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Short Story In Hindi – 15 Best बच्चों के लिए छोटी कहानियां।

बचपन और कहानियों का एक अलग ही नाता है। ये कहानिया ही तो है जो ज्ञान प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका मानी जाती है। बच्चे नाना-नानी या दादा-दादी के पास जाएं और वहाँ जाकर उन्हें राजा-रानी या परियों की Hindi Kahani सुनाने के लिए ना बोले, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। आज हम दादा-दादी या नाना नानी द्वारा सुनाई जाने वाली ऐसी ही कुछ मज़ेदार Short Story In Hindi लेकर आये है, जिससे पढ़ने के बाद आपके बच्चों का सिर्फ मनोरंजन ही नहीं होगा बल्कि उन्हें बहुत कुछ सीखने को भी मिलेगा।

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हर उम्र का व्यक्ति Kahani सुनना या पढ़ना पसंद करता है, यही कारण है कि स्टोरीज का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। कहानियां ना सिर्फ बच्चों का मनोरंजन करती है, बल्कि उन्हें लुभाती भी है और अंत में बच्चों को एक सीख (Moral Story) देकर जरूर जाती है। तो आइये फिर देर किस बात की आप भी अपने बच्चों को Short Story In Hindi With Moral सुनाइए। मुझे पूरी उम्मीद है कि ये मज़ेदार कहानियाँ आपके बच्चों को जरूर पसंद आएंगी और वो इसे एक बार नहीं बल्कि बार-बार सुनने या पढ़ने के लिए उत्साहित होंगे।

आज की इस पोस्ट Short Stories in Hindi में हम आपके लिए शिक्षा से भरी ऐसी 15 Hindi Story लेकर आए है जिसे पढ़ने के बाद आपके सोचना का तरीका पूरी तरह बदल जायेगा और आप सफलता की ओर कदम बढ़ाना शुरू करेंगे। कहानिया कई प्रकार की होती है ऐसी ही कुछ हिंदी कहानी (Kahani Hindi) है जिनका हमने निचे उल्लेख किया है। आशा करती हूँ कि आपको ये Very Short Story in Hindi अथवा Short Story in Hindi for Kids में पसंद आएंगी।

Short Story In Hindi

Short Story In Hindi [2022]

अक्सर हमारे घर में छोटे बच्चे हमसे कहानियाँ सुनाने की जिद करते हैं और फिर हम सोच में पड़ जाते हैं, कि अब ऐसी कौन सी Hindi Moral Story सुनाई जाए जो छोटी भी हों और और बच्चों को पसंद भी आये.. इसलिए आज मैंनें इस लेख में आपके साथ कुछ ऐसी ही बेहतरीन और शिक्षाप्रद कहानियाँ (Hindi Short Stories) शेयर की हैं, जो आपके बच्चों को सुनने में पसंद भी आयेंगी और साथ उन्हें हर एक कहानी से एक अच्छी सीख भी मिलेगी. जो उन्हें एक बेहतर इंसान बनाने में भी मदद करेंगी. तो अब आप भी इन सभी Hindi Short Story को एक-एक करके जरुर पढ़ें और अपने बच्चों को भी सुनाएं.

1. घमंडी बारहसिंगा : (Moral Stories In Hindi)

एक समय की बात है। एक घने जंगल में एक बारहसिंगा रहता था। वह बड़ा घमंडी था। एक बार वह तालाब में पानी पी रहा था और पानी पीते हुए उसने अपनी परछाई देखी। वो अपने सुन्दर सींगो को देखकर बहुत खुश हुआ, पर अपनी पतली टाँगो को देखकर बहुत दुखी हुआ और वो भगवान को कोसने लगा।

एक बार कुछ शिकारी कुत्ते जंगल में आ गए और वो बारहसिंगा के पीछे पड़ गए। ये देखकर वो घबराकर दूर भाग गया। उसकी पतली टाँगे ही उसकी भागने में सहायता कर रही थी। भागते-भागते अचानक उसके सींग टहनियों के बीच फँस गए।

