Ozone Parat Kya Hai? Ozone Parat Kis Mandal Me Pai Jati Hai? - जानिए Ozone Parat Ke Karya, चरण, लाभ और बचने के उपाय - Hindi Sahayta
Ozone Parat Kya Hai यह जानना प्रत्येक मनुष्य के लिए आवश्यक है। ओज़ोन परत के बिना पृथ्वी पर जीवन असंभव है। यदि ओज़ोन परत में कमी होगी तो पराबैंगनी किरणों का स्तर बढ़ जाएगा जिससे पृथ्वी पर बहुत से नुकसान हो सकते है।


इसके लिए मानव को जागरूकता रखनी होगी और ओज़ोन परत को बचाने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। बढ़ता प्रदूषण, मौसम परिवर्तन ओज़ोन परत को अधिक मात्रा में हानि पहुंचा रहे है।

अगर पृथ्वी पर मानव और जीव-जंतुओं के जीवन को बनाये रखना है तो प्रत्येक व्यक्ति को ओज़ोन परत की खराब हो रही स्थिति को सही करने में सहयोग करना होगा। जिससे इस नुकसान को रोकने में काफी मदद मिलेगी।


Ozone Layer Kya Hai (What Is Ozone Layer In Hindi?)

यह एक तरह का सुरक्षा कवच है जो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है। यह पृथ्वी की सतह से लगभग 15 से 35 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित होती है जिसे ओज़ोन परत कहते है। यह परत बहुत ही पतली होती है। यह पृथ्वी पर आने वाली सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकने का कार्य करती है। यदि पराबैंगनी किरणें पृथ्वी पर आती है तो यह वातावरण, जीव-जन्तु और पेड़-पौधों को बहुत नुकसान पहुँचाती है।

यह गंधयुक्त गैस होती है जो हल्के नीले रंग की होती है। ओज़ोन परत के कारण ही धरती पर जीवन संभव है। ओज़ोन परत पृथ्वी पर जीवित रहने के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह पृथ्वी के वायुमंडल की ही एक परत होती है। ओज़ोन परत में ओज़ोन गैस की मात्रा अधिक पाई जाती है। ओज़ोन परत ऑक्सीजन का ही एक प्रकार है। ऑक्सीजन के जब तीन परमाणु आपस में जुड़ते है तो ओज़ोन परत बनाते है।

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Ozone Parat Kis Mandal Me Hai

यह जानना हमारे लिए बहुत ज़रुरी होता है की Ozone Parat Kis Mandal Me Pai Jati Hai क्योंकि इसी मंडल से ओज़ोन परत हमारी रक्षा करती है। ओज़ोन परत पृथ्वी के समताप मंडल के नीचे के भाग में और धरती की सतह के ऊपर 15 से 35 किलोमीटर की दूरी पर होती है। ओज़ोन लेयर समताप मंडल में हानिकारक नहीं होती है लेकिन पृथ्वी पर जो ओज़ोन परत होती है वह खतरनाक होती है। ओज़ोन परत का 90 % भाग समताप मंडल में उपस्थित होता है। वायुमंडल में ओज़ोन परत का सिर्फ 10 % भाग ही पाया जाता है।

Ozone Layer Ki Motai Kitni Hai

ओज़ोन परत की मोटाई भोगौलिक दृष्टि और मौसम के अनुसार परिवर्तित होती रहती है। 1913 में फ्रांस के Physicists फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने ओज़ोन लेयर की खोज की थी।

Formation Of Ozone Layer In Hindi

ओज़ोन परत सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों के कारण निर्मित होती है और यह अल्ट्रावायलेट किरणें जब ऑक्सीजन 02 के अणु पर पड़ती है तब यह किरणें ऑक्सीजन के दो परमाणुओं को अलग करती है  जब यह दोनों परमाणु अलग हो जाते है तो यह ऑक्सीजन के दूसरे अणु से मिल जाते है और मिलकर ओज़ोन 03 को निर्मित करते है।

Advantage Of Ozone Layer In Hindi

ओज़ोन परत हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे ही पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाया है। आगे जानते है ओज़ोन परत के होने से क्या फायदे है।

  • ओज़ोन परत सूर्य से आने वाली बहुत सी हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा करती है।
  • यह परत मनुष्य और जीव-जंतुओं को इन किरणों की वजह से होने वाली खतरनाक बिमारियों से बचाती है।
  • यह परत फ़सलों को नुकसान होने से बचाती है।
  • ओज़ोन परत धरती के वायुमंडल का जो तापमान होता है उसे कंट्रोल करने में सहायक होती है।
  • यह परत हमें कैंसर की घातक बीमारी होने से भी बचाती है।

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Ozone Layer Depletion In Hindi

यदि ओज़ोन परत में कमी आयी तो इससे बहुत से तरह के नुकसान हो सकते है। जिससे पराबैंगनी किरणें वायुमंडल में प्रवेश कर जाएगी और यह कई तरह के दुष्प्रभाव का कारण बनेगी।

  • ओज़ोन परत में कमी आने के कारण पराबैंगनी किरणें पृथ्वी पर हावी हो जाएगी। इससे मनुष्य को और जीव जंतुओं को बहुत की तरह की बीमारियाँ हो सकती है।
  • यह किरणें पौधों में होने वाली प्रकाश संश्लेषण क्रिया पर प्रभाव डालती है।
  • जब यह किरणें आँखों के संपर्क में आती है तो इससे मोतियाबिंद जैसी समस्या हो सकती है।
  • UV-B किरणें समुद्र में पहुंचकर समुद्री जीवन को नष्ट करती है।
  • पराबैंगनी किरणों की वजह से त्वचा कैंसर सम्बन्धी बीमारियाँ हो जाती है।
  • अगर गर्भवती महिला इसके संपर्क में आ जाती है तो गर्भ में पल रहे शिशु पर इसका बहुत खतरनाक प्रभाव पड़ता है।
  • इन किरणों के हानिकारक प्रभाव से प्रतिरक्षा प्रणाली को बहुत नुकसान पहुँचता है। जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली में कमी भी आ जाती है।

