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Shabd Kise Kahate Hain – शब्द की परिभाषा, उदाहरण और भेद।

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शब्द वे होते है, जो दो या दो से अधिक वर्णों और अक्षरों के संयोग या योग से बनते है। आसान भाषा में समझे तो वर्णों का सार्थक मेल शब्द कहलाता है। Shabd हिंदी व्याकरण का एक मुख्य टॉपिक है जिसके बिना हिंदी व्याकरण अधूरी है, इसलिए आज मैं आपको Shabd Kise Kahate Hain इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देने जा रही हूँ।

हिंदी व्याकरण एक ऐसा विषय है जिसको समझने के लिए हिंदी वर्णमाला के बाद शब्द को समझना बेहद आवश्यक होता है। जैसे कि हम सभी जानते है कि हिंदी वर्णमाला में 52 वर्ण होते है जिसमे से 35 व्यंजन, 13 स्वर और 4 संयुक्त व्यंजन होते है और इन्ही वर्णों से शब्द बनते है। यदि आप भी जानना चाहते है कि शब्द किसे कहते हैं और Shabd Ke Kitne Bhed Hote Hain तो आज की यह पोस्ट आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।

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Shabd Kise Kahate Hain

शब्द किसे कहते हैं

अर्थ के आधार पर भाषा की सबसे छोटी सार्थक इकाई “शब्द” कहलाती है। जब दो या दो से अधिक वर्ण मिलकर किसी एक शब्द का निर्माण करते है उसे शब्द कहते है। अर्थात किसी निश्चित अर्थ को प्रकट करने वाले वर्ण समूह को शब्द कहा जाता है।

उदाहरण – क+म+ल = कमल

इस उदाहरण में हम देख सकते है कि , और इन तीनों वर्णों को मिलाकर एक शब्द बन रहा है कमल और अंत में ये शब्द एक अर्थ को प्रकट करता है जिसका मतलब होता है फूल या पुष्प।

उम्मीद है अब आप जान गए होंगे कि Shabd Ka Arth क्या होता है। चलिए अब जानते है कि शब्द की परिभाषा क्या है?

Shabd Kya Hote Hai

शब्द की परिभाषा (Shabd Ki Paribhasha)

दो या दो से अधिक वर्णों और अक्षरों का एक ऐसा सार्थक समूह जिन्हें मिलाकर कोई निश्चित अर्थ निकले उसे शब्द कहते है।

शब्द मुख्यतः 2 प्रकार के होते है जो कि नीचे निम्नलिखित है –

  • सार्थक शब्द
  • निरर्थक शब्द

1. सार्थक शब्द – वह शब्द जिनका कोई निश्चित अर्थ हो या जो निश्चित अर्थ का बोध कराते हो ऐसे शब्दों को सार्थक शब्द कहते है।

उदाहरण – लड़का, रोटी, पंखा, रात, दिन आदि

2. निरर्थक शब्द – ऐसे शब्द जिनका अंत में कोई अर्थ नहीं निकलता, उन्हें निरर्थक शब्द कहा जाता है। इन शब्दों का प्रयोग आमतौर पर सार्थक शब्दों के साथ किया जाता है।

उदाहरण – रोटी-शोटी, पानी-वानी आदि।

इसी के साथ अब आप जान चुके होंगे कि Shabd Kya Hai और शब्द का अर्थ क्या होता है चलिए अब आगे जानते है कि शब्द कितने प्रकार के होते है।

शब्द के भेद

हिंदी व्याकरण में शब्द एक प्रकार के नहीं बल्कि विभिन्न प्रकार के होते है, इसी को देखते हुए शब्दों का वर्गीकरण 4 भागों में किया गया है। आगे आपको शब्द के कितने भेद होते है (Shabd Bhed In Hindi) इसके बारे में संक्षेप में बताया है।

  • अर्थ के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण
  • रचना या बनावट के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण
  • उत्पत्ति के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण
  • रूप के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण

1. अर्थ के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण

अर्थ के आधार पर शब्द 4 प्रकार के होते है जो कि निम्नलिखित है-

  • एकार्थक शब्द
  • अनेकार्थी शब्द
  • विलोम शब्द
  • पर्यायवाची शब्द

1. एकार्थक शब्द – ऐसे शब्द जिनका एक अर्थ होता है और उनके अर्थ में काफी कम अंतर होता है उन्हें एकार्थी शब्द कहते है। अगर इन शब्दों को अर्थ की दृष्टि से देखा जाये तो ये एक समान से लगते है। उदाहरण –

