दोस्तों मनुष्य शरीर में होने वाली बीमारी Piles के बारे में तो आपने सुना ही होगा, इस बीमारी के हो जाने पर मनुष्य को बहुत पीड़ा सहन करना पड़ती है। बवासीर या पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जो मनुष्य के शौच करने वाले अंग में होती है। लोगों की इस बीमारी का नाम सुनकर ही हालत ख़राब हो जाती है। इसी लिए आज हम आपके लिए Piles Kaise Hota Hai और Piles Kaise Thik Kare की पूरी जानकारी लाए है, जो आपको इस समस्या से बचने में मदद करेगी।

Piles शौच करने वाले अंग के अंदरूनी या बाहरी स्थान पर सूजन या मस्से के रूप में जन्म लेता है। यह कोई ज़्यादा गंभीर समस्या तो नहीं है लेकिन इस पर ध्यान ना देने और इसका सही से इलाज नहीं करने पर यह आगे चलकर कैंसर जैसी भयानक बीमारी में बदल सकती है। तो अब आपको पाइल्‍स क्या होता है के बारे तो पता चल गया होगा, लेकिन बवासीर की पूरी जानकारी ना प्राप्त करना आपके लिए कभी ना कभी समस्या का कारण बन सकता है। तो इसी लिए हमारी आज की पोस्ट Piles Kaise Thik Hota Hai को अंत तक ज़रूर पढ़े।

Bawasir Kya Hai (पाइल्स क्या है)

Bawasir को हम पाइल्स के नाम से जानते है तथा अंग्रेजी में इसे Hemorrhoids है। यह महिला और पुरुष दोनों में ही होने वाली एक समस्या है जो वर्तमान समय में हर उम्र के व्यक्ति में हो रही है। यह बहुत ही तकलीफ़ देने वाली समस्या है। यह मुख्यतः शौच करने वाले अंग में सूजन, मास्सा या गांठ के हो जाने से होती है। यह शौच करने वाले अंग पर ज़्यादा दबाव के कारण होता है। जिसके कारण शौच करने में बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है और इसमें शौच के साथ खून भी आता है।

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Piles Ke Prakar (बवासीर के प्रकार)

पाइल्स या बवासीर लोगों में चार प्रकार से होता है जिनके बारे में हम आपको आगे बता रहे है।

अंदरूनी बवासीर

यह बवासीर शौच करने वाले अंग के अंदर विकसित होता है और यह आम तौर पर दिखाई भी नहीं देता है क्योंकि यह शौच करने वाले अंग के बहुत अंदर बनता है। इस बवासीर से व्यक्ति को कोई ज़्यादा समस्या नहीं होती है और यह अपने आप ठीक भी हो जाती है।

बाहरी बवासीर

इस प्रकार का बवासीर शौच करने की जगह के ऊपरी हिस्से में होता है, ठीक उसी जगह पर जहाँ से मल बाहर आता है। कुछ स्थिति में यह दिखाई नहीं देते है लेकिन बाकि सभी स्थिति में यह गांठ के रूप में दिखाई पड़ते है इस बवासीर से कोई गंभीर समस्या नहीं होती है।

खूनी बवासीर

इस प्रकार के बवासीर में व्यक्ति को ज्यादा तकलीफ तो नहीं होती है लेकिन इसमें खून के थके बनने लगते है। इसमें शुरू में तो कम खून आता है, लेकिन धीरे-धीरे ज़्यादा खून आने लगता है। यह अंदरूनी और बाहरी दोनों ही बवासीर में होता है।

प्रोलिप्सड बवासीर

यह बवासीर तब होता है जब अंदरूनी बवासीर में सूजन आ जाता है और वह एक गांठ का रूप ले लेता है। तथा जब वह गांठ शौच की जगह से बाहर आने लगती है इस स्थिति को हम प्रोलिप्सड बवासीर कहते है।

Piles Symptoms (बवासीर के लक्षण)

अगर आपको पाइल्स की समस्या से बचना है तो आपको पाइल्‍स के लक्षण का पता होना चाहिए नहीं तो आप भी इसके शिकार हो सकते है। तो चलिए जानते है बवासीर के शुरुआती लक्षण के बारे में।

