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Computer Ka Avishkar Kisne Kiya – आविष्कारक, इतिहास, वर्ष।

कंप्यूटर एक Electronic Device है जिसका इस्तेमाल आज हर कोई कर रहा है। आज के इस आधुनिक युग में कंप्यूटर ने लोगों का काम काफी आसान कर दिया है जिसके चलते इसका उपयोग अब लगभग सभी जगह किया जाता है चाहे वो स्कूल, कॉलेज, बैंक या फिर दफ्तर हो। वर्तमान में बच्चा-बच्चा कंप्यूटर का उपयोग करना जानता है, लेकिन ऐसे बहुत से लोग होते है जिन्हे कंप्यूटर क्या है? ये तो पता होगा, लेकिन Computer Ka Avishkar Kisne Kiya इसके बारे में जानकारी नहीं होती।

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Computer एक ऐसी अद्भुत Technology है, जो देखने में तो सिर्फ एक छोटी सी मशीन लगती है। पर इस छोटी सी मशीन ने लोगों की ज़िन्दगी में अपनी एक अहम जगह बना ली है जब भी कंप्यूटर का नाम लिया जाता है तो दिमाग में एक ही सवाल घूमने लगता है कि इस अद्भुत टेक्नोलॉजी कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया?

अगर आपके दिमाग में भी यही सवाल आता है कि Computer Ka Avishkar Kisne Kiya Tha तो आज की इस पोस्ट में आपको आपके सवाल का जवाब मिल जाएगा, क्योंकि आज की इस पोस्ट में हमने बहुत ही सरल तरीके से इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

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Computer Ka Avishkar Kisne Kiya

कंप्यूटर का आविष्कार सन् 1822 में Charles Babbage के द्वारा किया गया था, इसलिए उन्हें ‘Father Of Computer’ के नाम से भी जाना जाता है। चार्ल्स बैबेज एक जाने-माने Mathematician थे, जिन्होंने सन् 1791-1871 के बीच मुश्किल से मुश्किल मैथमेटिक्स ऑपरेशन्स को Solve करने के लिए एक Mechanical Calculator डिवाइस को तैयार किया और इसके बाद उस डिवाइस को Difference Engine का नाम दे दिया गया।

इसके बाद आगे जाकर Ada Lovelace ने Mechanical Calculator डिवाइस को विकसित करने में चार्ल्स बैबेज की मदद की थी। इसकी मदद से Polynomial Equation को बड़ी आसानी से कंप्यूटर किया जा सकता था। फिर इसके बाद सन् 1833 में चार्ल्स बैबेज ने Analytical Engine बनाने का सोचा, जो कि Difference Engine का Successor होने वाला था। पर सन् 1871 में चार्ल्स बैबेज की मृत्यु हो गई, जिस वजह से वो इस पर काम जारी नहीं कर पाए।

कुछ सालों बाद सन् 1991 में चार्ल्स बैबेज के छोटे बेटे Henry Babbage ने इस कंप्यूटर पर अपना आगे का काम पूरा किया, जिसके बाद इस पर किसी भी तरह की Basic Calculation को आसानी से किया जा सकता था।

यहाँ हमने जाना कि Computer Ki Khoj Kisne Ki आइए अब आगे बढ़ते है और इसके बारे मे ओर बहुत कुछ जानते है।

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Electronic Computer का आविष्कार किसने किया

सन् 1945 में John Vincent Atanasoff, J Presper Eckert और John Maunchly के द्वारा विश्व के सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार University Of Pennsylvania में किया गया। इस कंप्यूटर का नाम ENIAC रखा गया, जिसकी फुल फॉर्म (Electronic Numerical Integrator and Computer) है। इस इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का डिज़ाइन कैसा होगा या फिर इसे कंस्ट्रक्ट किस प्रकार किया जायेगा इसका पूरा खर्चा US Military के द्वारा दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर करीब 1800 Square Feet में फैला हुआ था। जिसके चलते इसमें 10,000 कैपेसिटर्स, 200 किलोवाट की इलेक्ट्रिक पावर, 70,000 रेसिस्टर्स और 50 टन्स वजन वाली 18,000 वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल विभिन्न कामों के लिए किया जाता था जैसे कि मौसम का पता लगाना (Weather Update) या परमाणु ऊर्जा की गणना करना (Atomic Energy Calculations) आदि।

