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GST Kya Hai? – GST Full Form in Hindi, प्रकार, फायदे-नुकसान व टैक्स रेट।

क्या आप जानते है कि, GST Kya Hai व GST Full Form in Hindi क्या है? तो आपको बता दे कि, गस्त फुल फॉर्म (Goods And Service Tax) होता है जो कि एक अप्रत्यक्ष कर है।
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आप सब ने “वन नेशन वन कार्ड”, “वन नेशन वन टैक्स” आदि के बारे में ज़रुर सुना होगा, पर आज हम आपको वन नेशन वन टैक्स अर्थात GST के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। क्या आप जानना चाहते है कि GST Kya Hai और GST Ka Full Form क्या होता है तो आपको बता दें कि, जीएसटी फुल फॉर्म (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) है जो कि एक प्रकार का Indirect Tax है। हमारे देश में कुल 28 राज्य है जिनमे सबसे पहले GST लागू करने वाला राज्य असम है, ऐसा करने के बाद असम वस्तु एवं सेवा कर लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है, तथा GST Lagu Karne Wala Last State जम्मू-कश्मीर है।

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पूरे विश्व में GST Ki Kahani सबसे पहले फ्रांस से शुरू हुई थी। इसलिए GST Lagu Karne Wala Pehla Desh फ्रांस है। कर चोरी को रोकने के लिए फ्रांस ने सबसे पहले 1954 में GST लागू किया था। इसके बाद 160 अन्य देशों में भी GST जैसी कर सुविधाएँ लागू है। जबकि ब्राजील और कनाडा जैसे देशों में दोहरा GST है, जिसमे प्रत्येक राज्य का और देश का अलग-अलग GST लागू है। हमारे देश में एकल GST लागू किया गया है। यदि आप GST Ki Puri Jankari को विस्तार में जानना चाहते है तो बस पढ़ते रहिये हमारी इस पोस्ट को अंत तक।

GST Kya Hai

GST Kya Hai (What Is GST)

सरकार तथा बहुत सारे बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स को देश का सबसे बड़ा कर सुधार बताया है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है और इसके अंतर्गत सभी वस्तुओं एवं सेवाओं पर समान कर लगाया जा चुका है। जीएसटी बिल पास होने से पहले किसी भी सामान पर 30 से 35% का टैक्स देना पड़ता था और कुछ सामानों पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लगाया जाने वाला कर 50% से भी ज्यादा होता था। परन्तु GST आने के बाद यह कर सभी जगह एक समान 28% हो गया है।

GST Full Form In Hindi

जीएसटी का पूरा नाम या GST Ka Full Form ‘Goods And Service Tax’ होता है। हिंदी में जीएसटी फुल फॉर्म ‘वस्तु एवं सेवा कर’ होता है।

GST Bill In Hindi

आइये अब हम पढ़ते है, GST Bill Kya Hai, यह एक कर से सम्बन्धित बिल है, जिसे आधिकारिक रूप से “The Constitution Amendment GST Bill 2014” के नाम से भी जाना जाता है। जीएसटी बिल पास होने के पश्चात् देश में समान कर लागू हो गया है। राज्यसभा में यह बिल 3 अगस्त 2016 तथा लोक सभा में मई 2015 में यह बिल पारित किया गया था। GST Bill एक अप्रत्यक्ष कर है इससे कर (टैक्स) देने वाले व्यक्तियों को बहुत सारी सुविधा मिलने लगी है।

क्या आपने यह पोस्ट पढ़ी: Form 16 Kya Hai? – जरूर जाने फॉर्म 16A और 16B की इन महत्वपूर्ण बातों के बारे में!

GST Ke Bare Mein Jankari

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) बिल लागू होने से भारत का बाजार एक श्रेणी में हो जाएगा और अप्रत्यक्ष कर जैसे- उत्पाद शुल्क, सेवा कर, मनोरंजन कर, वैट आदि सभी GST में शामिल हो जाएँगे। GST देशभर में लागू हो चुका है अब सवाल यह उठता है कि, GST Kisne Lagu Kiya, भारत में जीएसटी लागू करने का सुझाव विजय केलकर समिति द्वारा दिया गया था तथा तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लागू किया था। GST 1 जुलाई 2017 से लागू हो गया है। इसको लागू करते समय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि, GST से एक Tax, एक देश, एक बाजार बनेगा और देश का आर्थिक विकास होगा तथा देश में एक नया इतिहास बनेगा।