  • मल त्यागते समय बहुत ज्यादा दर्द महसूस होता है।
  • शौच करने की जगह लाल हो जाती है और वहाँ खुजली होने लगती है।
  • पूरी तरह से शौच करने के बाद खून आता है और अंदर मल अटका हुआ महसूस होता है।
  • शौच की जगह पर दर्द के साथ सूजन और गांठ हो जाती है।

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Piles Ke Liye Gharelu Upay (बवासीर से बचने के लिए घरेलू उपाय)

भारत एक ऐसा देश है जहाँ लोग हॉस्पिटल में Piles Treatment से ज़्यादा पाइल्‍स का घरेलू इलाज अपनाना पसंद करते है। तो आईये जानते है कुछ ऐसे ही बवासीर के घरेलू उपचार के बारे में!

  • बवासीर के लिए सुखी आम की गुठलियों को पीस कर बारीक़ चूर्ण बना लेना है और उस में 2 चम्मच शहद में मिलाकर दिन में दो बार सेवन करे है यह नुस्खा बवासीर के लिए बहुत फ़ायदेमंद है।
  • नारियल तेल भी पाइल्स के दर्द से बहुत राहत देता है इसके लिए आप इसे मस्से या गांठ पर लगाए।
  • Piles Ki Problem का मुख्य कारण कब्ज़ होता है इसी लिए कब्ज़ को ठीक करने के लिए आपको इसबगोल और त्रिफला का चूर्ण बनाकर सेवन करना चाहिए, जिससे आपका कब्ज़ ठीक हो जाएगा और फिर धीरे-धीरे आपको बवासीर से भी राहत मिल जाएगी।
  • अगर आपको Piles Ki Bimari से बचना है तो आपको ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना चाहिए जिससे आपको कब्ज़ नहीं होगा और बवासीर की समस्या से राहत मिलेगी।
  • शौच करने की जगह के आस पास सूजन या दर्द महसूस होने पर आप उस जगह पर बर्फ से सिकाई कर सकते है, इससे आपको सूजन और दर्द दोनों में राहत मिलेगी।
  • बवासीर से बचने के लिए आपको एक गिलास दूध में 2 चम्मच आरंडी का तेल मिलाकर पीना चाहिए और आप आरंडी के तेल को पाइल्स के मस्से या गांठ पर भी लगा सकते है। इससे आपको बहुत ज़्यादा राहत मिलेगी।

बवासीर के कारण (Piles Ke Karan)

शौच करने के अंग के अंदर की चारों तरफ की नसों पर दबाव और खिचाव बढ़ने की स्थिति में उस जगह पर सूजन आ जाता है। जो धीरे-धीरे मस्से या गांठ का रूप ले लेता है। जिसे हम बवासीर कहते है तो अब जानते है यह किन कारणों से होता है।

  • मल त्यागते समय ज़्यादा जोर लगाने पर पाइल्स हो सकता है।
  • ज्यादा ही समय से दस्त और कब्ज़ का होना भी बवासीर का कारण बन सकता है।
  • अधिक समय तक टॉयलेट में बैठने से भी शौच करने के अंग की रक्त नलिकाओं पर दबाव पढ़ता है इस कारण आप में पाइल्स होने का ख़तरा बढ़ जाता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ बवासीर से बचाने वाली ऊतक कमजोर हो जाती है जो Bawasir Ke Lakshan से हमें बचा नहीं पाती है और हम बवासीर के शिकार हो जाते है।
  • आपके पेट का मोटापा भी शौच करने के अंग की मांसपेसियों पर दबाव पहुँचता है जिससे भी बवासीर हो सकता है।

Piles Se Bachne Ke Upay (बवासीर से बचने के उपाय)

बवासीर से बचने के लिए आप कई तरीकों का इस्तेमाल कर सकते है जिनमे से कुछ हम आपको नीचे बता रहे है।