Programmable Computer Kisne Banaya

विश्व के सबसे पहले प्रोग्रामेबल कंप्यूटर का आविष्कार सन् 1938 में कंप्यूटर साइंटिस्ट Konrad Zuse द्वारा किया गया जिसके बाद इसका नाम Z1 रखा गया। कोनराड ज़ूस द्वारा इस Programmable Computer की इन्वेंशन की जाने पर उन्हें Wilhelm Exner Award देकर सम्मानित भी किया गया था।

आज के इस युग में लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सारे कंप्यूटर Programmable Computers है चाहे वो डेस्कटॉप कंप्यूटर हो या फिर लैपटॉप। इस कंप्यूटर के आने से पहले कई कम्प्यूटर्स का आविष्कार किया गया था, लेकिन उन्हें हम प्रोग्रामेबल कंप्यूटर का नाम नहीं दे सकते क्यूंकि वो सिर्फ Calculations करने तक सीमित थे।

Commercial Computer Ka Aavishkar Kisne Kiya

14 जनवरी सन् 1951 में John Mauchly और J. Presper Eckert द्वारा कमर्शियल कंप्यूटर का आविष्कार किया गया जिसका नाम UNIVAC (Universal Automatic Computer 1) रखा गया। Commercial Computer को Industrial Computer के नाम से भी जाना जाता है। ये एक ऐसा कंप्यूटर है जिसमें किसी भी तरह के काम को करने के लिए अधिक Hardware की आवश्यकता होती है।

Electronic Digital Computer Ka Aavishkar Kab Hua Tha

इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार Dr. John V. Atanasoff और Clifford Berry द्वारा सन् 1937 में हुआ था जिसके बाद इस इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का नाम Atanasoff-Berry Computer ABC रखा गया था।

Personal कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया था

John Blankenbaker ने पर्सनल कंप्यूटर का आविष्कार किया था। ये एक ऐसा कंप्यूटर है जिसकी बिक्री (Sell) इसके Launch होने के एक साल बाद सन् 1971 में की गई थी। इस कंप्यूटर का पहली बार इस्तेमाल सन् 1975 में Ed Roberts द्वारा किया गया था। पर्सनल कंप्यूटर एकमात्र ऐसा कंप्यूटर है जिसे लोगों द्वारा आसानी से खरीदा जा सकता है, क्योंकि इसकी लागत ज्यादा नहीं होती। पर्सनल कंप्यूटर को “PC” और “Single User Computer के नाम से भी जाना जाता है।

Super Computer Ka Aavishkar Kab Hua

भारत के पहले सुपर कंप्यूटर “PARAM 8000” को सन् 1991 में Centre For Development of Advanced Computing के द्वारा Launch किया गया था। ये सबसे पहला ऐसा कंप्यूटर है जिसमें काफी ज्यादा संख्या में Processor होते है, जिस वजह से इस कंप्यूटर के काम करने की क्षमता बहुत ही ज्यादा तेज हो जाती है। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल Scientific और Engineering के काम के लिए ज्यादा किया जाता है।

Laptop का आविष्कार किसने किया

लैपटॉप का आविष्कार सन् 1981 में Adam Osborne के द्वारा किया गया था। इस लैपटॉप का नाम लैपटॉप के आविष्कार Osborne 1 के नाम पर रखा गया, जिसकी कीमत उस समय के मुताबिक $1500 थी। यह उस समय पहला ऐसा कम्प्यूटर था, जिसकी Sale 10,000 प्रतिमाह हो रही थी।

Laptop को Small Personal Computer और Personal Computer के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि ये एक पहला ऐसा कंप्यूटर है जिसे हम किसी भी जगह लेकर जा सकते है। आज के समय लोग कंप्यूटर के बजाय लैपटॉप को लेना पसंद करते है।

