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Cancer Kya Hai? – Cancer Kaise Hota Hai | कैंसर के प्रकार, लक्षण व इलाज!

Cancer Kya Hai यह तो आप सभी जानते होंगे, लेकिन क्या आप जानते है कि Cancer Kaise Hota Hai? तो इस लेख में जाने कैंसर के प्रकार, लक्षण व इलाज पूरी जानकारी।
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आप सभी ने कैंसर के बारे में तो जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप जानते है कि Cancer Kaise Hota Hai इसलिए इस पोस्ट में हम आपको Cancer Kya Hota Hai, कैंसर कैसे होता है व अन्य पूरी जानकारी देने जा रहे है। कैंसर एक तरह से किसी कोशिका (Cells) के असामान्य तरीके से बढ़ने के कारण होने वाली बीमारी है। जिसमें ये कोशिकाएं अनियंत्रित वृद्धि के साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने और उन्हें नष्ट करने लगती है।

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अब के समय में Cancer की बीमारी बहुत ही तेजी से फैल रही है बहुत से लोग इस बीमारी के शिकार हो रहे है। अगर आप इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान लेते है तो इसे रोका जा सकता है। किसी भी बीमारी के लक्षणों को पहचानने पर उसके उपचार में भी आसानी होती है। कैंसर के चिकित्सीय जाँच में; खून की जाँच, एक्स-रे, सिटी स्कैन, एण्डोस्कोपी तथा बायोप्सी आदि प्रमुख है। यदि आपको इसके लक्षण दिखाई दें, तो इसका समय पर इलाज शुरू करवा दीजिये।

पर बहुत से लोगों को यह पता नहीं होता है कि कैंसर क्या है (What Is Cancer In Hindi) और Cancer Kaisa Hota Hai, साथ ही उन्हें यह भी जानकारी नहीं होती कि Cancer Hone Ke Lakshan क्या होते है जिस कारण समय रहते वे इलाज नहीं करवा पाते तथा यह और घातक हो जाता है। इसलिए हमने सोंचा कि क्यों न लोगों को इस गम्भीर बीमारी के प्रति जागरूक किया जाये और उन्हें Cancer Kya Hai in Hindi जानकारी प्रदान की जाये

Cancer Kya Hai_Cancer Kaise Hota Hai

Cancer Kya Hai

कैंसर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। अगर सही समय पर इसका इलाज न करवाया जाये, तो बहुत ही कम लोग होते है जो इस बीमारी से बच पाते है। कैंसर से शरीर के किसी भी हिस्से की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित हो जाती है। अगर यह शरीर के किसी एक हिस्से में है तो यह उस हिस्से से होकर शरीर के सभी हिस्सों में फैलता जाता है। जब शरीर के किसी एक हिस्से में कैंसर होता है तो उसे प्राइमरी ट्यूमर कहते है और जिसके बाद शरीर के दूसरे हिस्सों में जो ट्यूमर होता है उसे मेटास्टेटिक या सेकेंडरी ट्यूमर कहते है।

अगर आप ट्यूमर के बारे में नहीं जानते तो आप हमारी इस पोस्ट Tumor Kya Hai? की सहायता ले सकते है।

Cancer Kaise Hota Hai

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक टिमोथी विल का कहना है कि कोशिकाओं की विभाजन की प्रक्रिया जब बेकाबू हो जाती है तो कैंसर होता है। शरीर की कोशिकाओं के बँटवारे पर हमारे जीन का कंट्रोल होता है। शरीर विभिन्न कोशिकाओं से मिलकर बना होता है शरीर में बदलाव होने के कारण, यह कोशिकाएं बदलती रहती है।

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जब यह कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढती है और पूरे शरीर में भी फैल जाती है तब यह शरीर के दूसरे हिस्सों को काम करने में परेशानी देती है। जिस वजह से उन हिस्सों पर कोशिकाओं की गाँठ या ट्यूमर बन जाता है जिसे Cancer कहते है और यही ट्यूमर सबसे घातक होता है जो बढ़ता जाता है।

