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Control Panel Kya Hai – जानिए Functions Of Control Panel बेहद सरल भाषा में!

हैलो दोस्तों Hindi Sahayta में आपका स्वागत है। आज हम आपको बताने जा रहे है Control Panel Kya Hai यदि आप भी Control Panel के बारे में जानना चाहते है तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं। इस पोस्ट में हम आपको Definition Of Control Panel In Hindi के बारे में बताएँगे।

Functions Of Control Panel In Hindi भी आप आज की पोस्ट के माध्यम से जानेंगे। और हम आपको यह बिल्कुल सरल भाषा में समझाएँगे। आशा करते है की आपको हमारी सभी पोस्ट पसंद आ रही होगी। और इसी तरह आप आगे भी हमारे ब्लॉग पर आने वाली सारी पोस्ट पसंद करते रहे।

दोस्तों आज सभी लोग कंप्यूटर का उपयोग करते है। और कंट्रोल पैनल हमारे कंप्यूटर में बहुत ज़रुरी होता है। कंट्रोल पैनल का इंटरफ़ेस वैसे तो बहुत आसान होता है। लेकिन इसके बारे में आपको बेसिक जानकारी ज़रुर होना चाहिए। जो आज आपको इस पोस्ट के ज़रिये जानने को मिलेगी।

कंट्रोल पैनल हमारे कंप्यूटर और लैपटॉप के लिए बहुत ही काम का सॉफ्टवेयर है। इसकी मदद से ही हम हमारे कंप्यूटर की सेटिंग कर सकते है। बहुत ही कम लोगों को पता होता है की कंट्रोल पैनल में कौन सी सेटिंग होती है। लेकिन कुछ ज़रुरी बातें होती है कण्ट्रोल पैनल की जो आप शायद नहीं जानते होंगे।

तो चलिए जानते है अब कंट्रोल पैनल क्या होता है यदि आप भी इसकी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो यह पोस्ट Control Panel In Windows In Hindi शुरू से अंत तक ज़रुर पढ़े। तभी आपको इसकी पूरी तरह से जानकारी प्राप्त होगी।

Control Panel Kya Hai

कण्ट्रोल पैनल बहुत सारे प्रोग्रामों का समूह होता है। जिसका प्रयोग हार्डवेयर, फ़ॉन्ट सेटिंग, सिस्टम एंड सिक्यूरिटी सेटिंग, नेटवर्क और इंटरनेट सेटिंग, यूज़र अकाउंट की सेटिंग के लिए किया जाता है।

यह एक ऐसा ऑप्शन होता है जिसमें सॉफ्टवेयर या सिस्टम को कण्ट्रोल करने के सारे तरीके मौजूद होते है। कंट्रोल पैनल के फंक्शन की मदद से आप विंडो की सेटिंग और उसमें बदलाव कर सकते है।

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Functions Of Control Panel In Hindi

कंट्रोल पैनल में बहुत सारे फंक्शन होते है। लेकिन इन फंक्शन में से कम ही फंक्शन का इस्तेमाल किया जाता है, तो जानते है इनके बारे में:

  • Device Manager

डिवाइस मैनेजर का प्रयोग कंप्यूटर के इंटरनल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है। जैसे अगर आप अपने कंप्यूटर में माउस लगाते हो तो वह हार्डवेयर है।

आपकी विंडो पर उसकी जो Functionality होगी वह एक सॉफ्टवेयर की मदद से होगी। इन दोनों को आपस में जोड़ने का काम डिवाइस मैनेजर करता है।

  • Devices And Printer

डिवाइस मैनेजर की तरह यह भी हार्डवेयर को और सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़ता है। डिवाइस मैनेजर में कंप्यूटर के इंटरनल हार्डवेयर को सॉफ्टवेयर से कनेक्ट किया जा सकता है।

इसी तरह इसमें जो एक्सटर्नल हार्डवेयर है जैसे एक्सटर्नल माउस, एक्सटर्नल की-बोर्ड, प्रिंटर, स्कैनर आदि को आप कनेक्ट करते टाइम देख सकते है की उसकी सेटिंग में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। और यहाँ से सही भी कर सकते है।

  • File Explorer Option

इसकी मदद से आप अपने कंप्यूटर के सभी फोल्डर की सेटिंग कर सकते है। जैसे आप फोल्डर को डबल क्लिक से ओपन करना चाहते है या सिंगल क्लिक से या फोल्डर को आप नयी विंडो में ओपन करना चाहते है या उसी विंडो में।

अगर आप किसी फोल्डर को छुपाना चाहते है या वापस दिखाना चाहते है तो इस ऑप्शन की मदद से कर सकते है। इस ऑप्शन की मदद से आप अपने कंप्यूटर की फाइल्स की भी सेटिंग कर सकते है। अगर आप किसी फाइल की एक्सटेंशन को बदलना चाहे तो आप उसकी एक्सटेंशन को बदल सकते है।

  • Display

इसमें आप अपने कंप्यूटर की डिस्प्ले का साइज़ कम या ज्यादा कर सकते है, उसे रोटेट कर सकते है। डिस्प्ले को मैग्नीफ़ाइंग की मदद से ज़ूम करके भी देख सकते है। डिस्प्ले की सेटिंग आपको इससे ज्यादा कंप्यूटर की होम स्क्रीन पर मिलेगी।