उसने अपने सींगों को बाहर निकालने की बहुत कोशिश की, पर वह अपने सींगों को बाहर ना निकाल पाया। जिसके बाद उन शिकारी कुत्तों ने उसे घायल कर दिया और वो मरने की हालत में हो गया था। मरते समय वह सोचता रहा, “इन सुंदर सींगों ने मुझे मरवाया है और मेरी पतली टाँगे मुझे बचा सकती थी।”

शिक्षा – कोई भी चीज़ अपने गुणों के कारण सुंदर होती है।

2. शेर और चूहा : (Short Hindi Story)

एक समय की बात है, सर्दी का दिन था और एक शेर धूप में सो रहा था। तभी वहाँ एक चूहा आया और सोए हुए शेर के शरीर पर कूदने लगा। जिससे तंग आकर शेर जाग उठा और उसने अपने भारी पंजो से चूहे को पकड़ लिया। शेर ने गुस्से में कहा, “मुर्ख चूहे मुझे तंग क्यों किया, अब तुझे इसकी सज़ा जरूर मिलेगी।

इसके बाद चूहा बहुत डर गया और शेर से माफ़ी मांगते हुए कहने लगा कि, मुझे जाने दो अगर आपको मेरी मदद की कभी भी जरूरत होगी तो मै आपकी मदद जरूर करूँगा। ये सुनने के बाद शेर हँसने लगा और सोचने लगा कि ये छोटा सा चूहा मेरी क्या मदद करेगा। चूहे को विनती करते देख शेर ने उसे माफ़ किया और जाने दिया।

कुछ ही दिनों बाद वो शेर जंगल में शिकारी द्वारा बिछाए गए एक जाल में फंस जाता है। शेर उस जाल से निकलने की बहुत कोशिश करता है पर वो निकल नहीं पाता। जिसके बाद वो दहाड़ना शुरू कर देता है। ये आवाज़ उस चूहे तक पहुंच जाती है और वो शेर को बचाने के लिए वहाँ पहुँच जाता है।

चूहा अपने दांतो से जाल को काटने की कोशिश करता है और अंत में वो शेर को बाहर निकालने में सफल हो जाता है। शेर चूहे के इस काम से बड़ा खुश होता है। वो चूहे से कहता है कि दोस्त मैं तुम्हारा ये अहसान कभी नहीं भूलूंगा और साथ ही कहता है आज से तुम मेरे सच्चे मित्र हो।

शिक्षा – कभी भी किसी को अपने से छोटा या कमज़ोर नहीं समझना चाहिए।

3. लालची कुत्ता : (Short Story For Kids In Hindi)

एक बार की बात है एक कुत्ते को बहुत तेज भूख लगी थी। वह खाने की तलाश में इधर-उधर भटक रहा था और अचानक उसे एक रोटी दिखी। कुत्ता रोटी को देखकर बहुत उत्साहित हो गया। वो रोटी की तरफ गया और उसे अपने मुंह में दबाकर नदी के किनारे ले गया।

नदी पार करते हुए कुत्ते को पानी में अपनी परछाई दिखी और उसे लगा कि, ये किसी और कुत्ते की परछाई है जो उसकी रोटी छीनना चाहता है। उसने सोचा कि वह भोंककर दूसरे कुत्ते को डरा देगा और जैसे ही उसने भोंकना शुरू किया उसकी रोटी उसके मुंह से निकलकर नदी में बह गई जिसके बाद वो भूखा ही रह गया।

शिक्षा – हमें हमेशा समझदारी से काम लेना चाहिए।

क्या आपने इसे पढ़ा: Tulsidas Ke Dohe – तुलसीदास जी के लोकप्रिय दोहे, हिंदी में।

4. सारस और लोमड़ी : (Short Story With Moral In Hindi)

एक जंगल में एक लोमड़ी और सारस रहते थे। दोनों में गहरी मित्रता थी। एक दिन लोमड़ी ने सारस को देखा और वह कहने लगी, “सारस भाई, राम-राम, कैसे हो? सारस बोला लोमड़ी बहन मैं तो अच्छा हूँ तुम अपनी बताओ?