Cancer Kaise Failta Hai

क्या आप जानते है कि Kaise Failta Hai Cancer या Cancer Ki Bimari Kaise Hoti Hai? तो आपको बता दें कि कैंसर धीरे-धीरे शरीर के प्रत्येक अंगों में फैलता है। यह एक अंग में होने के बाद शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करता है। चलिए निचे दिए बिंदुओं की मदद से समझते है कि Cancer Kis Chij Se Hota Hai या कैंसर होने का कारण क्या है:

  • कैंसर तीन प्रकार से शरीर में फैलता है। डायरेक्ट एक्सटेंशन या इवेंजन में प्राइमरी ट्यूमर आस-पास के अंगों में और टिश्यूस में फैलता है।
  • लिम्फेटिक सिस्टम में कैंसर की कोशिकाएं प्राइमरी ट्यूमर से टूट जाती है और टूटकर शरीर के अन्य अंगों में चली जाती है। लिम्फेटिक सिस्टम टिश्यूस और अंगों का एक समूह होता है जो संक्रमण और बिमारियों से लड़ने के लिए कोशिकाएं बनाता है और इन्हें स्टोर करता है।
  • कैंसर खून के द्वारा भी फैलता है, जिसे हीमेटोजिनस स्प्रेड कहते है। इसमें कैंसर की कोशिकाएं प्राइमरी ट्यूमर से टूट जाती है और टूटकर खून में आ जाती है। यह खून के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाती है।

Stages Of Cancer

Cancer की मुख्य रूप से 4 अवस्थाएं होती है जिनके बारे में आपको आगे बताया गया है।

  • कैंसर की पहली और दूसरी अवस्था में कैंसर का ट्यूमर छोटा होता है और यह आस-पास के टिश्यूस की गहराइयों में नहीं फैलता है।
  • तीसरी अवस्था में कैंसर विकसित हो जाता है। इस अवस्था में ट्यूमर बड़ा हो जाता है और शरीर के अन्य अंगों में इसके फैलने की सम्भावना भी बढ़ जाती है।
  • चौथी अवस्था कैंसर की आख़िरी अवस्था है। इसमें कैंसर अपने शुरू के हिस्से से जिससे वह शुरू हो रहा है, वहां से शरीर के अन्य अंगों में फैल जाता है जिसे विकसित या मेटास्टेटिक कैंसर कहते है।

Types Of Cancer In Hindi

कैंसर लगभग 100 से ज्यादा प्रकार के होते है परन्तु कुछ कैंसर ऐसे होते है जो इंसानों में मुख्य रूप से देखे जाते है। आईये जानते है कुछ प्रमुख Cancer Ke Prakar के बारे में।

1. गर्भाशय का कैंसर

छोटी उम्र में विवाह होना, अधिक प्रसव होना, संसर्ग (contagion) के दौरान रोग, प्रसव के दौरान गर्भाशय में किसी प्रकार का घाव और वह सही होने के पहले ही गर्भधारण हो जाता है तो 40 की उम्र के बाद गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा होता है। मेनोपॉज के बाद रक्तस्त्राव होना, पैरो में दर्द होना आदि इसके लक्षण होते है।

2. स्तन कैंसर

स्तन कैंसर को ब्रेस्ट कैंसर भी कहते है। यह कैंसर मुख्य रूप से पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक होता है। स्तन कैंसर में महिलाओं के स्तन में गाँठ बनाना शुरू हो जाती है जो समय के साथ बढ़ने लगती है। ज्यादा प्रसव व शिशु को स्तन पान ना कराने से स्तन कैंसर होता है। डिबग्रंथी (ओवरी) से जो हार्मोन उत्सर्जित होते है वह भी स्तन कैंसर को पैदा करते है।

3. मुख का कैंसर

तम्बाकू का सेवन करना मुख और गले के कैंसर होने के का मुख्य कारण होता है। मुख में कोई गाठ, मुँह में सफ़ेद दाग, घाव या पित्त का बन जाना मुँह खोलने और बोलने में तथा निगलने में दिक्कत होना मुख के कैंसर का कारण होता है। इससे बचाव का केवल एक ही उपाय वह है तम्बाकू व गुटका आदि का सेवन बंद कर देना।