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GST Ke Type

भारत में जीएसटी के प्रकार कुल चार तरह से बताए गए है, नीचे इनके बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी है।

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST)

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2016 के अनुसार, सीजीएसटी इसका एक केंद्रीकृत हिस्सा है जो कि वर्तमान में शुल्क-केंद्रीय बिक्री कर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, चिकित्सा और शौचालय निर्माण आदि अधिनियम के तहत उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के अंतर्गत आता है।

राज्य माल और सेवा कर (SGST)

यह 2016 के जीएसटी बिल के अनुसार राज्य माल और सेवा करों के लिए बनाया गया है। इसमें एक समान SGST के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित कर जैसे राज्य बिक्री कर, लक्जरी टैक्स, मनोरंजन कर, लेवीज़ ऑन लॉटरी, एंट्री टैक्स आदि शामिल है।

एकीकृत माल और सेवा कर (IGST)

IGST का अर्थ एकीकृत माल और सेवा कर है, यह एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं तथा सेवाओं की आपूर्ति और आदान-प्रदान पर लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति हो रही है, तो वहां पर IGST लागू किया जायेगा।

केंद्र शासित प्रदेश के लिए सामान और सेवा कर (UTGST)

भारत में केंद्र शासित प्रदेशों को एक विशेष जीएसटी के अंतर्गत रखा गया है। जिसे जीएसटी नियामक 2016 के अनुसार “केंद्र शासित प्रदेश माल और सेवा कर” कहा जाता है। UTGST भारत में सभी केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक समान कर को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।

GST Se Nuksan

जहां एक तरफ सरकार द्वारा GST Ki Upyogita तथा लाभ बताये जा रहे है तो दूसरी तरफ GST Se Desh Ko Nuksan भी बहुत सारे है नीचे GST Se Nuksan Hindi Me बताए गए है।

  • GST लागू होने से पहले शुल्क आधारित लेन-देन पर 14.5 प्रतिशत कर लगता था जो कि अब 18% हो गया है।मतलब यदि पहले किसी 1000 रूपये वाले सामान पर 145 रूपये टैक्स लगता था तो वह अब बढ़ कर 180 रुपए हो गया है।
  • अगर आप अब नया घर खरीदते है तो उसमे 8% तक मूल्य बढ़ चुका है इससे रियल एस्टेट के क्षेत्र में लगभग 12% की कमी आने की संभावना है।
  • GST लागू होने के बाद होटल में खाना, हवाई सफ़र का खर्च और बीमा प्रीमियम महँगा हो चुका है, GST लागू होने के बाद रेलवे टिकट पर भी सेवा कर बढ़ चुका है।
  • जीएसटी लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष कर में वृद्धि हुई है तथा प्रत्यक्ष कर लगभग खत्म हो चुके है।
  • GST लागू होने पर इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे- टीवी, फ्रिज, एसी, मोबाइल आदि का मूल्य बढ़ गया है पहले इन सामानों पर 23-25% Tax लगता था लेकिन GST आने के बाद यह Tax 28% तक हो गया है।
  • गहनों पर पहले 3% कर और रेडीमेड कपड़ों पर 4 से 5% स्टेट वैट लगता था लेकिन अब यह 18% GST लगने के बाद महंगे हो गए है।

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Benefits Of GST In India

अभी हमने आपको GST से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि GST Se Kya Fayda Hai, इसके लिए हमने नीचे GST Ke Fayde दर्शाये है जिससे आपको GST Ki Avashyakta समझने में आसानी होगी।

  • GST लागू होने पर सबसे ज्यादा फायदा देश की आम जनता को हुआ है क्योंकि इसके अंतर्गत सभी सामानों की खरीदी पर समान कर लागू किया गया है।
  • इसके आने के बाद भारत में कर व्यवस्था आसान हो गयी है तथा ‘कर के ऊपर कर’ लगाने की व्यवस्था से मुक्ति मिली है।
  • GST लागू होने के बाद कर-विभाग के अधिकारियों द्वारा कर में होने वाली हेराफेरी भी कम हो गयी है।
  • GST Ke Labh में सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इसके आने के बाद सेवा कर, केंद्रीय बिक्री कर, राज्य बिक्री कर और वैट जैसे कर खत्म हो गए है।
  • जीएसटी नियम आने के पहले हमें अलग-अलग सामान पर 30 से 35% तक का टैक्स चुकाना पड़ता था, लेकिन अब GST की वजह से सिर्फ 18% कर ही लगता है।