लोमड़ी को शरारत सूझी और वह कहने लगी सारस भाई मैं तुम्हे अपने घर दावत पर बुलाना चाहती हूँ, कल तुम मेरे घर भोजन करने आना। दूसरे दिन सारस लोमड़ी के घर भोजन करने पहुँचा। दोनों ने एक दूसरे को राम-राम बोला और फिर मीठी-मीठी बातें करने लगे। कुछ देर बाद लोमड़ी दो परातो में बहुत पतली खिचड़ी बनाकर ले आई और वह सारस से बोली सारस भाई आओ खाना खाएँ।

लोमड़ी तो जल्दी-जल्दी खिचड़ी खाने लगी, लेकिन सारस की लम्बी चोंच में खिचड़ी ना आई। उसे खिचड़ी ना खाते देख लोमड़ी मन ही मन बहुत खुश हुई और झूठी चिंता दिखाते हुए सारस से पूछने लगी कि क्या बात है तुम्हे पसंद नहीं आया? सारस लोमड़ी की चालाकी समझ गया और थोड़ी देर बात करने के बाद उसने लोमड़ी को बोला कि, कल तुम मेरे घर खाने पर जरूर आना लोमड़ी ने कहा हाँ मैं जरूर आऊंगी।

सारस ने मछलियाँ पकाकर दो तंग मुँह की सुराहियों में डाल दी। जब लोमड़ी आई, तो दोनों ने एक दूसरे को राम-राम करी और बातें करने लगे। कुछ देर बाद सारस सुराही उठा लाया। वह लोमड़ी को कहने लगा, बहन आओ मिलकर मछलियाँ खाएँ।

इतना बोलकर उसने अपनी चोंच सुराही में डाल दी। वह मज़े से मछलियाँ खाने लगा। लोमड़ी का इतना बड़ा मुँह सुराही के छोटे से मुँह में जा ही नहीं पा रहा था। वह सारस का मुँह देखती रह गई। अब सारस समझ गई कि लोमड़ी ने अपना बदला ले लिया है।

शिक्षा – जैसे को तैसा

5. प्यासा कौआ : (Story For Kids In Hindi)

एक बार की बात है, गर्मी का महीना था। एक कौए को बहुत तेज़ प्यास लगी थी। वह पानी की तलाश में इधर-उधर उड़ने लगा, पर उसे कही भी पानी ना मिला। तेज़ गर्मी के कारण उसकी प्यास ओर बढ़ती जा रही थी। कौए ने जीने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन उसने हार नहीं मानी, वह पानी की तलाश करने फिर चला गया, अचानक उसे एक पानी से भरा घड़ा दिखाई दिया। वह उस घड़े को देखकर बहुत खुश हो गया और तुरंत उड़कर घड़े के पास गया।

घड़े में पानी इतना कम था कि, उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुँच सकी। यह देखकर वो परेशान हो गया। उसने हर तरीके से पानी पीने की कोशिश करी पर वो सफल ना हो पाया

वह निराश होकर जैसे ही वहाँ से जाने लगा तो उसकी नज़र अचानक कंकर पर पड़ी।

वह एक-एक कंकर अपनी चोंच से उठाकर पानी में डालने लगा। धीरे-धीरे पानी ऊपर आ गया और कौए ने जी भर कर पानी पिया और वहाँ से उड़ गया।

शिक्षा – जब हमारे अंदर किसी चीज़ को पाने की इच्छा होती है तो हम वो चीज़ अवश्य हासिल कर पाते है।

प्यासा कौआ से जुड़ी एक प्रसिद्ध कविता

एक कौआ प्यासा था
जग में पानी थोड़ा था,
कौए ने डाला कंकर,
पानी आया ऊपर,
कौए ने पीया पानी,
खत्म हुई कहानी।।

6. सोने का अंडा देने वाले हंस की कहानी : (Short Stories In Hindi For Kids)

