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PageMaker क्या है? – पेजमेकर के कार्य, उपयोग और विशेषताएँ

Pagemaker Kya Hai जानिए पेजमेकर के कार्य, उपयोग क्या हैं और पेजमेकर के विभिन्न घटक और इससे जुड़ी सारी जानकारी बहुत ही आसान और सरल भाषा में।
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पेजमेकर एक डेस्कटॉप एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है, जिसका उपयोग पेज लेआउट डिजाइन के लिए किया जाता है, जैसे ब्रोसर, मैगजीन, बुक, शादी कार्ड्स, इनविटेशन कार्ड्स, पोस्टर्स, बैनर्स, बुक डिजाइनिंग आदि। पेजमेकर का मुख्य कार्य डिजाइनिंग और एडिटिंग करना है। Page Maker का उपयोग हर कोई कर सकता है, बस इसके लिए आपको पता होना चाहिए कि Pagemaker Kya Hai और इसे उपयोग कैसे किया जाता है।

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आज की तारीख में पेजमेकर सबसे ज्यादा Use किया जाने वाला एक ग्राफिक डिजाइन Software है, जिसका इस्तेमाल डेस्कटॉप पब्लिशिंग के लिए किया जाता है। यूजर्स अक्सर यह कमेंट करके पूछते हैं कि Page Maker in Hindi क्या है एडोब पेजमेकर में रिवर्ट कमांड एवं इसके उपयोग की व्याख्या कीजिए। तो आपके इन सभी सवालों के जवाब मैं आज आपको इस पोस्ट में समझाऊँगी, जिसमें आप Pagemaker Tools in Hindi और इनका यूज क्या है इसके बारे में भी जानेंगे।

Page Maker Kya Hai

पेजमेकर एक डेस्कटॉप पब्लिशिंग एप्लीकेशन कंप्यूटर है, जिसका निर्माण Adlus कॉरपोरेशन द्वारा 1985 में किया गया था, लेकिन 1994 में Adobe कंपनी द्वारा इसका अधिग्रहण कर लिया गया। पेजमेकर का इस्तेमाल Cards, Brocher, Invitation card, Poster, Banners, Document बनाने के लिए, मॉडिफाई करने के लिए और उन्हें प्रिंट करने के लिए किया जाता है।

इसमें आप Graphics Designing के साथ टाइपिंग भी बड़ी आसानी से कर सकते है। Page Maker को आज कल बड़े-बड़े ऑफिस में Use किया जाता है। Page Maker के द्वारा आप कोई भी फाइल easily बना सकते है। Page Maker का नया एडिशन 7.0 है।

Computer Users के लिए Page Maker एक लोकप्रिय ग्राफ़िक्स सॉफ्टवेयर है, Page Maker के आने के बाद से एडिटिंग की दुनिया में एक अलग ही बदलाव आया है, क्योंकि आज के डिजिटल वर्ल्ड में एडिटिंग और प्रेजेंटेशन का काफी महत्व है।

पेजमकर के विभिन्न घटक

Title Bar – यह Pagemaker विंडो के सबसे ऊपरी भाग में होता है, जिसमें आप अपने डॉक्यूमेंट का नाम डालकर सेव कर सकते हैं। और अगर आप अपने डॉक्यूमेंट को सेव नहीं करते हैं, तो टाइटल बार में Untitled-1 शो करता है।

Rulers – Pagemaker में 2 rulers होते हैं, जिन्हें वर्टीकली और हॉरिजॉन्टली मूव किया जा सकता है, पेज की लम्बाई-चौड़ाई बताने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

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Pasteboard – पेस्टबोर्ड पेजमेकर डॉक्यूमेंट के पीछे का बैकग्राउंड (पृष्ठ) होता है, इसका इस्तेमाल टेक्स्ट और इमेजेस (ग्राफ़िक एलेमेंट्स) को अस्थायी रूप से रखने के लिए होता है, कि आइटम्स को कहाँ और पृष्ठों के बीच कब रखना है।

Page Icon – पेजमेकर के मेनूबार के नीचे जो स्टैंडर्ड टूल बार दिया होता है। इसमें इस्तेमाल की जाने वाली कमांड जैसे न्यू, ओपन, सेव, प्रिंट, फाइंड आदि Icons के रूप में दिए होते है। जिसे आप अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकते है।

पेजमेकर की विशेषताएं क्या है

Pagemaker का सबसे नया एडिशन 7.0 है। इस एडिशन में Adobe ने बहुत से नए तरह के बदलाव किये है। और इसमें नए Features डाले गए है। आईये जानते है इसके Features के बारे में:

  • पेजमेकर में टेम्प्लेट्स का फीचर प्रोवाइड किया गया है, जिनमें पेजों की डिजाईन पहले से ही बनी होती है, आप बस इसे ओपन करके उपयोग में ले सकते हैं। इससे आपका काम जल्दी आयर आसानी से हो जाएगा।
  • Pagemaker में टूलबार की सुविधा भी दी गई है, जिसके जरिए आप अपने डॉक्यूमेंट या फाइल को सेव, प्रिंट कर सकते हैं, इसके साथ ही टूलबार में फॉर्मेटिंग और स्पेलिंग चेक करने का कमांड भी दिया गया है।
  • इसमें कलर मैनेजमेंट नाम से टूल ऐड किया गया है। इसके जरिये आप डॉक्यूमेंट के कलर को अपनी पसंद के अनुसार चेंज कर सकते है।
  • क्लिप आर्ट के प्रयोग से आप चित्र और आइकॉन का उपयोग पब्लिशिंग में आसानी से कर सकते है।
  • Page maker में लेटेस्ट प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के द्वारा आप दोनों तरफ प्रिंटिंग, डुप्लेक्स प्रिंटिंग, बाइंडिंग प्रिंटिंग आदि कम समय में और आसानी से कर सकते है।

पेजमेकर के उपयोग

Adobe Pagemaker in Hindi क्या है,  यह तो आप जान गये, लेकिन इसका इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है यह आप आगे जानेंगे:

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Starting A New Publication– सबसे पहले डॉक्यूमेंट सेटअप का डायलॉग बॉक्स ओपन करे। इस डायलॉग बॉक्स में आपके डॉक्यूमेंट को प्रारम्भ करने का सेटअप किया जाता है। जिसके अनुसार New Document को ओपन किया जाता है। यह डायलॉग बॉक्स आप फाइल मेनू में डॉक्यूमेंट सेटअप से तथा शिफ्ट और कंट्रोल के साथ P बटन (Shift+Ctrl+P) दबाकर भी खोल सकते है। इस डायलॉग बॉक्स में नीचे दी गई सूचनाएं पहले से ही सेट होती है। जिन्हें आप अपनी जरुरत के अनुसार बदल सकते है।

Page Size- इसमें आप अपने अनुसार document के page size को सेट कर सकते है। लेकिन पेज साइज़ इंचो में दी होती है। लेकिन आप अपने अनुसार भी इसकी साइज़ को सेट कर सकते है।

Orientation- Document का ओरिएंटेशन बहुत बड़ा होता है। जिसे हम पोर्ट्रेट भी कहते है। इसमें width कम और height ज्यादा होती है। आपके द्वारा चुने गए Page Dimensions के अनुसार पेजमेकर इनमें से कोई ओरिएंटेशन खुद ही चुन लेता है। अगर आप चाहे तो उसे बदल भी सकते है।

Number Of Pages- इसमें आप यह सिलेक्ट कर सकते है की डॉक्यूमेंट में कितने पेज होंगे। शुरू में उतने ही पेजों का डॉक्यूमेंट खोला जाता है। बाद में आप अपनी जरुरत के अनुसार पेज की संख्या बढ़ा भी सकते है और घटा भी सकते है।

Starting Page Number- इसमें यह बताया जाता है की पेज नंबर किस संख्या से शुरू किया जाएगा। अगर आप चाहते है की डॉक्यूमेंट के पहले पेज का नंबर 10 हो और दूसरे पेज का 9 तो आपको इसके बॉक्स में 10 इंटर करना चाहिए।

Margins- इन Text Box में नए डाक्यूमेंट्स के चारों तरफ की मार्जिन को सेट किया जाता है। आप इन्हें बाद में Change कर सकते है।

Options- इसमें आप Document के दूसरे ऑप्शन्स को set कर सकते है। जैसे डॉक्यूमेंट को काग़ज़ के दोनों तरफ प्रिंट किया जाएगा या एक तरफ।

Printer- इसमें आप अपने डॉक्यूमेंट के लिए उस प्रिंटर का नाम चुनते है जिस पर डॉक्यूमेंट को प्रिंट किया जाता है। लेकिन प्रिंटर आपके कंप्यूटर से लिंक होना चाहिए। अगर आपके पास प्रिंटर नहीं है तो इस बॉक्स में Display On None शब्द दिखाई देगा।

Pagemaker मुख्य स्क्रीन फीचर्स

आगे हम Pagemaker Tools और पेजमेकर के User Interface के बारे में जानेंगे। पेजमेकर को खोलने पर आपके सामने यह स्क्रीन आती है:

Pagemaker Screen

टूलबॉक्स- जब पेजमेकर पर काम किया जाता है और जिन Tools का उपयोग करते है, वह बॉक्स में होते है। और आपको पब्लिकेशन बनाने के लिए 14 तरह के अलग-अलग Tools मिलते है। पेजमेकर में जो हम File बनाते है, उसे पब्लिकेशन कहा जाता है। इसे आप अपनी इच्छा अनुसार कहीं पर भी Move कर सकते है।

