आज टेक्नोलॉजी इतनी ज्यादा बढ़ गई है जिससे हम अपने सारे काम मोबाइल पर कर सकते है। सभी स्मार्टफोन यूजर्स इन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते है और इन्हीं में से एक टेक्नोलॉजी है GPS, जिसकी मदद से हम किसी भी लोकेशन को जान सकते है, उसका पता लगा सकते है। यदि आप कही ऐसी जगह जा रहे है जहाँ का रास्ता आपको पता नहीं है तो GPS Tracker के द्वारा रास्ते का पता लगाया जा सकता है, जिसके द्वारा आप आसानी से अपनी लोकेशन तक पहुँच सकते है। तो आज की पोस्ट में हम आपको GPS Ke Bare Me Jankari प्रदान करेंगे।

पहले के समय में जहाँ रास्ता खोजने में काफी समय लग जाता था वही अब यह काम कुछ ही सेकंड्स में किया जा सकता है। अगर आप अपना रास्ता भटक गए है या जहाँ आप जाना चाहते है वहां का रास्ता आपको नहीं मिल रहा है तो इस स्थिति में GPS System का इस्तेमाल किया जाता है। गति, दिशा के अलावा भी यह और भी कामों में प्रयोग किया जाता है तो आइए अब जानते है विस्तार में GPS Kya Hota Hai

GPS Kaise Use Kare

GPS Kya Hai

GPS Location का इस्तेमाल किसी भी जगह की लोकेशन को पता करने के लिए किया जाता है। यह एक Global Navigation Satellite System है। आप इसकी मदद से कितनी भी दूरी का पता लगा सकते है। जीपीएस लोकेशन का पता लगाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

GPS Full Form:

GPS Ka Full Form होता है – GLOBAL POSITIONING SYSTEM

GPS Full Form In Hindi:

जीपीएस फुल फॉर्म हिंदी में होता है – वैश्विक स्थान -निर्धारण प्रणाली

हम अपने मोबाइल में जब भी कुछ लोकेशन से सम्बन्धित एप्स का इस्तेमाल करते है तो हमें GPS ऑन करना होता है। आज आपको यह सुविधा सभी स्मार्टफोन में मिलेगी, लेकिन सभी लोग इसका इस्तेमाल नहीं करते है। GPS को सबसे पहले अमेरिका के Defence Department ने 1960 में बनाया था। इसका सबसे ज्यादा उपयोग रास्ता ढूंढने के लिए होता है। GPS ट्रेन, एयरक्राफ्ट, बस आदि Transportation Service में बहुत ज्यादा उपयोग की जाती है।

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How To Use GPS In Hindi

GPS का उपयोग किस तरह से किया जाता है। यह हम आपको नीचे बता रहे है। इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। तो जानते है अब GPS Kaise Chalate Hai;

Step 1: Download Google Maps

सबसे पहले आपको अपने मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से Google Map एप्प डाउनलोड करना होगा।

Step 2: Open Google Maps

यदि गूगल मैप पहले से आपके फोन में इनस्टॉल है तो इसे ओपन करे।

Step 3: Search Box

GPS को अपने मोबाइल में ऑन करने के बाद सर्च बॉक्स में उस लोकेशन या जगह का नाम डाले, जो आपको सर्च करना है।

Step 4: Tap The Destination

अब जैसे ही आपका डेस्टिनेशन स्क्रीन पर आ जाए उस पर क्लिक कर दीजिए।

Step 5: Tap Directions

इसके बाद आपको “Direction” बटन पर क्लिक करना है।

Step 6: Enter a Starting Point

यहाँ अपना स्टार्टिंग पॉइंट सिलेक्ट करे।

Step 7: Select Transportation Mode

स्टार्टिंग पॉइंट सिलेक्ट करने के बाद ट्रांसपोर्टेशन मोड सिलेक्ट करना है।

Step 8: Tap On Start Button

बस अब “Start” के ऑप्शन पर क्लिक कर दीजिए।

GPS में बहुत सी सेटिंग होती है। आप अपने अनुसार उसकी सेटिंग कर सकते है तथा यह भी पता लगा सकते है की आप अपनी लोकेशन से कितनी दूर है।