एक गाँव में एक हंस पालन करने वाला अपनी पत्नि के साथ रहता था। वह हर रोज बाजार में जाकर हंस खरीदता और घर आकर उनकी देखभाल करता था। हर दिन की तरह वो बाजार से एक हंस खरीद कर लाया। वो सबकी तरह उसे भी बहुत प्यार से पालने लगा और धीरे-धीरे वो हंस तंदुरुस्त बन गया। कुछ महीने बाद उस हंस ने अंडा दिया, जिसको देखने के बाद व्यापारी और उसकी पत्नी दोनों ही हैरान रह गए। वह अंडा सोने का था।

वह हंस हमेशा सोने का अंडा देता और पति-पत्नी उसे बेचकर पैसे कमाते। सोने के अंडे को देखकर उनके मन में लालच बढ़ने लगा और व्यापारी ने सोचा कि, अगर ये हर रोज एक सोने का अंडा देता है तो उसके अंदर और कितने अंडे होंगे। ये सोचकर उन्हें एक तरकीब आई और उन्होंने हंस को मार डाला और जब उसका पेट चीर कर देखा तो उस में एक भी अंडा नहीं था जिसके बाद वो बहुत रोए।

शिक्षा – लालच बुरी बला है।

7. चींटी और कबूतर : (Hindi Short Stories)

गर्मी के समय की बात है। एक चींटी को बहुत प्यास लगी थी। वो पानी की तलाश करते हुए एक नदी के किनारे पहुंच गई। नदी से पानी पीने के लिए वो एक छोटी चट्टान पर चढ़ गई। जैसे ही वो पानी पीने लगी, वो चट्टान से फिसल कर नदी में जा गिरी। पानी का बहाव बहुत तेज था और वो नदी में बहने लगी। वहीं नदी के पास बहुत बड़ा पेड़ था, जिस पर एक कबूतर बैठा हुआ था।

अचानक उस कबूतर की नज़र चींटी पर पड़ी उसने उसकी मदद के लिए पेड़ से एक पत्ता तोड़ कर नदी में फेंका और चींटी उस पर चढ़ गई। कुछ देर बाद पत्ता बहकर सूखी जमीन पर पहुँच गया और चींटी बाहर आ गई। चींटी ने कबूतर का धन्यवाद किया।

शाम को एक शिकारी कबूतर का शिकार करने आया। कबूतर इस बात से अनजान था और आराम से सो रहा था। चींटी ने जैसे ही शिकारी को देखा तो उसने उसके पांव में जाकर काट दिया। इससे उस शिकारी की चीख निकल गई और वो चिलाने लगा। उसकी चीख से कबूतर जाग गया और उड़ गया। कबूतर ने चींटी की जान बचाकर जो नेक काम किया था। आज उसी ने उसकी जान बचाई है।

शिक्षा – कर भला तो हो भला।

8. झूठा दोस्त (Short Moral Story In Hindi)

एक बार कि बात हैं, हिरण और कौआ बहुत अच्छे दोस्त थे। वे दोनों हर दुख-सुख में एक दूसरे का साथ दिया करते थे। एक दिन कौए ने हिरण को सियार के साथ देख लिया। कौए ने हिरण को समझाया कि सियार बहुत चालाक जानवर है, वो हर किसी को अपने जाल में फंसा लेता है इसलिए उसका साथ छोड़ दे। हिरण ने कौए की सलाह पर ध्यान नहीं दिया और सियार के साथ खेत में चला गया। हिरण वहाँ लगे जाल में फंस गया।

सियार उससे कहने लगा “मैं तो किसान को बुलाने जा रहा हूं, वह आएगा और तुम्हें मार डालेगा”। हिरन चिल्लाने लगा, तभी वहां कौआ आया और उसने हिरन से कहा तुम ऐसे लेट जाओ जैसे की तुम मर गए हो। हिरन ने आपने दोस्त की बात मानी और वैसे ही करा।

थोड़ी देर बाद वहाँ किसान आया और उसने देखा कि हिरन तो मर गया, ये देखकर वो बहुत खुश हुआ। किसान ने जल्दी से जाल खोला और जाल खुलते ही हिरन वहाँ से भाग निकला। ये देखकर किसान बहुत गुस्सा हुआ और सियार को खूब मारा और उसे वहाँ से भगा दिया।