  • प्रणाम – बड़ो के लिए
  • नमस्ते – छोटे-बड़े सभी के लिए

2. अनेकार्थी शब्द – एक से अधिक अर्थ देने वाले शब्दों को अनेकार्थी शब्द कहते है। उदाहरण –

  • काल – समय, मृत्यु, यमराज
  • जलज – कमल, मोती, चन्द्रमा, सेवार

3. विलोम शब्द – किसी भी शब्द का उल्टा विपरीत अर्थ बताने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहा जाता है। उदाहरण –

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  • मोटा – पतला
  • आशा – निराशा

4. पर्यायवाची शब्द – जिन शब्दों के एक से ज्यादा अर्थ निकले या उनके अर्थ में समानता हो उन्हें पर्यायवाची शब्द कहा जाता है। उदाहरण –

  • कमल – पुण्डरीक, जलज, पंकज, नीरज, सारंग, शतपत्र, वारिज।
  • फूल – पुष्प, कुसुम, सुमन।

2. रचना के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण

रचना के आधार पर शब्दों को तीन भागों में बांटा गया है और Rachna Ke Aadhar Par Shabd Ke Kitne Bhed Hote Hain, जिनके बारे में आपको निचे उदाहरण सहित बताया गया है –

  • रूढ़ शब्द
  • यौगिक शब्द
  • योगरूढ़ शब्द

1. रूढ़ शब्द – ऐसे शब्द जिन्हें अलग करने के बाद उनके खंडो का कोई अर्थ ना निकले उन्हें रूढ़ शब्द कहा जाता है। उदाहरण –

  • घ+र = घर
  • क+म+ल = कमल

जैसे कि ऊपर दिए गए उदाहरण में हमने एक शब्द लिया “घर” लेकिन घर शब्द को अलग-अलग करने पर ‘घ’ और ‘र’ शब्द का कोई मतलब नहीं निकलता, इसलिए ये रूढ़ शब्द होते है।

2. यौगिक शब्द – यौगिक शब्द वे शब्द होते है, जो दो शब्दांशों के जोड़ से बने हुए होते है और अंत में उसका एक निश्चित अर्थ निकलता है। अर्थात ऐसे शब्द जिनका विभाजन करने के बाद उनका कोई अर्थ निकले, उन्हें यौगिक शब्द कहा जाता है। उदाहरण –

  • राज+महल = राजमहल
  • प्रधान+मंत्री = प्रधानमंत्री

जैस कि ऊपर दिए गए उदाहरण में हमने एक शब्द लिया “राजमहल”, अगर हम इस शब्द को अलग-अलग करते है तो ‘राज’ और ‘महल’ दोनों शब्दों का मतलब निकलता है इसलिए ये यौगिक शब्द कहलाते है।

3. योगरूढ़ शब्द – वे शब्द जो किसी एक अर्थ के लिए रूढ़ हो जाते है उन्हें योगरूढ़ शब्द कहते है। उदाहरण –

  • दशानन शब्द (रावण के लिए) रूढ़ है।
  • जलज शब्द (कमल के लिए) रूढ़ है।

3. उत्पत्ति के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण

उत्पत्ति के आधार पर शब्दों को पाँच भागों में बाँटा गया है जो कि नीचे दिए गए है-

  • तत्सम शब्द
  • तद्भव शब्द
  • देशज शब्द
  • विदेशी शब्द
  • पुर्तगाली
  • अंग्रेजी

1. तत्सम शब्द – तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों के मिलाप से बना है तत् और सम्, जिसमें “तत्” का अर्थ है उसके तथा “सम्” का अर्थ है समान। आसान भाषा में समझे तो तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के वो शब्द है जिनका प्रयोग हिंदी में बिना किसी परिवर्तन के साथ किया जाता है।

उदाहरण – मयूर, दुग्ध, पितृ, वानर, खीर आदि

2. तद्भव शब्द – तद्भव शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है “तत्” और “भव” जिसमें “तत्” का अर्थ है उसके तथा भव का अर्थ है उत्पन्न होना। तद्भव शब्द संस्कृत भाषा के वे शब्द है जो कुछ परिवर्तन के साथ हिंदी शब्दावली उपयोग किये जा रहे है।

उदाहरण – गेहूं, कोयल, बंदर, दूध, मेंढक आदि।

3. देशज शब्द – देशज शब्द वे शब्द होते है जिन्हे हिंदी भाषा में क्षेत्रीय भाषाओं या आदिवासी भाषाओं से स्वतः ग्रहण कर लिया जाता है, उन्हे देशज शब्द कहते है।