How To Protect Ozone Layer In Hindi

ओज़ोन परत को कम करने में मनुष्यों का भी बहुत बड़ा हाथ होता है। बहुत से कारणों की वजह से ओज़ोन परत में कमी होती जा रही है। लेकिन कई ऐसे तरीके है जिससे हम ओज़ोन परत को बचा सकते है। तो आईये आगे जानते है की हम ओज़ोन परत को कैसे बचा सकते है।

  • वाहनों का कम प्रयोग करे

वाहनों से निकलने वाला धुआँ बहुत हानिकारक होता है। वाहनों के उपयोग को कम करना चाहिए। इन वाहनों का प्रयोग करने के स्थान पर ऐसे वाहन या तरीकों को अपनाना चाहिए जिससे इस प्रदूषित धुंए को कम किया जा सके।

  • कीटनाशकों के प्रयोग से बचे

यह ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाते है। कीटनाशकों की जगह प्राकृतिक तरीकों का प्रयोग करके इस नुकसान से बचा जा सकता है।

  • वृक्षों की कटाई ना करे

जितना ज्यादा हो सके वनों की कटाई को कम करना चाहिए और ज़्यादा से ज्यादा वृक्षों को लगाने का प्रयास करना चाहिए। वृक्षों को बढ़ने में सहयोग करे।

  • एयरोसोल/ सीएफसी चीजों से बचे

जितना ज्यादा हो सके एयरोसोल और सीएफसी से बनी चीजों के उपयोग से बचना चाहिए।

Ozone Parat Ke Karya

ओज़ोन परत कई तरह से हमारी रक्षा करती है। ओज़ोन परत के जो मुख्य कार्य होते है वो आपको नीचे बताये गए है।

  • यह पर्यावरण और पृथ्वी के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है।
  • यह पृथ्वी पर आने वाली सूर्य की खतरनाक किरणों को रोकती है।
  • ओज़ोन परत सूरज से आने वाली पराबैंगनी किरणों की मात्रा को अवशोषित करती है।

Ozone Parat Ke Charan

यह एक तरह की प्राकृतिक गैस होती है। मानव ने ऐसी बहुत सी गैसों की मात्रा में वृद्धि की है जो ओज़ोन परत को नष्ट कर रही है।

ओज़ोनक्षरण के कारण

मानव निर्मित गैसों ने ओज़ोन परत को नष्ट कर दिया है। ओज़ोन परत में बहुत कमी आई है जिसमें प्राकृतिक कारण के साथ मानवीय कारण भी जिम्मेदार है।

  • क्लोरो फ्लोरो कार्बन भी इसका एक कारण है। ओज़ोन परत में जो विघटन होता है उसके लिए यह उत्तरदायी होती है।
  • सफाई करने में इस्तेमाल किये जाने वाले विलयों में कार्बन टेट्राक्लोराइड पाया जाता है यह ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाता है।
  • सीएफसी क्लोरिन, फ़्लोरिन एवं ऑक्सीजन से बनी हुई गैसें यह एक तरह का द्रव पदार्थ होता है। यह भी मानव के जरिये निर्मित होता है। जिसका प्रयोग फ्रिज या ऐसे यंत्रो में होता है जो ठंडक प्रदान करने में प्रयोग किये जाते है। इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड, कंप्यूटर, फ़ोन को साफ़ करने में भी इसका प्रयोग किया जाता है। यह ओज़ोन परत को नष्ट करते है।

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ओज़ोन क्षरण के प्रभाव

ओज़ोन क्षरण के होने से बहुत से प्रभाव देखे जाते है। जो आपको नीचे बताये जा रहे है। जानते है इससे होने वाले प्रभाव क्या है।

  • ओज़ोन के क्षरण होने से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।
  • यह पेड़-पौधों और जीव जंतुओं को हानि पहुँचाती है।
  • इससे वनस्पतियों को भी नुकसान होता है। जिससे उनके अंकुरण का समय बढ़ सकता है। जिससे गेहूं, चावल, मटर, सोयाबीन जैसी फ़सलों से जो अनाज प्राप्त होता है उनकी मात्रा में कमी होती है।
  • पराबैंगनी किरणें समुद्र के अंदर तक पहुँच कर छोटे जलीय पौधे की गति को कम कर देती है।
  • ओज़ोन परत का क्षरण होने पर गर्मी बढ़ने से त्वचा रोग, मोतियाबिंद, कैंसर, अल्सर और भी अन्य भयंकर बिमारियों का मानव जाती शिकार हो जाएगी।

Conclusion

Ozone Layer Ke Baare Mein Jankari प्राप्त करके आप समझ गए होंगे की इसकी कमी से पर्यावरण को और हमारे स्वास्थ्य को कितना नुकसान होता है। इस नुकसान से बचने के लिए कुछ इस तरह के तरीकों को अपनाया जाये जिससे मानव को हो रही खतरनाक बिमारियों से बचाया जा सके और हमारी प्रकृति को और सुंदर बनाया जा सके। तो आप भी प्रकृति को सुंदर बनाने में अपना योगदान करे।  

Ozone Parat Kya Hai? Ozone Parat Kis Mandal Me Pai Jati Hai? – जानिए Ozone Parat Ke Karya, चरण, लाभ और बचने के उपाय!
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