शिक्षा – किसी पर कभी भी आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए।

9. लोमड़ी और अंगूर (Bacchon Ki Kahani)

एक बार जंगल में भूखी लोमड़ी खाने की तलाश में इधर-उधर भटक रही थी। काफी देर घूमने के बाद भी उसे खाना नहीं मिला। थोड़ी देर तक घूमने के बाद उसे एक पेड़ दिखाई दिया। उस पेड़ पर रसीले अंगूर के गुच्छे लटक रहे थे। यह देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी आने लगा। लोमड़ी ने मन में सोचा कि “ये अंगूर तो बहुत सवादिष्ट लग रहे है और मैं ये जरूर खाऊंगी”। अंगूर बहुत ऊपर लगे हुए थे। लोमड़ी ने छलांग लगाकर अंगूर तोड़ने की कोशिश करी, पर वह असफल रही।

बहुत देर तक कोशिश करने के बाद वो सोचने लगी कि, अब कोशिश करना बेकार है। वह अपने आप से कहने लगी अब उसे ये अंगूर नहीं चाहिए, यह तो खट्टे है। लोमड़ी का व्यवहार ये बताता है कि जब हम किसी चीज को पाने में असफल हो जाते है तो उसमें कमियां निकालने लगते है। थोड़ी देर बाद लोमड़ी चुपचाप जंगल के दूसरी ओर निकल पड़ी।

शिक्षा – अपनी कमियों को नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए।

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10. माँ का प्यार : (Moral Story In Hindi Short)

एक शानदार महल में एक खूबसूरत परी रहती थी, जिसे अपनी खूबसूरती पर बड़ा घमंड था। एक दिन उस परी ने घोषणा करी कि, “जिस प्राणी का बच्चा सबसे ज्यादा सुंदर होगा, उसे मैं इनाम दूँगी”। ये सुनकर सभी खुश हो गए और अपने-अपने बच्चों के साथ पुरस्कार को जीतने की चाह में एक स्थान पर जमा हो गए। परी सारे बच्चों को ध्यान से देखने लगी।

वहाँ पर एक बंदरिया का बच्चा आया हुआ था। जब उसने बंदरिया के चपटी नाक वाले बच्चे को देखा, तो वो उसे देखकर बोलने लगी छिः! कितना कुरूप है यह बच्चा। इसके माता-पिता को तो मै कभी पुरस्कार नहीं दे सकती। परी की यह बात सुनकर उस बच्चे की माँ को बहुत बुरा लगा। वो अपने बच्चे को हृदय से लगाकर कहने लगी “मेरा लाल तू तो बहुत ही सुंदर है, मैं तुझे बहुत प्यार करती हूँ मेरे लिए तो तू ही सबसे बड़ा पुरस्कार है”। मैं कोई दूसरा पुरस्कार प्राप्त करना नहीं चाहती। भगवान तुझे लंबी उम्र दे।

शिक्षा – माँ जैसा इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं।

11. हरे घोड़े की कहानी – अबकर बीरबल

एक दिन अकबर अपने प्रिय बीरबल के साथ शाही बाग़ की सैर के लिए गए। चारों ओर हरियाली को देखकर अकबर को बहुत आनंद आया। कुछ देर बाद सैर करते करते राजा कहने लगा कि, मेरा तो इस हरी भरी हरियाली को देखकर मन कर रहा है कि हम हरे घोड़े पर बैठकर इस हरे बगीचे में घूमे। उन्होंने बीरबल से कहा, “बीरबल मुझे हरे रंग का घोड़ा चाहिए”। उसने बीरबल को आदेश देते हुए कहा कि ‘मैं तुम्हें आदेश देता हूं कि, तुम सात दिनों के अंदर हमारे लिए एक हरे घोड़े का इंतजाम करो’।