  • अगर आपका काम एक जगह बैठे रह कर करने का है या आप एक ही जगह पर लगातार बैठे रहते है। तो हर 1-2 घंटे में 2-3 मिनट का ब्रेक ले कर घूम लेना चाहिए।
  • अगर आपको मल त्यागने में समस्या आती है तो अपनी लाइफ में व्यायाम को शामिल करें। इसके लिए आप 30 से 45 मिनट नॉर्मली व्यायाम करें और कुछ समय पैदल चले या रनिंग करें, इससे आपकी यह समस्या ख़तम हो जाएगी।
  • अगर आपकी मल त्याग करने की इच्छा हो रही है तो आप उसे अन-देखा ना करें। इससे यह होगा की आपका मल सूखने लग जाता है और फिर बाद में मल त्यागने में ज़्यादा समस्या होती है और ज़्यादा जोर भी लगाना पड़ता है, जिसकी वजह से शौच करने के अंग पर बहुत दबाव पड़ता है जो आपके लिए समस्या कारण बन सकता है।
  • टॉयलेट में ज़्यादा समय तक ना बैठे इससे आपके शौच करने के अंग पर दबाव पड़ता रहता है इसी के साथ शौच करते समय ठीक से बैठे नहीं तो आपके लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

Bawasir Ka Ilaj Hindi Me (पाइल्‍स का इलाज)

अगर आपको अपने शरीर में बवासीर के लक्षण दिख रहे है तो ज़्यादा समय ना लगाते हुए सीधे डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए। वह इसकी जांच करके पता कर लेंगे की आपको पाइल्स है की नहीं, जांच के लिए अधिकतर डॉक्टर दो तरीकों का इस्तेमाल करते है।

  • इसमें डॉक्टर अपने हाथों में ग्लव्स पहन कर मरीज़ के शौच करने के अंग के अंदर अपने हाथ की उंगलियों से चेक करता है की आपको बवासीर में होने वाला मस्सा या गांठ तो नहीं है।
  • अगर इस तरीके से बवासीर की पकड़ नहीं हो पाती है तो उसके लिए फिर डॉक्टर Proctoscope और Anoscope जैसे यंत्रों का उपयोग करके शौच करने के अंग के अंदर डालकर उसकी अच्छे से जांच करते है जिससे उन्हें पता चल जाता है की मरीज़ को पाइल्स है की नहीं।

पाइल्स का पता चल जाने के बाद डॉक्टर आपको उसके लिए आवश्यक सलाह और Piles Ki Dawa देते है। अगर आपका बवासीर लास्ट स्टेज में है तो आपको उसके लिए ऑपरेशन भी करना पड़ सकता है।

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Bawaseer Ki Dawa (पाइल्‍स की दवा)

यहाँ पर हम आपको बवासीर या पाइल्स से राहत दिलाने वाली कुछ दवाइयों के नाम बताने जा रहे है। लेकिन आप इन्हे इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से ज़रूर सलाह ले।

  • Corticosteroids
  • Paracetamol
  • Sbl Silicea Dilution
  • Divya Abhayarishta

Conclusion:

तो दोस्तों आज हमने आपको एक ऐसी समस्या की जानकारी दी है जिसे अधिकतर लोग ना तो किसी को बता पता है और ना ही किसी से छुपा पाते है। जिसे हम बवासीर के नाम से जानते है। जिस भी व्यक्ति को इसके बारे में पता है वह सभी इस बीमारी से दूर ही रहना चाहते है, क्योंकि इस बीमारी में जिस जगह और जिस तरह से तकलीफ़ होती है उसे सहन कर पाना बहुत ही मुश्किल होता है। इसी लिए आज हमने आपको Piles Ki Puri Jankari से अवगत कराया। अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो हमारी आज की पोस्ट Piles Kaise Hota Hai Hindi Me को अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें ताकि उन्हें में पाइल्स के लक्षण के बारे में पता चले, धन्यवाद!

नोट:- हमारे इस आर्टिकल में दी गयी जानकारी से हम यह दावा नहीं करते है की यह पूर्णतः सटीक है इसलिए इन उपायों को अपनाने से पहले संबंधित चिकित्सक से एक बार सलाह जरूर ले।

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