Share Market में निवेश करने के लिए Demat Account होना जरूरी है। आज कई लोग लाभ प्राप्त करने के लिए शेयर मार्केट में शेयर खरीदते और बेचते है। बड़े रिटर्न की उम्मीद में सिर्फ घरेलू ही नहीं बल्कि विदेशी निवेशक भी इसमें अधिक मात्रा में निवेश करते है। तो यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करना चाहते है तो आपको भी अपना डीमैट अकाउंट ज़रुर खुलवा लेना चाहिए। आज हम आपको यही जानकारी देने वाले है की Demat Account Kaise Khole

यदि आप मार्केट में निवेश कर रहे है तो आपका Demat Account आवश्यक रूप से होना चाहिए। जब आप शेयर खरीदते है तो शेयर डीमैट खाता में ही आता है। जिस तरह से आप अपने पैसों की सुरक्षा के लिए उसे बैंक में जमा करते है वैसे ही डीमैट अकाउंट में हमारे Share सुरक्षित रहते हैं। तो आइये अब जानते है Demat Account Ke Baare Mein Jankari विस्तार में।

Demat Account Kaise Khole

Demat Account Kya Hota Hai

सरल शब्दों में कहें तो डीमैट अकाउंट किसी बैंक अकाउंट जैसा ही होता है, दोनों में अंतर सिर्फ इस बात का है कि बैंक अकाउंट में पैसों का लेन-देन किया जाता है जबकि डीमैट अकाउंट में शेयर्स का लेन-देन होता है। डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल ऐसे अकाउंट और लॉकर के रूप में किया जाता है, जहाँ ख़रीदे गए शेयर्स को जमा किया जाता है। डीमैट अकाउंट को सिर्फ और सिर्फ शेयर्स खरीदने के बाद उसमें रखने के काम में लिया जाता है।

Demat Full Form:

Demat का फुल फॉर्म – Dematerialised होता है ।

शेयर को बेचते समय हमारे डीमैट अकाउंट से शेयर, खरीदने वाले के डीमैट अकाउंट में जमा हो जाता है। डीमैट अकाउंट के अंतर्गत शेयर्स के साथ ही बांड्स, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, म्यूच्यूअल फंड्स भी रखे जा सकते हैं। SEBI (Securities And Exchange Board Of India) के निर्देशों के अनुसार, डीमैट अकाउंट के अलावा किसी अन्य रूप में शेयर्स को ख़रीद या बेच नहीं सकते है। इसलिए अगर आपको शेयर बाजार से स्टॉक खरीदना या बेचना हो तो आपके पास डीमैट खाता होना अनिवार्य है।

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Demat Account Ke Liye Document

Demat Account खोलने के लिए आपको कई जरूरी दस्तावेज़ की जरुरत होती है जैसे:

Demat Account Kaise Khole

डीमैट खाता खोलने की प्रक्रिया 2 तरह की होती है। डीमैट अकाउंट दो तरीकों से खोला जा सकता है:

  • Online
  • Offline

Offline Demat Account Kaise Khole

Step 1: अगर आप अपना डीमैट अकाउंट ऑफलाइन खोलना चाहते है तो किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) जो NSDL (The National Securities Depository Limited) या CDSL (Central Depository Services (India) Limited) के ब्रोकर या सब-ब्रोकर होते है उनसे संपर्क किया जा सकता है।

Step 2: खाता खोलने के फॉर्म के साथ, आपको पहचान के प्रमाण और पते के प्रमाण के लिए कुछ दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करनी होगी।

Step 3: आपको डिपॉजिटरी निर्धारित मानक प्रारूप में DP के साथ एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करना होगा, जो निवेशक और डीपी के अधिकारों और कर्तव्यों की डिटेल्स देता है। आप एग्रीमेंट की एक प्रति और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रभार की अनुसूची प्राप्त करने के हकदार हैं।