अकबर और बीरबल दोनों को पता था कि, हरे रंग का घोड़ा होता ही नहीं। पर अकबर को तो बीरबल की परीक्षा लेनी थी। राजा चाहते थे कि, बीरबल किसी तरह अपनी हार को स्वीकार करें। मगर, बीरबल भी बहुत चालाक थे। वो जानता था कि, राजा उनसे क्या चाहते हैं। इसलिए वो भी घोड़ा ढूंढने का बहाना बनाकर सात दिनों तक इधर-उधर घूमते रहे।

जैसे ही आठवां दिन आया वो अकबर के सामने हाज़िर हो गए और कहने लगे आपका काम हो गया है मैंने आपकी आज्ञा के अनुसार हरे रंग के घोड़े का इंतज़ाम कर दिया है। ये सुनने के बाद अकबर को आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा जल्दी बताओ कहा है हरे रंग का घोड़ा। बीरबल ने कहा घोड़ा तो आपको मिल जायेगा पर घोड़े के मालिक की 2 शर्ते है – पहली शर्त तो ये है कि घोड़े को लेने के लिए आपको खुद जाना होगा।

ये सुनकर अकबर बड़ा खुश हुआ और कहने लगा कि, ये तो बड़ी आसान शर्त है। फिर बीरबल ने दूसरी शर्त बताई की घोड़ा ले जाने के लिए हफ्ते के सातों दिन के आलावा कोई और दिन देखना होगा। बीरबल ने हँसते हुए कहा घोड़ा लाने के लिए शर्ते तो माननी ही पड़ेगी।

अकबर समझ गया कि बीरबल को मुर्ख बनाना कोई आसान काम नहीं है।

12. संगति का असर : (Short Moral Stories in Hindi For Class 2)

राम और श्याम दो भाई थे, दोनों एक ही कक्षा में पढ़ा करते थे। राम पढ़ने में बहुत हुशियार था। पर उसका भाई पढ़ने से दूर भागता था। राम के जो दोस्त थे वो पढ़ने में अवल थे और वही दूसरी तरफ श्याम के दोस्तो को पढ़ने में बिलकुल दिलचस्पी नहीं थी, वो पढ़ाई से दूर भागते थे। ये सब देखने के बाद राम अपने भाई श्याम को उसके दोस्तों से दूर रहने के लिए बोलता था, लेकिन श्याम अपने भाई की बात नहीं सुनता और उसे कहता की आप अपने काम से मतलब रखो।

एक दिन श्याम अपने भाई के साथ स्कूल जा रहा था। उसका भाई राम कक्षा में चला गया अचानक श्याम के दोस्त आए और उसे कहने लगे कि आज हमारे दोस्त हरि का जन्मदिन है, इसलिए आज स्कूल ना जाओ। पहले तो श्याम ने मना किया, किंतु दोस्तों के बार-बार बोलने पर वह उनके साथ चला गया। धीरे-धीरे श्याम को आदत हो गई और वो हर रोज ऐसा करने लगा।

कुछ दिन बाद परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ, जिसमे श्याम और उसके दोस्त फेल हो गए। वही उसके भाई ने प्रथम स्थान हासिल किया। श्याम अपने घर मार्कशीट लेकर गया उसके माता-पिता ने जब उसके अंक देखे वो बहुत उदास हुए कि हमारा एक बेटा पढ़ने में इतना अच्छा है और दूसरा इतना नालायक।

श्याम को महसूस हुआ कि मैंने अपने माता-पिता का दिल दुखाया है जिसके बाद उसने उन्हें भोरसा दिलाया कि मैं अगली परीक्षा में आपको सफल होकर दिखाउँगा। श्याम ने अपने उन सब दोस्तों को छोड़ दिया जिन्होंने उसकी सफलता में उसका मार्ग रोका था और वो अपनी पढ़ाई में ध्यान देने लगा।

नतीजा यह हुआ कि साल भर की मेहनत से वह परीक्षा में सफल ही नहीं बल्कि उसने विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। उसके माता-पिता को बहुत खुशी हुई है और उन्होंने श्याम को गले से लगाया और शाबाशी दी।

