Phenothiazines)

ESR Test In Hindi Kitna Hona Chahiye

ESR टेस्ट की नार्मल वैल्यू व्यक्ति की उम्र और लिंग के आधार पर निर्धारित की जाती है तथा जिसे प्राप्त करने के लिए Mm/Hr का उपयोग किया जाता है। ईएसआर परीक्षण नार्मल रेंज (ESR Normal Range in Hindi) के कुछ उदाहरण हम आपको नीचे बता रहे है।

  • जन्म के उपरांत एक बच्चे की नार्मल ईएसआर रेंज 2 Mm/Hr के आस-पास होना चाहिए।
  • जो बच्चे युवा अवस्था में प्रवेश करने वाले होते है उनकी नार्मल ईएसआर रेंज 2 से लेकर 13 Mm/Hr के अंदर होना चाहिए।
  • अगर किसी महिला की आयु 50 वर्ष से कम है तो उसका ESR 20 Mm/Hr तक होना चाहिए।
  • किसी महिला की उम्र 50 वर्ष से ज़्यादा हो चुकी है तो उसका ईएसआर परीक्षण नार्मल रेंज ESR 30 Mm/Hr तक होना चाहिए।
  • एक पुरूष की उम्र 50 वर्ष से कम होने की स्थिति में उसका ESR 15 Mm/Hr के आस-पास होना चाहिए।
  • किसी पुरूष की उम्र 50 वर्ष से अधिक हो जाती है तो उसका ईएसआर परीक्षण नार्मल रेंज 20 Mm/Hr के आस-पास होना चाहिए।

महिलाओं एवं पुरुषों में ESR की सामान्य सीमा क्या है?

आमतौर पर महिलाओं में ईएसआर की नार्मल रिफरेन्स रेंज लगभग 1 – 20 mm/h है जबकि पुरुषों में ईएसआर की नार्मल रिफरेन्स रेंज लगभग 1 –13 mm/h है।

महिलाओं में आयुसीमा के आधार पर ईएसआर की नार्मल रिफरेन्स रेंज:

क्र.सं.ऐज  ग्रुप (वर्ष) नार्मल  ईएसआर रेंज (mm/h)
1.< 200 – 10
2.20 – 500 – 20
3.> 500 – 30

पुरुषों में आयुसीमा के आधार पर ईएसआर की नार्मल रिफरेन्स रेंज:

क्र.सं.ऐज  ग्रुप (वर्ष)नार्मल  ईएसआर रेंज (mm/h)
1.< 200 – 10
2.20 – 500 – 15
3.> 500 – 20

ईएसआर ब्लड टेस्ट कैसे होता है?

ईएसआर परीक्षण करने के लिए आपके शरीर से खून का एक सैंपल ESR Test Kit के द्वारा लिया जाता है और फिर उस Blood Sample को जांच के लिए लेबोरेटरी भेजा जाता है। जहाँ पर उस खून के सैंपल को एक पतली और लंबी कांच की ट्यूब में रखा जाता है और फिर एक घंटे तक खून के नीचे गिरने की स्थिति को मापा जाता है।

अगर आपके शरीर में कही सूजन है तो असामान्य प्रोटीन लाल रक्त कोशिकाओं के गुछे बना देगा, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं का वजन बढ़ जाएगा और वह जल्दी नीचे गिरने लगेगा। इसे Mm/Hr (मिलीमीटर प्रति घंटा) में मापा जाता है, इस स्थिति से डॉक्टर को पता चल जाता है की आपको कोई समस्या है, की नहीं।

ईएसआर रेट बढ़ने से बचने के घरेलू उपाय

ESR लेवल के बढ़ जाने की स्थिति में उसको कम करने के लिए आपको सबसे पहले उस समस्या का पता लगाना होगा। जिसके कारण आपका ESR लेवल बढ़ा है। किसी भी बीमारी से बचे रहने का सबसे आसान उपाय है अपनी जीवनशैली में संतुलन बनाए रखना। इसके लिए आप अपने खान-पान यानि डाइट में बदलाव करके अपनी जीवनशैली में सुधार करके ESR बढने से रोक सकते है –

1. व्यायाम

ESR लेवल को बढने से रोकने के लिए आपको रोज कम से कम आधे घंटे व्यायाम करना चाहिए जैसे टहलना, एरोबिक या स्विमिंग करना आदि ये शरीर की सूजन कम करने में काफी मदद करते है।

2. योगा

योगा हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में काफी मददगार होता है, ESR लेवल को कम करने के लिए आप नियमित योगाभ्यास करें।

3. तेल, मिर्च, मसाले और मीठे खाद्य पदार्थों से परहेज करें

ज्यादा तेल, मिर्च-मसाले और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। क्योंकि इनसे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे शरीर में सूजन आती है, और आपका ESR लेवल बढ़ सकता है।

4. ज्यादा पानी पियें और हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें

पानी पीने से हमारा शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे हमारी मांसपेशियां और हड्डियाँ स्वस्थ रहती है, और शरीर की सूजन भी कम होती है। इसलिए आप रोजाना 1-2 लीटर पानी पियें, साथ में हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें और सोयाबीन तेल की जगह ओलिव आयल का इस्तेमाल करें।

तो ये थे कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करके आप ESR Level को बढने से रोका जा सकता है। बीमारी की स्थिति में ESR Test को बाकी टेस्ट के साथ ही करवाया जाता है, जिससे डॉक्टर को बीमारी पकड़ने में बहुत मदद मिलती है।

