योग और प्राणायाम एक ऐसी क्रिया है जो हमारे शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखने में हमारी मदद करते है। जीवनशैली लगातार बदल रही है जिस वजह से हमारे खान-पान में भी बदलाव आ गए है जिसका असर हमारे शरीर पर होता है और शरीर कई तरह की बिमारियों से घिर जाता है। इसलिए आज हम आपको बताएँगे की Kapalbhati Kya Hota Hai और Kapalbhati Ke Labh क्या है।


Latest News: जो विद्यार्थी कर रहे है अपने 10वीं 12वीं के रिजल्ट का इंतजार उनका इंतजार हुआ खत्म, यहाँ करे चेक अपना BBSE West Bengal Board 10th 12th Result 2019!

Kapalbhati एक ऐसा प्राणायाम है जो पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। इसे सभी योग-आसनों में बहुत चमत्कारी माना गया है। इस प्राणायाम को करने से बहुत ही कम समय में इसके लाभ दिखाई देने लगते है। तो अपने शरीर को निरोगी और मन को प्रसन्न बनाये रखने के लिए कपालभाति प्राणायाम ज़रुर करे। तो आइये जानते है Kapalbhati Pranayam Karne Ki Vidhi क्या है जिसे करके आप Kapalbhati Ke Kya Fayde प्राप्त कर सकेंगे।


Kapalbhati Kya Hai

Kapalbhati एक तरह का योगासन है। यह शरीर की अनेक प्रकार की बिमारियों को खत्म करता है। यह एक बहुत ही आसान प्राणायाम है जिसे कोई भी स्वस्थ व्यक्ति आसानी से कर सकता है। कपाल का सम्बन्ध हमारे मस्तक से होता है और भाति का सम्बन्ध कान्ति से होता है। यदि इस योग को नियमित किया जाये तो इससे मस्तक पर आभा आती है।

क्या आपने यह पोस्ट पढ़ी: UV Rays Kya Hai? UV Rays Ki Khoj Kisne Ki? – जानिए UV Rays Ke Prakar, फायदे और नुकसान विस्तार में!

Kapalbhati Ke Niyam

अगर आप यह प्राणायाम करते है तो आपको कुछ सावधानी भी रखनी होती है। आइये जानते है Kapalbhati Ki Simaye क्या है।

  •  खाना खाने के तुरंत बाद और 4 घंटे बाद तक कपालभाति प्राणायाम करना नुकसानदायक हो सकता है।
  • गर्भावस्था के समय और गर्भावस्था के बाद यह प्राणायाम ना करे। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान भी कपालभाति प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
  • उच्च रक्त चाप, चक्कर आना, हर्निया, मिर्गी, दौरे आना, ह्रदय रोग और आमाशय की अल्सर के मरीज़ Kapalbhati Kriya ना करे।
  • यदि आपको कमर दर्द की बीमारी है तो चिकित्सक की सलाह लेने के बाद ही Kapalbhati करे।
  • अगर आप यह प्राणायाम करते है तो आपको यह ज़रुर पता होना चाहिए की कपालभाति कब करे क्योंकि हर किसी समय पर इस प्राणायाम को करने के कोई फायदे प्राप्त नहीं होते है।
  • Kapalbhati Karne Ka Samay सुबह का होना चाहिए। सुबह जल्दी उठकर खाली पेट इस प्राणायाम को करे।

Kapalbhati Kaise Kare

कपालभाती करने के लिए आपको इसकी सही विधि पता होना चाहिए तभी आपको इस योग का फ़ायदा प्राप्त होगा। नीचे आपको Kapalbhati Karne Ki Vidhi बतायी गई है।

  • ध्यान की मुद्रा में बैठ जाये पद्मासन में बैठना ज्यादा लाभकारी होता है।
  • रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे अपने हाथों को घुटने पर रख लीजिये।
  • अब अपनी आँखों को बंद करके और पूरे शरीर को एकदम हल्का छोड़ दीजिये।
  • गहरी साँस ले। (इस समय आपका पेट बाहर होना चाहिए)
  • साँस को बाहर छोड़े, साँस बाहर छोड़ने के साथ ही पेट अंदर की तरफ खींचे।
  • इसके एक क्रम में साँस को 20 बार ले और बाहर छोड़े।
  • Kapalbhati पूरा होने के बाद 1 मिनट तक शांति की अवस्था में बैठे रहे और मन में शांति को महसूस करे।

जरूर पढ़े: Doctor Kaise Bane? MBBS Kya Hai – जानिए MBBS Ke Liye Qualification क्या होना चाहिए हिन्दी में!

Kapalbhati Se Kya Labh Hai

वैसे तो Kapalbhati Ke Fayde बहुत सारे है। लेकिन आपको हम कुछ मुख्य Kapalbhati Benefits बता रहे है जो इस प्राणायाम को करने से प्राप्त होते है।

  • Kapalbhati के द्वारा वजन कम करने में मदद मिलती है। यह आपके पेट की चर्बी को कम करता है।
  • पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है।
  • डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए यह बहुत ही फ़ायदेमंद होता है।
  • अस्थमा के रोग को जड़ से समाप्त करने में सहायक होता है।
  • शरीर की नाड़ियों को शुद्ध करता है।
  • Kapalbhati करने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।
  • रक्त के संचरण को सही करता है जिससे चेहरे की आभा बढती है।
  • कफ़ सम्बन्धित समस्या को सही करता है, फेफड़ों की क्षमता को ठीक करता है।
  • Kapalbhati Kriya मन को शांति प्रदान करती है।
  • शरीर फुर्तीला होता है। थकान को कम करने में भी लाभकारी होता है।

Kapalbhati Ke Nuksan

यदि आपका कपालभाति करने का तरीका गलत है तो आपको कपालभाति के नुकसान भी उठाने पड़ सकते है।

  • अगर आप बंद कमरे में, गर्म वातावरण में, धूल-धुंए वाली जगह पर Kapalbhati करते है तो आप पर इसका गलत प्रभाव भी हो सकता है।
  • पेट की सर्जरी होने पर इस प्राणायाम को ना करे।
  •  कार्डियक की बीमारी में Kapalbhati Kriya नहीं करे।
  •  रीढ़ की हड्डी की समस्या होने पर इस योग को कतई ना करे।
  • मासिक धर्म के दौरान अगर आप कपालभाति प्राणायाम करते है तो आपको कपालभाति से हानि भी हो सकती है।

यह पोस्ट भी जरूर पढ़े: Kidney Stone Kaise Hota Hai? – किडनी स्टोन (पथरी) के लक्षण, कारण, इलाज और घरेलु उपचार!

Conclusion

तो दोस्तों अनेक रोगों से दूर रहने के लिए Kapalbhati Pranayam Ki Vidhi को ज़रुर अपनाये। अगर आप अपने व्यस्त जीवन में थोड़ा सा समय प्राणायाम को देते है तो कई बड़ी-बड़ी भयंकर बिमारियों से बचा जा सकता है। हॉस्पिटल के महंगे इलाज से दूर रहने के लिए इस सरल से कपालभाति प्राणायाम को अपने जीवन में शामिल करे तथा अपनी फैमिली और दोस्तों को भी बताये की Kapalbhati Se Kya Hota Hai और Kapalbhati Kaise Krte Hai

अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो Like ज़रुर करे और ऐसी ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए जुड़े रहे हमारे साथ हिंदी सहायता पर, धन्यवाद!

Kapalbhati Parayanama Kaise Kare? – जरूर जाने कपालभाती प्राणायाम के इन नियम और फायदों के बारे में!
5 (100%) 1 vote

Leave a comment