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RTE Act 2009 in Hindi – शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009!

“हर घर में हो साक्षरता का वास, तभी तो होगा देश का विकास” किसी भी विकसित या विकासशील देश की सबसे बड़ी ताकत होते है उस देश के युवा और बच्चे। इसलिए भारत में शिक्षा के विकास के लिए RTE Act यानि राइट टू एजुकेशन एक्ट लाया गया। RTE Act के तहत 6-14 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के लिए क़ानूनी अधिकार प्राप्त है। पर बहुत ही कम लोग होंगे जिन्हें ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’ (RTE Act 2009 in Hindi) के बारे में विस्तृत जानकारी होगी।

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सही मायनों में बच्चे ही देश की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होते है क्योंकि बच्चे ही तो बड़े होकर युवा बनते है और अपने ज्ञान द्वारा देश को आगे बढ़ाते है। अगर बचपन में ही वो शिक्षा से वंचित रह जाये या सही शिक्षा अर्जित न कर पाए तो आप सोच सकते है उस देश का भविष्य कैसा होगा। भारत में घटती साक्षरता दर को देखते हुए एवं इसमें सुधार करने के लिए और सभी बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सके, इसके लिए भारत सरकार द्वारा राइट टू एजुकेशन एक्ट २००९ पारित किया गया है।

आप सभी जानते है कि प्राचीन काल से ही हमारा भारत वर्ष विश्व गुरु रहा है। शून्य की खोज हमारे ही देश के महान गणितज्ञ आर्यभट्ट द्वारा की गयी थी। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रख्यात शिक्षा संस्थानों का भारत जन्म दाता रहा है। परन्तु विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारे पुस्तकालय जला दिए, गुरुकुलों को नष्ट कर दिया। परिणामस्वरूप हमारा शिक्षा का स्तर गिर गया और आज़ादी के बाद भी लगातार गिरता ही चला गया।

आज हम RTE 2009 in Hindi पोस्ट के माध्यम से आपको RTE Kya Hai (What is Right to Education Act in Hindi), RTE Ka Full Form, शिक्षा का अधिकार अधिनियम कब लागू हुआ और Right to Education in Hindi की संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

RTE Act Kya Hai_RTE Act 2009 in Hindi

RTE Act Kya Hai

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A को ‘राइट टू एजुकेशन (RTE Act)’ कहते है। इस एक्ट के अनुसार 6-14 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त है। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार यानि RTE Adhiniyam 2009 भारत सरकार द्वारा नागरिकों को प्रदान किए गए 6 मौलिक आधिकारो में से एक ‘संस्कृति और शिक्षा सम्बन्धी अधिकार’ के अंतर्गत लागू किया गया एक प्रावधान है। सरल शब्दों में Right To Education Act Indian Kanoon है, जो 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।

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RTE Full Form in Hindi

RTE Ka Full Form – Right To Education Act / शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right Of Children To Free And Compulsory Education Act) है। हिंदी में RTE Full Form – “निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009” के नाम से भी जाना जाता है।

आरटीई एक्ट का मतलब (RTE Meaning in Hindi) और RTE Act Full Form क्या होता है यह तो अब आप जान गए, चलिए अब आपको बताते है कि भारत देश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 कब लागू हुआ।

RTE Act Kab Lagu Hua

शिक्षा का अधिकार अधिनियम भारतीय संसद द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया था तथा जो 1 अप्रैल 2010 से सम्पूर्ण भारत में प्रभावी हुआ।

अधिनियम का इतिहास

दिसंबर 2002 को भाग-3 के अनुच्छेद 21(a) के माध्यम से 86वें संशोधन विधेयक के तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त, नियमित एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया।

राइट टू एजुकेशन इन इंडिया

भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लचीला और विस्तृत संविधान है। Right To Education Act के लागू होने के बाद भारत भी उन 135 देशों की सूची में सम्मिलित हो गया है। जहां बच्चो के लिए अनिवार्य तथा मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है।

आरटीई एक्ट 2009 का उद्देश्य

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लक्ष्य और उद्देश्य इस प्रकार है:

Provisions Of RTE Act 2009 के अंतर्गत सभी 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। प्राइवेट स्कूलों को 6-14 वर्ष की उम्र वाले 25% गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करनी होगी तथा ऐसा नहीं करने पर वसूली गयी फीस से 10 गुना अधिक जुर्माना तथा स्कूल की मान्यता भी रद्द हो सकती है।