  • Fonts

यदि आप अपने कंप्यूटर में फ़ोटो एडिटिंग करते है या डिज़ाइनिंग के लिए टेक्स्ट का इस्तेमाल करते है। तो आपको फ़ॉन्ट के बारे में पता होना चाहिए।

आपके कंप्यूटर में जितने भी फ़ॉन्ट होते है वो आप इसमें देख सकते है। अगर आप अपने कंप्यूटर में नए फ़ॉन्ट इनस्टॉल करना चाहते है तो इस ऑप्शन से कर सकते है। और उसे वापस से डिलीट भी कर सकते है।

  • Keyboard

हम जो भी केरैक्टर लिखते है उनकी रिपीट की जो स्पीड होती है उसे हम कम या ज्यादा कर सकते है। की-बोर्ड में ज्यादा बदलाव करने की जरुरत नहीं होती है।

  • Mouse

माउस कंप्यूटर की सबसे आवश्यक डिवाइस होती है। इसके बिना हम कंप्यूटर का कोई भी कार्य नहीं कर सकते। माउस में आपको बटन कॉन्फ़िगरेशन का ऑप्शन मिलता है।

जिससे आप अपने माउस के बटन बदल सकते है। मतलब जो काम लेफ्ट क्लिक करता है वह राईट क्लिक करे। और जो काम राईट क्लिक करता है वह लेफ्ट क्लिक करे। तो इसके लिए आपको Switch Primary And Secondary Buttons पर क्लिक करना होगा।

  • Internet Option

यदि आपको आपके कंप्यूटर में इंटरनेट की जरुरत होती है तो आपको इस Option के बारे में जानकारी ज़रुर होना चाहिए। Internet Option में General Tab का Option Internet Explorer के लिए होता है। आप General Setting में इसकी सेटिंग कर सकते है।

  • Language

इस सेटिंग में हम कंप्यूटर में बहुत सी तरह की Language Add कर सकते है। आप अपने कंप्यूटर में जिस भी भाषा को देखना चाहे तो इसके लिए आपको Add A Language पर क्लिक करके अपनी भाषा को सिलेक्ट करना है। और आप उस भाषा को Add कर सकते है।

  • Troubleshooting

इसकी मदद से हम विंडो में आने वाली एरर को सही कर सकते है। जैसे आपका कोई सा सॉफ्टवेयर पुराने वर्जन का है जो विंडो के पुराने वर्जन पर काम करता था लेकिन अगर आपने नई विंडो इनस्टॉल की है और उस पर वह सॉफ्टवेयर काम नहीं कर रहा है तो आप ट्रबलशूटिंग की मदद से उस सॉफ्टवेयर को अपनी विंडो में चला सकते है।

  • System

इस ऑप्शन से कंप्यूटर की कॉन्फ़िगरेशन का पता लगाया जा सकता है। जैसे आपके कंप्यूटर में कौन सी विंडो इंस्टाल है और आपके कंप्यूटर में कितनी जीबी रैम है, और इसका कौन सा प्रोसेसर है, प्रोसेसर की स्पीड कितनी है यह आपको इस ऑप्शन से पता चलेगा।

  • Sound

कंप्यूटर में जितनी भी ऑडियो सेटिंग होती है वह इस ऑप्शन की मदद से होती है। माइक की मदद से ऑडियो कंप्यूटर में रिकॉर्ड होती है, तो जो भी सेटिंग करनी हो वह इस ऑप्शन से होती है।

  • Programs And Features

कंप्यूटर में जितने भी सॉफ्टवेयर इनस्टॉल होते है वह प्रोग्राम्स एंड फ़ीचर ऑप्शन में दिखाई देते है। और इस ऑप्शन से आप उन सॉफ्टवेयर का साइज़ और वर्ज़न आसानी से पता कर सकते है। और आप उन सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर से डिलीट भी कर सकते हो जिसका आप इस्तेमाल नहीं करते।

  • Personalization

इस ऑप्शन से आप कंप्यूटर की थीम, वॉलपेपर बदल सकते है। इसमें आप अपने कंप्यूटर के डिज़ाइन को बदल सकते है, और नयी थीम अपने कंप्यूटर में इंस्टाल कर सकते है। और यहाँ से आप अपने कंप्यूटर के कलर को भी बदल सकते है।

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Conclusion:

आज की पोस्ट के माध्यम से आपने Control Panel Kya Hai Hindi Me जाना और साथ ही आपने यह भी जाना की कंट्रोल पैनल के फंक्शन क्या होते है। आशा करते है की हमारे द्वारा बतायी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी।

Control Panel Information In Hindi अगर आप भी जानना चाहते है तो आप हमारी इस पोस्ट की मदद ले सकते है। What Is Control Panel In Hindi आज की पोस्ट के माध्यम से आप जान गये होंगे। और आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके बताये।

इस पोस्ट की जानकारी आप अपने फ्रेंड्स को भी दे। तथा सोशल मीडिया पर भी About Control Panel In Hindi ज़रुर शेयर करे। जिससे और भी ज्यादा लोगों के पास यह जानकारी पहुँच सके। हमारी पोस्ट Control Panel Kya Hai में आपको कोई परेशानी है या आपका कोई सवाल है इस पोस्ट से सम्बन्धित तो आप कमेंट करके हमसे पूछ सकते है। हमारी टीम आपकी मदद ज़रुर करेगी।

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Comments to: Control Panel Kya Hai – जानिए Functions Of Control Panel बेहद सरल भाषा में!
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    September 15, 2020

    Aapka lekh bahut achha lga hme….🙃🙃

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