4. रक्त कैंसर

एक्सरे और विकिरण प्रणाली की वजह से किरणें यदि शरीर के अंदर प्रवेश हो जाती है तो यह अस्थियों को प्रभावित कर देती है। जिससे उसके अंदर खून के सेल्स भी प्रभावित होते है। बुखार का बहुत दिनों तक बने रहना, जोड़ों व हड्डियों में दर्द, मुख से खून निकलना, प्लीहा व लसिका ग्रंथियों के आकार में वृद्धि होना, सांस लेने में दिक्कत होना रक्त कैंसर के कारण हो सकते है।

5. लंग कैंसर

लंग कैंसर को फेफड़ों का कैंसर भी कहते है। खांसी के साथ खून आना, निरंतर हल्की खांसी बने रहना, आवाज़ में बदलाव आना, सांस लेने में दिक्कत होना लंग कैंसर के कारण होते है। इसमें पीड़ित की स्थिति बहुत दयनीय हो जाती है। लंग कैंसर के होने या बढ़ने की वजह धूम्रपान का सेवन करना है।

7. सर्वाइकल कैंसर

सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होने का कारण कम उम्र में अधिक यौन सम्बन्ध होने व यौन सक्रिय होने से होता है। इसकी प्रारंभिक अवस्था भूख की कमी होना, पीड़ा, वजन कम होना, एनीमिया होना है।

8. आमाशय का कैंसर

पेट या आमाशय के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Cancer) के नाम से भी जाना है। यह मुख्य रूप से कोशिका के DNA में त्रुटि (म्युटेशन) के कारण होता है। खून की कमी होना, कभी-कभी खून की उल्टी होना, पेट में दर्द होना, भूख कम लगना आदि इस कैंसर के लक्षण हो सकते है।

9. ब्रेन कैंसर

ब्रेन कैंसर में व्यक्ति के मस्तिष्क में या स्पाइनल कार्ड में गाँठ होती है जो धीरे-धीरे करके बढ़ने लगती और फिर पुरे मष्तिष्क में फैल जाती है। ब्रेन कैंसर का दूसरा नाम ट्यूमर होता है, जिसके कारण उल्टी होना, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत, भूलने जैसी बीमारी होती है।

Cancer Ke Lakshan Kya Hai

Cancer Ke Lakshan अलग-अलग प्रकार के कैंसर पर निर्भर करते है। लेकिन कुछ आम लक्षणों के बारे में आपको हम आगे बता रहे है।

  • खून की कमी जिससे एनीमिया होता है, तेज बुखार आ जाना और बुखार का लम्बे समय तक ठीक ना होना, थकान और कमज़ोरी होना।
  • ख़ासी के साथ खून आना, लंबे समय तक कफ़ होना, कफ़ के साथ म्यूकस आना।
  • स्तन में गांठ, माहवारी के समय अधिक स्त्राव होना।
  • खाने और निगलने में दिक्कत होना, शरीर के किसी भाग में गाँठ और सूजन होना, गले में किसी प्रकार की गाँठ होना।

Cancer Se Kaise Bache

गलत दिनचर्या के कारण भी कैंसर हो सकता है। आइये जानते है डॉक्टर की सलाह के अनुसार Cancer Se Bachne Ke Upay क्या है।

1. एल्कोहल से दूर रहे

ज्यादा शराब कैंसर का कारण भी हो सकती है। ड्रिंक में एल्कोहल की मात्रा ज्यादा होना कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ा देती है। एल्कोहल की ज्यादा मात्रा शरीर के लिए ठीक नहीं होती है। इसलिए किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करना चाहिए।

2. वायरस और बैक्टीरिया से बचाव

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। इससे बचने के लिए शारीरिक सम्बन्ध व सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। पेट में अल्सर पैदा करने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी से पेट का कैंसर भी हो सकता है।

3. पेप स्मियर जांच

महिलाओं को यह जाँच करवाना ज़रुरी होता है। यह बच्चेदानी के कैंसर की पहचान और सम्भावना जाँचने के लिए की जाने वाली सरल, सस्ती और पक्की जाँच है। इस जाँच में गर्भाशय में स्पैचुला डाले जाते है। जिससे नमूने के रूप में सेल्स निकाले जाते है फिर उनकी जाँच की जाती है। शादी के तीन साल बाद प्रत्येक दो साल में यह जांच सभी महिला को करवानी चाहिए।