स्टैंडर्ड टूल बार- पेजमेकर के Menu Bar के नीचे जो स्टैंडर्ड टूल बार दिया होता है। इसमें इस्तेमाल की जाने वाली कमांड जैसे न्यू, ओपन, सेव, प्रिंट, फाइंड आदि Icons के रूप में दिए होते है। जिसे आप अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकते है।

रूलर गाइड्स- पेज की लम्बाई-चौड़ाई बताने के लिए रूलर गाइड्स का प्रयोग करते है। जरुरत होने पर इसे भी मूव किया जा सकता है। रूलर गाइड्स पब्लिकेशन के लेफ्ट और टॉप में होती है।

कण्ट्रोल पैलेट- इसमें फ़ॉन्ट, फ़ॉन्ट साइज़, बोल्ड, इटैलिक, अंडर लाइन, लाइन स्पेसिंग, आदि ऑप्शन दिए गए होते है। जो पब्लिकेशन पर काम करते समय किसी प्रकार की एडिटिंग करने में प्रयोग किये जाते है।

पेज बॉर्डर- इस tool की मदद से आप पेज की बार्डर Select कर सकते है। आपको कितनी साइज़ की Border रखनी है, वो आप आसानी से सेट कर सकते है। अगर आपने कुछ टाइप किया है और वह पेज की बार्डर से बाहर चला जाता है तो वह प्रिंट निकालते समय प्रिंट नहीं होता है।

मार्जिन गाइड्स- पेज के अंदर टाइपिंग की जगह को निर्धारित करने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग किया जाता है। पेज पर यह नीले रंग की एक पतली रेखा के रूप में दिखाई देती है।

PageMaker के Versions

Adlus Pagemaker 1.0

Adlus Pagemaker 1.0 को जुलाई 1985 में MAC के लिए और 1986 में PC के लिए जारी (रिलीज़) किया गया था।

Adlus Pagemaker 1.2 

Adlus Pagemaker 1.2 version को 1986 में रिलीज़ किया गया था।

Adlus Pagemaker 4 

Adlus Pagemaker 4.0 को मेकिन्टोस के लिए 1990 में जारी किया गया था।

Adlus Pagemaker 5.0 

एल्डस पेजमेकर 5.0 को जनवरी 1993 में रिलीज़ किया गया था।

Adobe Pagemaker 6.0

1995 में एडोब पेजमेकर को जारी किया गया था।

Adobe Pagemaker 6.5

एडोब पेजमेकर 6.5 को 1996 में रिलीज़ किया गया था।

Adlus Pagemaker 7.0

Adobe Pagemaker 7.0 को 1 जुलाई 2001 में जारी किया गया था।

पेजमेकर के कार्य

  • पेजमेकर का कार्य होता है किसी भी तरह की डिजाइनिंग करना, उसे मॉडिफाई करना और प्रिंट करना।
  • Page Maker बहुत सारी चीजो में काम आता है जैसे कि Ads बनाना, फ्रंट पेज क्रिएट करना, फाइल बनाने के लिए, इनविटेशन बनाने के लिए, बुक डिजाईन करने के लिए और बहुत से कामों के लिए ।
  • यह एक बहुत बढ़िया सॉफ्टवेर है, जिसके द्वारा हम अपना काम बड़ी आसानी से और जल्दी कर सकते है।

Story Editor in Hindi

Page Maker Kya Hai ये तो आप जान ही गए होंगे आईये अब जानते हैं कि Story Editor Kya Hai? Story Editor Pagemaker का एक टूल होता है, जिसमें Text को Type और Edit कर सकते हैं, अर्थात टेक्स्ट में सुधार कर सकते हैं। स्टोरी एडिटर में सभी एडिटिंग टूल मौजूद हैं जैसे Insert, Delete, Cut, Paste Etc. पेजमेकर में स्टोरी एडिटर को ओपन करने के लिए आप Edit Menu से Story Editor का चयन कर सकते हैं और चाहें तो शॉर्टकट Key Ctrl+ E का इस्तेमाल कर इसे Open कर सकते हैं।

जरूर पढ़े: Adobe Photoshop Kya Hai? Photoshop Kaise Install Kare – जानिए Adobe Photoshop 7.0 Download कैसे करे इन बेहद आसान शब्दों में!

Conclusion

आज की पोस्ट के माध्यम से आपने जाना Page Maker Kya Hai और साथ ही आपने Page Maker Notes in Hindi के बारे में भी जाना।

उम्मीद है कि आपके लिए हमारे द्वारा बतायी गई जानकारी उपयोगी होगी। इस पोस्ट की जानकारी आप अपने फ्रेंड्स को भी दें, तथा सोशल मीडिया पर भी Pagemaker Kya Hai और Pagemaker in Hindi को आप जरूर शेयर करें, जिससे और भी ज्यादा लोगों के पास यह जानकारी पहुँच सके।

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Written by एडिटोरियल टीम

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