Step 4: फिर डीपी एक खाता खोलेगा और आपको डीमैट खाता संख्या देगा। इसे बेनिफिशियल ओनर आइडेंटिफिकेशन नंबर (BO ID) भी कहा जाता है। सिक्योरिटीज में आपकी सभी खरीद / निवेश इस खाते में जमा किए जाएंगे। यदि आप अपनी सिक्योरिटीज बेचते हैं, तो आपका डीमैट खाता डेबिट हो जाएगा।

बहुत सी बैंक और संस्थान डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के रूप में कार्य करते हैं। देश में कई निज़ी वित्तीय संस्थान हैं जो डीपी के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिनसे आप डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए संपर्क कर सकते हैं और अपना डीमैट अकाउंट खुलवा सकते है।

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How To Open Demat Account (Online)

अगर आप अपना डीमैट अकाउंट ऑनलाइन खोलना चाहते है तो आप किसी बैंक या ब्रोकर्स की वेबसाइट पर जाकर अपना डीमैट अकाउंट ऑनलाइन खोल सकते है। बैंकों के नाम हमने नीचे लिस्ट में दिए है जो डीमैट अकाउंट ऑनलाइन भी खोलती है।

Demat Account Banks

भारत में ऐसी कई बैंक है जो डीमैट अकाउंट खोलती है। डीमैट अकाउंट ओपन करने के लिए Banks की लिस्ट:

  • ICICI Securities Ltd.
  • State Bank Of India.
  • HDFC Securities Ltd.
  • Axis Securities Ltd.
  • Kotak Securities Ltd.
  • Demat Account Charges

डीमैट अकाउंट खोलने के लिए डीमैट खाता शुल्क भी भरना होता है जो अलग-अलग Banks और स्टॉक ब्रोकर के द्वारा अलग-अलग राशि के रूप में ली जाती है और साथ ही साथ डीमैट अकाउंट खोलने के बाद आपको Demat Account Charges भी देना होता है, जो आपको डीमैट अकाउंट की सेवा के बदले हर साल एक फ़ीस के तौर पर देना होता है। डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आपको कुछ Charges देना होगा यह Charges कई प्रकार के होते है।

  • वार्षिक रखरखाव शुल्क (Annual Maintenance Fees)
  • संरक्षक शुल्क (Protective Duty Fees)
  • लेन-देन शुल्क (Transaction Fees)

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Demat Account Ke Fayde

डीमैट अकाउंट के बिना आप शेयर मार्केट में कदम नहीं रख सकते। शेयर्स को डीमैट अकाउंट में रखना बहुत ही फ़ायदेमंद है। आइये जानते है डीमैट खाते के लाभ क्या है:

  • डीमैट अकाउंट के द्वारा शेयर्स को होल्ड पर रखा जा सकता है। यह एकदम आसान तरीका है।
  • बैंक लॉकर्स जैसी सुरक्षा डीमैट अकाउंट को भी प्राप्त होती है।
  • शेयर्स को बेचने पर आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक ट्रान्सफर की व्यवस्था होती है डीमैट अकाउंट में।
  • डीमैट खाता के लाभ में एक लाभ यह भी है की इसमें पेपर वर्क की कोई जरूरत नहीं पड़ती है।
  • डीमैट अकाउंट में ट्रांजेक्शन कॉस्ट और स्टाम्प ड्यूटी फ़ीस भी कम हो जाती है।
  • इस अकाउंट के द्वारा आप दुनिया में कही से भी शेयर्स ख़रीद और बेच सकते है।

Conclusion:

तो दोस्तों अब आप डीमैट खाता के बारे में अच्छे से जान गए होंगे। अब डीमैट अकाउंट के द्वारा आप आसानी से शेयर ख़रीद और बेच सकते है। यदि आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो अपने दोस्तों के साथ भी डीमैट खाता की जानकारी शेयर करे। यदि इस पोस्ट से सम्बन्धित आपके पास कोई सुझाव है तो कमेंट करके ज़रुर बताए। आगे भी ऐसी ही जानकारी प्राप्त करने के लिए बने रहे हिंदी सहायता पर, धन्यवाद!

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