यहाँ हमने विभिन्न कंप्यूटर के बारे में जाना जैसे कि कौन से Computer Ka Aavishkar Kab Hua और साथ में ये भी जाना कि चार्ल्स बैबेज को Computer Ke Janak कहा जाता है। चलिए अब आगे बढ़ते है और इससे जुड़ी और जानकरी के बारे में विस्तारपूर्वक जानते है।

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भारत का पहला कंप्यूटर कहाँ स्थापित किया गया

भारत का पहला कंप्यूटर HEC – 2M सन् 1956 में कलकत्ता के Indian Statistical Institute में स्थापित किया गया। यह एक डिजिटल कंप्यूटर था जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये तक की थी। इस इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर की लंबाई 10 ft, चौड़ाई 7 ft और ऊंचाई 6 ft की थी और इसके साथ ये कंप्यूटर भारत का पहला First Generation Computer था।

इसके कुछ सालो बाद सन् 1958 में URAL नाम का एक कंप्यूटर भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता में लाया गया जो कि HEC – 2M के मुकाबले में काफी बड़ा कंप्यूटर था। इसके बाद इस URAL कंप्यूटर को रूस में खरीदा गया।

आगे जाकर फिर कई सालों बाद जब IBM 1400 सीरीज का पहला कंप्यूटर IBM 1401 कोलकाता में लाया गया तो HEC – 2M और URAL कंप्यूटर का इस्तेमाल करना बंद कर दिया, क्यूंकि IBM 1401 एक डाटा प्रोसेसिंग सिस्टम कंप्यूटर था जो कि काफी तेजी से काम करता था।

कंप्यूटर का इतिहास

आज के समय में हर घर में कंप्यूटर या फिर कहे तो लैपटॉप देखने को मिलता है इसके पीछे की वजह ये है कि ये लोगों की एक अहम जरूरत बन चुकी है। कंप्यूटर के आने से लोगों के काम इतने आसान हो चुके है कि वो अपने आधे काम घर बैठे-बैठे ही इसके जरिये कर लेते है, फिर चाहे वो ऑफिस का काम हो या फिर रेलवे या हवाई की टिकट बुक करना हो आदि। आज हमने बहुत कुछ जाना जैसे कि Computer Ki Khoj Kisne Ki Thi या फिर Computer Kisne Banaya Tha.

लेकिन क्या आपको पता है जिस कंप्यूटर ने आपके सारे काम इतने आसान कर दिए है उस Computer Ka Itihaas क्या है? नीचे मैंने आपको कंप्यूटर का इतिहास क्या है इसके बारे में जानकारी दी है।

1. Abacus (अबेकस)

अबेकस का अविष्कार 3000 वर्ष पहले गणना करने के लिए चीन के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था। अबेकस की मदद से बड़ी से बड़ी Calculation को आसानी से हल कर लिया जाता था। कई ऐसे देश भी है जहाँ अबेकस का इस्तेमाल वर्तमान समय में भी किया जाता है यहाँ तक कि, अंधे लोग (Blind People) भी इसका इस्तेमाल कैलकुलेशन करने के लिए करते है।

2. John Napier’s Bone (जॉन नेपियर की हड्डी)

जॉन नेपियर बोन का निर्माण सन् 1617 में स्कॉटलैंड के एक वैज्ञानिक जॉन नेपियर द्वारा किया गया था। इस मशीन को इस्तेमाल करने का अहम मकसद कैलकुलेशन करना था। जॉन नेपियर बोन एक ऐसी वस्तु थी, जिसे हाथी के दांत और धातु से बनाया गया था जिस पर नंबर लिखे हुए थे और इसकी मदद से बड़ी से बड़ी कैलकुलेशन को काफी जल्दी हल कर लिया जाता था।

3. Pascaline (पास्कलाइन)

पासकलाइन मशीन को सन् 1942 में फ्रांस के Mathematician ब्लेस पास्कल द्वारा गणना करने के लिए बनाया गया था। ये मशीन सबसे पहली Mechanical Calculating Machine थी जिसे “Adding Machine के नाम से भी जाना जाता है। इस मशीन की मदद सिर्फ जोड़ने (Addition) या घटाने (Subtraction) की गणना की जा सकती थी।