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GPS Kaise Kaam Karta Hai

GPS Map सैटेलाइट के द्वारा काम करता है। इन सैटेलाइट से पृथ्वी पर सिग्नल भेजे जाते है। GPS इन सिग्नल्स को जोड़ता है। सैटेलाइट से जो सिग्नल्स आते है GPS उन Signals को Map में Show करता है। अमेरिका ने 50 से भी ज्यादा GPS Satellite Launch किये है। प्रत्येक सैटेलाइट 24 घंटे सिग्नल भेजते रहते है। रिसीवर उन सिग्नल्स के समय और दूरी को भी रिसीव करता है। यदि आपका फोन सिग्नल रिसीव करता है तो आपको अपनी लोकेशन का पता लग जाता है।

GPS Ke Prakar

अब जानते है GPS कितने प्रकार के होते है और इनके प्रकारों के आधार पर यह क्या काम करते है:

Assistant GPS

इस GPS का प्रयोग जब GPS Positioning System शुरू होता है तो उसकी प्रोसेस की स्पीड को बढ़ाने के लिए करते है तथा जब सिग्नल लॉक होता है तब Assistant GPS Position को लॉक करने के लिए रिसीवर की मदद करता है। इसे Web Based Internet Server कहा जाता है। जो पहले से सैटेलाइट की जानकारी को स्टोर करके रखता है।

Simultaneous-GPS

इससे मोबाइल को GPS और Voice Data एक ही समय में मिलते है। नेटवर्क Carrier के लिए सैटेलाइट पर आधारित रिपोर्टिंग को इम्प्रूव करने के लिए यह तरीका अपनाया जाता है। इससे ही नेटवर्क प्रोवाइडर, Location Service Provide करते है।

GPS Locking

हमें जब किसी चीज का बिल्कुल सही पता लगाना होता है तब GPS Locking का प्रयोग किया जाता है। इससे हम किसी भी डिवाइस की बिल्कुल सही लोकेशन पता कर सकते है। GPS Lock, ट्रैकर की स्पीड पर निर्भर करता है। अगर कोई ड्राइविंग कर रहा है तो उसकी स्पीड कम हो जाती है तथा उसकी लोकेशन का पता लगाने में समय लगेगा। GPS Locking 3 प्रकार की होती है जिनके बारे में आपको हम नीचे बता रहे है।

Hot Start

अगर GPS को आपकी Last लोकेशन पता होती है तथा साथ ही UTC Time भी पता होता है तो यह उस सैटेलाइट की मदद लेता है और उस जानकारी के अनुसार नई लोकेशन का पता लगाता है। यह प्रक्रिया आपकी लोकेशन के ऊपर भी निर्भर होती है। यदि GPS Receiver Last Position के नज़दीक होता है तो ट्रैकिंग की स्पीड तेज हो जाती है।

Warm Start

इसमें GPS इस जानकारी के साथ ही पहले वाली जानकारी को भी स्टोर करके रखता है। इस प्रकार से रिसीवर पूरे डाटा को रिसेट कर देता है और नई लोकेशन का पता करने के लिए सैटेलाइट सिग्नल्स का इस्तेमाल करता है। यह थोड़ा स्लो होता है लेकिन कुछ ही समय में ट्रैकिंग कर लेता है।

Cold Start

इसमें कोई भी जानकारी पहले से नहीं होती है। यह अपनी ट्रैकिंग शुरू से ही स्टार्ट करता है इसलिए इसमें लोकेशन को ट्रेस करने में समय ज्यादा लग जाता है।

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Conclusion:

तो इस तरह आप अपने फोन की मदद से जीपीएस मैप द्वारा किसी भी जगह का पता लगा सकते है किसी भी स्थान तक पहुँचने में यह आपकी मदद करेगा। तो दोस्तों यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो और यह आपके लिए उपयोगी साबित हुई है तो कमेंट में बताए। साथ ही पोस्ट को शेयर करना ना भूले और ऐसी ही आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए जुड़े रहे हमारे साथ हिंदी सहायता पर, धन्यवाद!

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