उदाहरण – कटोरा, घोटाला, माथा, पानी, बक-बक आदि।

4. विदेशी शब्द – किसी अन्य देश की भाषाओं से ग्रहण किया गए शब्दों को विदेशी शब्द कहा जाता है। विदेशी शब्द 5 प्रकार के होते है जो कि नीचे दर्शाए गए है-

  1. अरबी – अजब, तरक्की, जालिम, जवाब, इस्तीफा, ईमान, एहसान, कसूर, कर्ज, किताब, दावत, नतीजा, मजबूर, वकील, हमला, मतलब, मौका, मामूली, मुहावरा नकद, दुआ, दुकान आदि।
  2. फारसी शब्द – सौदागर, वापिस, लेकिन, मुफ्त, पैमाना, पैदावार, दिल, दिलेर, तमाशा, जिगर, तनख्वाह, जहर, कबूतर, आवाज़, आवारा, आमदनी, आराम, किशमिश, किनारा, खुद, चादर आदि।
  3. तुर्की शब्द – कैंची, चमच, उर्दू, आका, कालीन, बेगम, सुराग, बहादुर, तलाश, तोप, कालीन, काबू, मुगल, कुली, चेचक, तमगा आदि।
  4. पुर्तगाली शब्द – परात, पादरी, बाल्टी, चाबी, तम्बाकू, फीता, साया, मेज, कमीज, अलमारी, कमरा, गमला, गोभी, नीलम, पिस्तौल आदि।
  5. अंग्रेजी शब्द – पुलिस, कमेटी, कांग्रेस, टिकट, फीस, डॉक्टर, मास्टर, सिनेमा, रेल, स्टेशन, हेड आदि।

4. रूप के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण

रूप के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण 2 भागो में किया गया है-

  • विकारी शब्द
  • अविकारी शब्द

विकारी शब्द क्या होते है?

ऐसे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक और काल के कारण कोई परिवर्तन होता है, उन्हें विकारी शब्द कहते है अर्थात वो शब्द जिनका रूप बदलता रहता है उन्हें विकारी शब्द कहा जाता है। जैसे की –

  • लड़का – परिवर्तन (लड़के, लड़को, लड़की)
  • वह – परिवर्तन (वे)
  • नीला – परिवर्तन (नीले, नीली)

विकारी शब्द 4 प्रकार के होते है-

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया

अविकारी शब्द क्या होते है?

ऐसे शब्द जिनके रूप में कभी परिवर्तन नहीं होता अर्थात वो शब्द जिनका रूप नहीं बदलता उन्हें अविकारी शब्द कहा जाता है। जैसे कि –

  • कुर्सी अंदर रख दो।
  • घर के सामने पेड़ है।

अविकारी शब्द 4 प्रकार के होते है-

  1. क्रिया-विशेषण
  2. संबंधबोधक
  3. समुच्चयबोधक
  4. विस्मयादिबोधक

Conclusion

आज की इस पोस्ट में हमने हिंदी व्याकरण के एक सबसे महत्वपूर्ण विषय के बारे में जानकारी हासिल की है जिसमे हमने जाना कि Shabd Kitne Prakar Ke Hote Hain और Shabd Ka Arth Kya Hai. उम्मीद करते है की आपको हमारी ये जानकारी पसंद आयी होगी, अगर आपको ये पोस्ट पसंद आयी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे, ताकि वो भी इस विषय से जुड़ी जानकरी हासिल कर सके। अगर आपका इस विषय से जुड़ा कोई भी सवाल है तो हमे Comment बॉक्स में कमेंट करके जरूर पूछे।

Shabd से जुड़े FAQ

  • विकारी शब्द कितने प्रकार के होते है?

विकारी शब्द 4 प्रकार के होते है जो कि नीचे निम्नलिखित है –

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया
  • विदेशी शब्द कितने प्रकार के होते है?

विदेशी शब्द 5 प्रकार के होते है- अरबी, फ़ारसी, तुर्की, पुर्तगाली और अंग्रेजी शब्द।

  • तत्सम शब्द के उदाहरण क्या है?

तत्सम शब्द के उदाहरण दुग्ध, पितृ, अमूल्य, चंद्र, गुजराती और कन्नड़ आदि है।

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Mahak Arora

महक अरोरा एक जागरूक व्यक्तित्व है, इन्हें शिक्षा और मनोरंजन विषय के ऊपर लिखने में विशेष रूचि है और इसी के साथ ये लोगों तक अपनी बात पहुंचाना बेहद पसंद करती है।

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