GST Tax Rate

GST परिषद द्वारा कुल चार प्रकार के GST Ki Dare निर्धारित किये गए है जिनकी दर 5%,12%,18% व 28 प्रतिशत है। इसके अंतर्गत बहुत सी चीज़ो पर GST द्वारा छूट प्रदान की गयी है जैसे- दूध, दही, लस्सी, सब्जियां, फल, नमक, समाचार पत्र, छपी पुस्तकें, आटा, मछली, अंडे, चिकन, सिंदूर, प्रसाद, बिंदी, चूड़ियाँ आदि दैनिक ज़रूरतों की चीज़ो पर GST नहीं लगता है। इसके अलावा 40 लाख से कम की वार्षिक बिक्री वाले व्यापारियों को भी इस कर से छूट प्रदान की गयी है। GST के अनुसार सभी लग्जरी और महंगी चीजों पर GST के साथ सेस भी लगता है। 1 अक्टूबर 2019 से प्रभावी जीएसटी दर संशोधन के अनुसार GST Ki List नीचे प्रदर्शित है।

वस्तुपिछली दरवर्तमान नयी दर
फूल, पत्तियों और पेड़ की छाल से बने प्लेट्स और कप5%0%
कैफीनयुक्त पेय पदार्थ18%28%+12% सेस
रेलवे की वैगनों और डिब्बों की आपूर्ति पर (ITC के बिना)5%12%
बाहरी खान-पान (ITC के बिना)18%5%
डायमंड जॉब के कार्य पर5%1.50%
अन्य जॉब कार्यों पर18%12%
होटल (7,501 रुपए या उससे अधिक वाले कमरा शुल्क पर)28%18%
होटल (रूम टैरिफ 1,001 रुपये से 7,500 रुपये तक)18%12%
बुना या गैर-बुना पॉलीथीन पैकेजिंग बैग18%12%
समुद्री ईंधन18%5%
बादाम का दूध0%18%
स्लाइड फास्टनर्स18%12%
वेट ग्राइंडर या गीली चक्की (पत्थर के रूप में)12%5%
सुखी हुई इमली5%0%
काटकर पॉलिश किया गए अर्द्ध कीमती पत्थर3%0.25%
हाइड्रो-कार्बन अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के अंतर्गत पेट्रोलियम संचालन के लिए सामानलागू दर5%
10-13 यात्रियों की क्षमता वाले पेट्रोल मोटर वाहनों पर उप कर15%1%
10-13 यात्रियों की क्षमता वाले डीजल मोटर वाहनों पर उप कर15%3%

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How To Make GST Bill

Ledgers GST नामक GST Bill Software का उपयोग करके हम बहुत ही आसानी से GST बिल बना सकते है। जीएसटी बिल को केवल तभी जारी किया जाना चाहिए, जब कोई व्यवसाय या व्यक्ति जिसके पास जीएसटी पंजीकरण है और वह किसी ग्राहक को सामान या सेवाएं प्रदान करता है। जीएसटी नियमों के अनुसार, जब आपूर्ति का मूल्य 200 रुपये से अधिक हो तब आपूर्ति कर्ता को जीएसटी बिल प्रदान करना अनिवार्य होता है।

GST Bill Format

जीएसटी बिल चालान प्रारूप में दिए गए नियमों में दर्शाये गए GST Bill Sample के अनुसार ही जारी किया जाना चाहिए। नीचे Ledgers GST सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके बनाया गया एक नमूना जीएसटी बिल फ़ॉर्मेट प्रदर्शित है।

GST Bill Format

Conclusion

GST ने भारत की अर्थव्यवस्था को “एक देश एक कर” वाली अर्थव्यवस्था बना दिया है। इसके लागू होने से पहले भारत में 17 अलग-अलग तरह का कर लगाया जाता था, लेकिन अब GST लागू होने के बाद सभी सामानों पर सिर्फ एक ही तरह का कर लगाया जाता है। दोस्तों आज हमने आपको GST Ke Bare Me Puri Jankari जैसे- जीएसटी क्या है? (GST Meaning in Hindi), जीएसटी लाभ और हानि, जीएसटी बिलिंग आदि को विस्तार में समझाया है। अगर आपको यह जानकारी पसंद आयी हो तो इसे शेयर करना न भूले तथा आपके पास GST Se Sambandhit Prashna है तो आप हमे GST Se Related Question Answer कमेंट बॉक्स में कर सकते है।

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