शिक्षा – जैसी संगति वैसा ही परिणाम

13. बुद्धिमान साधू (Small Story in Hindi)

एक बड़ा सा राजमहल था, जिसके द्वार पर एक साधु आया और वो साधु द्वारपाल से आकर कहने लगा कि अंदर जाकर राजा से कहो कि उनका भाई उनसे मिलने आया है। द्वारपाल सोचने लग गया कि ये साधु के भेस में राजा से कौन मिलने आया है जो राजा को अपना भाई बता रहा है। फिर द्वारपाल ने समझा कि क्या पता कोई दूर का रिश्तेदार हो जिसने सन्यास ले लिया हो। द्वारपाल ने अंदर जाकर सूचना दी जिसके बाद राजा मुस्कुराने लगे और उन्होंने कहा कि साधु को अंदर भेज दो।

साधु ने पूछा, “ कैसे हो भैया

राजा ने जवाब दिया, “ मैं ठीक हूँ, तुम बताओ, तुम कैसे हो?

साधु ने राजा को कहा कि, “ मैं जिस महल में रहता हूँ वो बहुत ही ज्यादा पुराना हो गया है। कभी भी टूटकर गिर सकता है। यहाँ तक की मेरे 32 नौकर थे वो भी एक-एक करके चले गए। ये सब सुनकर राजा ने साधु को 10 सोने के सिक्के देने का आदेश दिया। पर साधु ने कहा 10 सोने के सिक्के तो कम है। ये सुनकर राजा ने कहा कि अभी तो इतना ही है तुम इससे काम चलाओ इसके बाद साधु वहाँ से चला गया।

साधु को देखकर मंत्रियो के मन में भी कई सवाल उठ रहे थे, उन्होंने राजा से कहा कि जितना हमे पता है आपका तो कोई भाई नहीं है तो अपने उस साधु को इतना बड़ा इनाम क्यों दिया? राजा ने जवाब देते हुए कहा, “देखो भाग्य के दो पहलू होते है- राजा और रंक, इस नाते उसने मुझे भाई बोला।

राजा ने समझते हुए कहा कि जर्जर महल से उसका मतलब उसका बूढ़ा शरीर था, 32 नौकर से उसका मतलब 32 दाँत थे। समंदर के बहाने उसने मुझे उलाझना दिया कि राजमहल में उसके पैर रखते ही मेरा राजकोष सुख गया, क्योंकि मैं मात्र उसे दस सोने के सिक्के दे रहा था जबकि मेरी हैसियत उसे सोने से तोल देने की है। इसलिए राजा ने ऐलान किया कि मैं उसे अपना सलाहकार नियुक्त करुँगा।

शिक्षा – किसी व्यक्ति के बाहरी रंग रूप से उसकी बुद्धिमत्ता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

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14. शेर की चाल : Inspirational Short Moral Stories in Hindi

एक घना जंगल था वहाँ चार बैल रहते थे। चारों बैल में काफी गहरी मित्रता थी। शेर की एक इच्छा थी वो चाहता था कि इन में से अगर कोई बैल मुझे अकेला मिल जाये तो मैं उसे मार कर खा जाऊँ। पर शेर की ये इच्छा कभी पूरी नहीं हुई। चारो बैल हमेशा झुंड बनाकर रखते थे और हमेशा एक दूसरे की मदद करने के लिए तैयार रहते थे।

शेर उनके बड़े सींगो से काफी डरता था, और उनसे दूर भागता था। एक दिन शेर ने सोचा कि ये चारो कभी भी एक दूसरे से अलग नहीं होते, मुझे कुछ ऐसा सोचना होगा जिससे मैं उन्हें एक दूसरे से अलग कर पाऊँ। इसलिए वह कोई ऐसी योजना सोचने लगा जिससे उनकी मित्रता तोड़ी जाए। एक दिन वह एक बैल के पास गया और उससे बोला, “तुम्हारे मित्र कहते है कि तुम बहुत बड़े मुर्ख हो।