4. Reckoning Machine (रेकनिंग मशीन)

रेकनिंग मशीन को जर्मन के “बेरन गॉटफ्रेड विल्हेम वॉन लेबनीज” द्वारा बनाया गया। जिसकी मदद से गुणा (Multiplication) और भाग (Division) को आसानी से किया जा सकता था।

5. Jacquard’s Loom (जैकार्ड का लूम)

सन् 1801 में Joseph Marie Jacquard ने एक Loom बनाया जो कि, आगे जाकर कंप्यूटर के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ। इस मशीन की मदद से कपड़ो को विभिन्न तरह के डिज़ाइन या फिर कहे तो Patterns दिए जाते थे जो कि सिर्फ उस मशीन में मौजूद Punch Cards की मदद से मुमकिन हो पाता था।

इन “Punch Cards” को Operators द्वारा मशीन में फिट किया जाता था जिससे कपड़ो पर विभिन्न तरह के डिज़ाइन बन जाते थे। फिर कुछ समय बाद वैज्ञानिकों को Joseph Marie Jacquard के Loom को देखकर दो सुझाव सूझे कि हम Calculating मशीन को और बेहतर बना सकते है।

  • उन दो सुझावों में से पहला सुझाव था कि हम अपने आदेशों को Joseph Marie Jacquard जैसी Punch Card डिवाइस में स्टोर करके रख सकते है।
  • दूसरा सुझाव था कि इसका उपयोग Input Device के रूप में किया जा सकता था।

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Conclusion

विज्ञान ने मनुष्य को कई महत्वपूर्ण उपकरण उपलब्ध करवाए है, उन्हीं में से एक उपकरण है कंप्यूटर। आज के इस युग में लोग कंप्यूटर के द्वारा कोई भी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है। इसी के चलते आज के इस लेख में मैंने आपको बताया कि Computer Ka Avishkar Kab Hua इलेक्ट्रॉनिक मशीन कंप्यूटर की खोज किसने की। आशा करते है कि हमारे इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद आपको आपके सारे सवालों के जवाब मिल गए होंगे।

अगर आपको हमारे इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें, ताकि वो भी जान सके कि, जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल वो वर्तमान समय में कर रहे है उसका आविष्कार किसने किया है।

Computer Ka Avishkar Kisne Kiya (FAQ)

  • कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?

चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। उन्होंने सन 1822 में पहले कंप्यूटर का आविष्कार किया, जिसका नाम डिफरेंशियल इंजन (Differential Engine) रखा गया।

  • Computer Ka Avishkar Kisne Kiya Hai

कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज द्वारा सन 1822 में किया गया है।

  • भारत का सबसे तेज कंप्यूटर कौन-सा है?

भारत का सबसे तेज कंप्यूटर परम सिद्धि है जिसे 63वाँ रैंक प्राप्त हुआ था। परम सिद्धि कंप्यूटर की Maximum स्पीड 6.8 Petaflops है।

  • कंप्यूटर का हार्ट किसे कहा जाता है?

कंप्यूटर का हार्ट CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) को कहा जाता है क्यूंकि CPU में कंप्यूटर का सारा डाटा स्टोर होता है।

  • भारत का पहला डिजिटल कंप्यूटर कब लॉन्च किया गया था?

भारत का पहला डिजिटल कंप्यूटर HEC – 2M सन् 1956 में कलकत्ता के Indian Statistical Institute में लॉन्च किया गया।

  • सबसे पहले कंप्यूटर का नाम क्या था? 

सबसे पहले कंप्यूटर का नाम ENIAC (Electronic Numerical Integrator एंड Computer) था, जिसे सन् 1945 में J. Presper Eckert और John Mauchly के द्वारा लॉन्च किया गया था।

  • ABACUS की फुल फॉर्म क्या है?

अबेकस की फुल फॉर्म Abundant Beads, Addition and Calculation Utility System है।

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