ईएसआर रेट कम करने के घरेलू उपाय

आईये अब हम आपको ESR Rate कम करने के घरेलू उपाय के बारे में बताते है –

नीम का उपाय

  • नीम शरीर के संक्रमण को दूर कर खून को साफ़ करती है, यह ESR रेट को सामान्य करने में मदद करती है। इसके लिए आप नीम का जूस बनाकर पी सकते है।

हल्दी एवं दूध का उपाय

  • हल्दी में एंटी बायोटिक गुण पाए जाते है, जो न केवल इम्युनिटी को बढ़ते है बल्कि बॉडी के इन्फेक्शन को दूर करने में और सूजन कम करने में मदद करता है। आप एक छोटा चम्मच हल्दी को दूध के साथ मिलाकर ले सकते है।

मैथी के बीज

  • मेथी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत कारगर है, इसके सेवन से शरीर की सूजन के साथ इन्फेक्शन भी दूर हो जाता है। आप इसके लिए 1 चम्मच मैथी के बीजों को पानी में उबालकर ठंडा कर उसे रोज पी सकते है।

ESR Test Price

इस टेस्ट की कीमत शहर के हर हॉस्पिटल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। फिर भी हम आपके लिए कुछ आँकड़े लाए है जैसे– ESR Blood Test के लिए आपको अधिकतर जगह पर 100 रुपए से लेकर 500 रूपए तक देना होंगे।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

आइये जानते है कौन सी ऐसी स्थितियाँ है जब डॉक्टर को संपर्क करना जरूरी होता है –

  • यदि आपके शरीर में दर्द या किसी भी प्रकार की सूजन है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • अगर शरीर में कुछ बदलाव होने की वजह से आपको परेशानी हो रही है तो डॉक्टर को बताएं।
डिस्क्लेमर -
दी गयी जानकारी केवल आपको ESR Test के बारे में जागरूक करने के लिए प्रदान की गयी है हिंदी सहायता अपने उपयोगकर्ता को सलाह देता है कि किसी भी उपाय को अपनाने से पहले सम्बंधित चिकित्सक से एक बार सलाह अवश्य ले लें।

Conclusion

तो दोस्तों मनुष्य शरीर में होने वाली कुछ समस्या की जांच के लिए कई टेस्ट कराए जाते है जिनमे से एक ESR Test है और आज हमने आपको ESR Test क्या है, ESR फुल फॉर्म एवं ईएसआर 40 खतरनाक है in Hindi की पूरी जानकारी प्रदान की है। यह टेस्ट आपके शरीर में बिना किसी कारण के आए सूजन और जलन के बारे में पता करने के लिए किया जाता है। डॉक्टर अकेले इसमें बिना किसी कारण के आए सूजन और जलन के बारे में पता लगाने के लिए किया जाता है।

ईएसआर टेस्ट को अन्य जाँच के साथ ही करवा लिया जाता है जिससे डॉक्टर को बीमारी होने का कारण पता करने में मदद मिलती है। अगर अब आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी उपयोगी लगी हो तो ESR Test Kya Hota Hai In Hindi को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें, ताकि उन्हें भी इसके बारे में पता चले।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)

प्रश्न 1: ईएसआर 70 खतरनाक है?

उत्तर – 100 मिमी/घंटा से अधिक ईएसआर का स्तर संक्रमण, हृदय रोग या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत दे सकता है।

प्रश्न 2: ईएसआर कितना होना चाहिए?

उत्तर – आयु                पुरुष            महिला

  • 50 से कम        0-15 मिमी    0-20 मिमी
  • 50 से अधिक    0-20 मिमी     0-30 मिमी
  • बच्चों का ESR 10mm से कम होना चाहिए।
  • कम ईएसआर लेवल सामान्य होता है और इसके कोई लक्षण नहीं होते है।

प्रश्न 3: ईएसआर 40 खतरनाक है?

उत्तर- 40 और 60 मिमी/घंटा के ईएसआर मान स्पष्ट रूप से उन लोगों में बढ़े हुए अत्यधिक सूजन की स्थिति का संकेत देते है जिन्हें पहले से ही एक सूजन होती है या या फिर सूजन की बीमारी है।

प्रश्न 4: ईएसआर 20 खतरनाक है?

उत्तर- सामान्यतौर पर पुरुषों के लिए नार्मल ESR Range 1-13 मिमी/घंटा और महिलाओं के लिए 1-20 मिमी/घंटा है। हालांकि यह मान व्यक्ति की उम्र व लिंग के आधार पर भी भिन्न हो सकते है।

प्रश्न 5: ईएसआर बढ़ने पर क्या होता है?

उत्तर- यदि ईएसआर का स्तर असामान्य रूप से अधिक हो जाता है, तो इसका मतलब है कि लाल रक्त कोशिकाएं अपेक्षा से अधिक तेजी से गिरती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब RBC में अधिक प्रोटीन होता है, जिससे वे आपस में चिपक जाते है।

प्रश्न 6: ईएसआर 35 खतरनाक है?

अगर किसी का ESR रिजल्ट 100 मिमी/घंटा से ज्यादा आता है तो उसे कैंसर, डॉयबटीज, एवं कार्डियोवैस्कुलर आदि तरह की सक्रिय बीमारी हो सकती है।

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