3. स्वस्थ आहार का सेवन करे

फल, सब्जी व अनाज का सेवन भरपूर करे, रेशेदार भोजन का ज्यादा सेवन करे। शाकाहार में जो विटामिन मौजूद रहते है वह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है। जिससे कैंसर बीमारी पैदा नहीं करते है। तेज आंच पर पकी चीजें कम खाए।

4. शक्कर का सेवन कम करे

शक्कर का सेवन कम से कम करना चाहिए। एक शोध में यह पता चला है की महिलाओं में कोलोरेक्टल कैंसर की सम्भावना शक्कर के सेवन से बढ़ जाती है।

5. तेल का सेवन कम करे

खाने के तेल का प्रयोग करने के पहले यह देख ले की आप जिस तेल का प्रयोग कर रहे है वह कितना फ़ायदेमंद है और स्वास्थ्य पर उसका क्या प्रभाव पड़ता है। खाना पकाने में आप ऑलिव ऑयल या कोकोनट ऑयल, सरसों, मूंगफली के तेल का प्रयोग कर सकते है।

Cancer Ka Treatment

डॉक्टर मरीज़ की बीमारी के लक्षण या कैंसर के लक्षण देखकर इलाज करते है। तो आइये जानते है Cancer Ka Ilaj क्या है।

#1: कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी में ड्रग्स और दवाइयों के द्वारा कैंसर के सेल्स को खत्म किया जाता है। कुछ प्रकार की कीमोथेरेपी में आईवी (नसों में सुइयों द्वारा) से इलाज किया जाता है और कुछ कीमोथेरेपी में दवाई दी जाती है। यह दवाईयां पूरे शरीर में अपना असर दिखाती है और पूरे शरीर में हो रहे कैंसर को ठीक करती है।

#2: सर्जरी

सर्जरी में इन्फेक्टेड एरिया को शरीर से अलग किया जाता है। जैसे ब्रैस्ट कैंसर है तो ब्रैस्ट को शरीर से हटा दिया जाता है। प्रोस्टेट कैंसर होने पर प्रोस्टेट ग्लैंड को निकाल दिया जाता है लेकिन हर तरह के कैंसर में सर्जरी की जरूरत नहीं होती है ब्लड कैंसर को सिर्फ दवाइयों से सही किया जा सकता है।

#3: रेडीएशन

इसमें कैंसर की जो सेल्स बढती है उन्हें रोका और मारा जाता है। कभी-कभी सिर्फ रेडीएशन या सर्जरी और कीमोथेरेपी के दौरान इससे इलाज किया जाता है। रेडीएशन में पूरे शरीर को एक्सरे मशीन में डाला जाता है। जिससे कैंसर सेल्स को खत्म किया जाता है।

Conclusion

कैंसर मनुष्य शरीर में होने वाला एक ऐसा रोग है जो धीरे-धीरे समयानुसार बढ़ता  रहता है। अगर इसका सही समय पर इलाज न करवाया जाये, तो यह भयंकर रूप ले सकता है जिससे पीड़ित की मृत्यु भी हो सकती है। परन्तु यदि सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाये, तो इस पर काबू पाया जा सकता है।

उम्मीद करते है कि इस पोस्ट में दी गयी Cancer Ki Jankari आपके लिए उपयोगी होगी। फिर भी यदि आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है हमारी हिंदी सहायता की टीम आपकी सहायता करने के लिए हमेशा तत्पर है। यदि आपको Cancer Se Bachne Ke Tarike और Cancer In Hindi जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों व परिचितों के साथ शेयर करना न भूले।

यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद!

डिस्क्लेमर: दी गयी सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से है। यह किसी भी योग्य चिकित्सक की सलाह नहीं देती। इसलिए हमारा आपसे केवल यही निवेदन है कि कोई भी उपाय करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक की सलाह व परामर्श अवश्य ले। हमारी हिंदी सहायता इस जानकारी की जिम्मेदारी का दावा नहीं करती।

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एडिटोरियल टीम

Written by एडिटोरियल टीम

एडिटोरियल टीम, हिंदी सहायता में कुछ व्यक्तियों का एक समूह है, जो विभिन्न विषयो पर लेख लिखते हैं। भारत के लाखों उपयोगकर्ताओं द्वारा भरोसा किया गया।

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