यह सुनकर बैल को बहुत बुरा लगा और उसने दूसरे बैलों से बोलना छोड़ दिया। इसी तरह शेर ने सारे बैलों के बीच में एक दूसरे के लिए नफरत भर दी। इसके बाद शेर ने एक दिन एक बैल पर हमला कर दिया, ये देखकर तीनो बैल उसकी सहायता करने के लिए आगे आ गए। पहली बैल ने धन्यवाद करते हुए कहा कि हम मूर्ख नहीं है , जो शेर की चाल में आ जाते।

शिक्षा – एकता में ही बल है।

15. गरीब लकड़हारा : Motivational Short Moral Stories in Hindi

एक बार की बात है, एक गरीब लकड़हारा अपने सात बच्चों के साथ रहता था। वह इतना गरीब था कि अपने बच्चों को ठीक से खाना भी नहीं दे पाता था। इसी को देखते हुए उसने अपने बच्चों को जंगल में छोड़ने का फैसला किया।

लकड़हारा के छोटे बच्चे ने उसकी ये बात सुन ली। उसने बहुत सारे सफ़ेद पत्थर अपनी जेब में भर लिए। अगले दिन जब वे जंगल में जा रहे थे तो वह रास्ते में पत्थर गिराता रहा। उनके पिता जंगल में बच्चों को छोड़कर वापिस चले गए। छोटा बच्चा उन पथरो की मदद से अपने भाई-बहनों को घर ले आया। अगली बार वह बच्चा पत्थर नहीं बटोर पाया इसलिए उसने रास्ते में रोटी के टुकड़े फांके जिन्हे चिड़िया और जानवर खा गए। बच्चे इस बार घर का रास्ता नहीं ढूंढ पाए और वे रोने लगे।

वही घर में जब बच्चों के पिता को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो वह जंगल में अपने बच्चों को ढूंढ़ने निकल गए। अपने पिता को सामने देखकर बच्चे भाग कर उनके पास गए। पिता ने उनसे वादा किया कि आगे से वह ऐसा कभी नहीं करेंगे। बच्चे ख़ुशी-ख़ुशी अपने पिता के साथ घर की ओर चल पड़े।

Conclusion

बच्चों के मानसिक विकास के लिए कहानियाँ अहम भूमिका निभाती है। इसके साथ ही उन्हें एक आदर्श इंसान बनाने में मदद करती है। तो दोस्तों Kahaniyan सबके जीवन का एक अहम हिस्सा है, जिसके चलते आज हम आपके लिए Short Stories In Hindi For Kids और इसके साथ ही Moral Short Story In Hindi लेकर आए है, इन hindi small story को पढ़ने के बाद आपने इनसे कुछ न कुछ जरूर सीखा होगा।

आशा करती हूँ कि मेरे द्वारा दी गई Top 10 Moral stories in Hindi आपको जरूर पसंद आई होंगी, आपके बच्चे को सबसे अच्छी Short Stories Hindi कौन-सी लगी हमें नीचे Comment बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताये। ऐसी ही और मजेदार कहानियां पढ़ने के लिए बने रहिये हमारे साथ हिंदी सहायता पर, धन्यवाद।

FAQs

  • 3 प्रकार की कहानियां कौन सी है?

एक रिसर्च में में दावा किया गया कि कहानियां केवल तीन प्रकार की होती है –

  1. सुखद अंत (Happy ending)
  2. दुखद अंत (Unhappy ending)
  3. त्रासदी (Tragedy)
  • कहानियाँ इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

Stories या कहानियां हमें दूसरों को और खुद को समझने में एवं खुद में परिवर्तन लाने में मदद करती है। हम कहानियों में जिन पात्रों (character) को देखते है, उनके साथ हम सहानुभूति महसूस करते है।

  • एक अच्छी कहानी के लिए क्या संरचना होती है?

सबसे मजबूत कहानियों में अच्छी तरह से विकसित किया गया विषय, आकर्षक प्लॉट्स, उपयुक्त संरचना, यादगार केरैक्टर, अच्छी तरह से चुनी गई सेटिंग्स और आकर्षक स्टाइल आदि चीजे होती है।

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