दोस्तों आपने कई बार देखा होगा की जब आप ड्राइविंग कर रहे होते है तो अचानक से आपकी गाड़ी के सामने कोई आ जाता है और आप खुद को और उसे बचाने के लिए तेज़ी से अपना ब्रेक दबा देते है, जिसके कारण आपकी गाड़ी अनियंत्रित होकर अपना संतुलन खो देती है जिससे दुर्घटना हो जाती है। देश-दुनिया में ऐसी घटनाएँ रोज और हर मिनट होती रहती है, जिसके कारण ना जाने कितने लोग अपनी जान गवां देते है। लेकिन इससे बचने के लिए एक खास टेक्नोलॉजी ABS System है जिसके बारे में हम आपको आज बताएँगे।

इन सभी घटनाओं से बचने के लिए आज कई कंपनियाँ प्रयास कर रही है और नयी-नयी टेक्नोलॉजी का आविष्कार कर रही है, जिससे दुर्घटना होने से बचा जा सके। ऐसी ही एक टेक्नोलॉजी का आविष्कार किया गया है जिसका नाम है ABS, इस टेक्नोलॉजी की मदद से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। आइए जानते है ABS Kaise Kam Karta Hai और किस प्रकार ABS से हमारी जान बच सकती है।

ABS Kaise Kam Karta Hai

ABS Kya Hai

ABS को Anti-lock Braking System Or Anti-skid Braking System के नाम से भी जाना जाता है। एबीएस सिस्टम का मतलब गाड़ियों की सेफ ड्राइविंग करने के साथ-साथ गाड़ी को नियंत्रण में करना होता है।

ABS 1929 मे एयरक्राफ़्ट के लिए डिज़ाइन किया गया था लेकिन ये कारों मे सबसे पहले 1966 मे इस्तेमाल किया गया था। धीरे-धीरे 1980 के बाद से एबीएस सिस्टम कार मे लगाया जाने लगा और आज की तारीख मे ABS System Kit इतना पॉपुलर है की हर नयी कारों मे आपको ABS सिस्टम मिल जाएगा।

ABS Full Form:

ABS Ka Full Form – Anti-lock Braking System होता है !

ABS का सबसे बड़ा फायदा यह है की आप चाहे जितनी भी स्पीड में हो और अगर अचानक से आपको ब्रेक दबाने पड़ जाए तो आपकी मोटरसाइकिल या कार कभी फिसलेगी नहीं। अचानक ब्रेक लगाने पर एबीएस ब्रेक सिस्टम फीचर पहियों को लॉक नहीं होने देता है। इस वजह से ड्राइवर कार पर नियंत्रण नहीं खोता है और कार बिना फिसले और असंतुलित हुए दिशा बदल लेती है और रुक जाती है।

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ABS System Bikes

यह एबीएस ब्रेक सिस्टम बाइक के साथ भी लागू होता है। बारिश के समय जब रोड गीली हो जाती है तब भी ABS ही काम आता है मतलब ना तो तेज़ स्पीड में आपकी बाइक फिसलेगी, ना ही गिरेगी और आम ब्रेकिंग सिस्टम के मुकाबले पहले ही रूक जाएगी।

साल 2019 में देश के सभी वाहनों में Anti Lock Braking System Kit फीचर्स को अनिवार्य कर दिया गया है और यह पुष्टि ट्रांसपोर्ट एवं हाइवे मिनिस्ट्री की ओर से की गई थी। यह गाड़ी का ऐसा फीचर है, जिससे बीते सालों में सड़क हादसों की संख्या काफी हद तक घटी है। क्योंकि वाहनों में लगाया जाने वाला ABS सिस्टम एक सुरक्षा व्यवस्था है।

ABS System Working

ABS Material कई कंपोनेंट्स को मिलाकर बनाया जाता है और यह एक सिस्टम की तरह ही काम करता है। इसमें लगा सेंसर आपकी गाड़ी के पहियों पर लगातार निगरानी बनाए रखता है और उससे मिले डाटा को कंट्रोल यूनिट में भेजता है।

यहाँ भेजे जाने वाले डाटा में आपकी गाड़ी की Speed, Decelerate Rate, आदि जैसी चीज़ें शामिल होती हैं। ABS में कुल चार कंपोनेंट्स होते हैं, जो इस प्रकार हैं:

Speed Sensor

इसका इस्तेमाल गाड़ी के पहियों की स्पीड की जाँच करने के लिया किया जाता है। इसमें एक एक्साइटर (V- आकार के दांतों वाली एक अंगूठी) और एक तार की कुंडली / चुंबक असेम्बल होती है, जो बिजली के दालों को उत्पन्न करती है क्योंकि एक्साइटर के दांत उसके सामने से गुजरते हैं।

Valve

इस कंपोनेंट्स का इस्तेमाल ब्रेक के प्रेशर को नियंत्रित या कम करने के लिए किया जाता है। ABS क्रिया के दौरान Valve ब्रेक के वायु दबाव को नियंत्रित करता है। प्रत्येक ब्रेक की ब्रेक लाइन में एक वाल्व होता है जिसे ABS द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

पहली स्थिति में, ब्रेक Valve खुला होता है और यह मास्टर सिलेंडर से ब्रेक को स्थानांतरित करने के लिए दबाव देता है। दूसरी स्थिति में, ब्रेक वाल्व बंद रहता है और मास्टर सिलेंडर से ब्रेक पर दबाव डाला जाता है। तीसरी स्थिति में, वाल्व ब्रेक पर कुछ दबाव छोड़ता है।

Electronic Control Unit

यह ड्राइवर के ब्रेक दबाने के बाद पूरी क्रिया को नियंत्रित करता है ताकि फिसलन वाली जगहों पर कम से कम फिसले। यह यूनिट द्वारा विश्लेषण किए गए आंकड़ों के अनुसार, ECU सर्किट में सेंसर से संकेत प्राप्त करता है और ब्रेक दबाव को नियंत्रित करता है।

Hydraulic Control Unit

इसका इस्तेमाल पंप को हाइड्रोलिक ब्रेक्स पर प्रेशर बनाने के लिए किया जाता है। एयर ब्रेक सिस्टम लॉकिंग को डिटेक्ट करने के लिए सभी पहियों की स्पीड को मॉनिटर करता रहता है और जैसे ही ABS सिस्टम को अचानक ब्रेक लगाने का पता चलता है तो यह गाड़ी के Hydraulic System पर दबाव डालता है और इसके द्वारा Brake Pads Discs के विपरीत दबाव बनाता है जिससे आपकी कार या बाइक धीरे हो जाती है।

एबीएस ब्रेक सिस्टम मे यह क्षमता भी होती है की वापस से Hydraulic Motor के द्वारा प्रेशर बनाया जा सके। यह सिस्टम बहुत तेज़ी से काम करता है।

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Conclusion:

अब यदि आप नयी कार या बाइक लेने का सोच रहे है तो अपनी और अपनों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर Anti-lock Braking System वाली ही ले, जिससे आपकी और आपके परिवार की भी सुरक्षा बनी रहे। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो और इससे आपको किसी प्रकार से सहायता प्राप्त हुई है तो पोस्ट को शेयर ज़रुर करे ताकि अन्य लोगों को भी यह जानकारी प्राप्त हो सके। यदि इस पर आपके किसी तरह के कोई विचार या सुझाव है तो कमेंट करके जरूर बताए, धन्यवाद!

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