  • मान्यता रद्द होने के बाद भी स्कूल संचालित करने पर एक लाख रूपये तथा इसके बाद रोज़ाना दस हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की विशेषता है कि इसमें विकलांग बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की उम्र 14 से बढ़ाकर 18 वर्ष की गयी है।
  • बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया करवाने की ज़िम्मेदारी केंद्र तथा राज्य की होगी।
  • प्रवेश के समय कई स्कूल प्रतिव्यक्ति शुल्क की मांग करते है और बच्चों के माता-पिता को साक्षात्कार भी देना पड़ता है। इस अधिनियम के तहत प्रवेश की इस प्रक्रिया को भी बदलने की बात कही गयी है।
  • इस अधिनियम के अनुसार बच्चों की स्क्रीनिंग और माता-पिता का इंटरव्यू लेने पर 25,000 तथा दोहराने पर 50,000 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।
  • RTE अधिनियम के अनुसार शिक्षक ट्यूशन नहीं पड़ा सकते है।
  • इस एक्ट द्वारा जिन बच्चों का प्रवेश (एडमिशन) नहीं हुआ हो, वो अपनी आयु वर्ग के अनुसार एडमिशन करवा सकते है।
  • इस एक्ट द्वारा छात्रों और शिक्षकों के मध्य अनुपात, स्कूलों की इमारतों, शिक्षकों के कार्य समय और स्कूल कार्य दिवस आदि के मानक और अंतर बनाए गए है।
  • RTE Act विद्यार्थियों पर होने वाले शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न को रोकता है।
    शिक्षा का अधिकार अधिनियम द्वारा बाल सुलभ और बाल केंद्रित शिक्षा प्रणाली को शुरू किया गया है।
  • यह एक्ट बच्चे के संपूर्ण विकास, ज्ञान, क्षमता और प्रतिभा को बढ़ावा देने तथा बच्चे को भय, आघात एवं चिंता से मुक्त करने के लिए बनाया गया है।

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शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 शिक्षकों की भूमिका और दायित्व

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में शिक्षक की भूमिका के लिए भी प्रावधान दिए गए है:

  • RTE Act प्रावधान के अनुसार यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक राज्य, जिला या ब्लॉक में शिक्षकों की संख्या औसत होने के बजाय छात्रों और शिक्षकों की संख्या में एक निश्चित अनुपात हो।
  • यह प्रावधान शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की समान संख्या में पोस्टिंग सुनिश्चित करता है।
  • यह प्रावधान गैर-शैक्षणिक कार्यो में शिक्षकों की तैनाती पर प्रतिबंध के साथ-साथ जनगणना, विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव, आपदा प्रबंधन आदि कार्यो में भी शिक्षकों की भूमिका सुनिश्चित करता है।
  • RTE Act उचित रूप से प्रशिक्षित तथा शैक्षणिक योग्यता वाले शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करता है।

शिक्षा का अधिकार की आलोचना

शिक्षा का अधिकार अधिनियम की कुछ प्रमुख आलोचनाए या कमियाँ नीचे लिखी गयी है:

  • मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा से ज्यादा जरूरी है सामान शिक्षा। सरकार को घोषणा करना चाहिए थी कि, देश का प्रत्येक बच्चा एक ही तरह के स्कूल में जाएगा और सभी स्कूलों में सामान पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
  • इस विधेयक में छः वर्ष तक की उम्र वाले 17 करोड़ बच्चों के बारे में कोई बात नहीं बताई गयी है।
  • आरटीई विधेयक में मुफ्त शिक्षा के लिए बजट प्रावधान का जिक्र नहीं है।
  • इस अधिनियम द्वारा बिना किसी दस्तावेज़ के एडमिशन का जिक्र किया गया है। परन्तु कुछ राज्यों में पहले से ही चले आ रहे नियमों का पालन हो रहा है। जिनमे दस्तावेज़ जैसे- बीपीएल कार्ड (BPL कार्ड कैसे बनाये), जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate कैसे बनवाए), जाती प्रमाण पत्र (Cate Certificate कैसे बनाए) आदि जमा करने के पश्चात् ही दाख़िला मिलता है। इन नियमों के कारण बहुत से अनाथ बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते है।
  • यह अधिनियम निजी प्रबंधकों के संवैधानिक अधिकार “बिना किसी सरकारी हस्तक्षेप के अपने संस्थानों को चलाना” का उल्लंघन करता है।

RTE Act 2009 Teachers Qualification

RTE एक्ट के अंतर्गत शिक्षकों के लिए Teachers Eligibility Test (TET) परीक्षा का आयोजन करवाया जाता है जिसके लिए न्यूनतम योग्यता (Qualification) नीचे दर्शाया गया है:

प्राइमरी स्टेज कक्षा 1-5

सीनियर सेकंडरी न्यूनतम 50% अंको के साथ एवं D.El.Ed.
या
सीनियर सेकंडरी न्यूनतम 50% अंको के साथ एवं B.El.Ed.
या
सीनियर सेकंडरी न्यूनतम 50% अंको के साथ एवं D.Ed.
या
ग्रेजुएशन एवं D.El.Ed.

एलीमेंट्री स्टेज कक्षा 6-8

ग्रेजुएशन एवं D.El.Ed.
या
ग्रेजुएशन न्यूनतम 50% अंको के साथ एवं B.Ed.
या
सीनियर सेकंडरी न्यूनतम 50% अंको के साथ एवं B.El.Ed.
या
सीनियर सेकंडरी न्यूनतम 50% अंको के साथ एवं B.A. Ed. / B.Sc. Ed.

Right To Education Act Amendment

निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) अधिनियम 2019 भारतीय संसद में 3 जनवरी 2019 को पारित किया गया। आरटीई अधिनियम 2019 में संशोधन के कुछ प्रमुख बिंदु नीचे दर्शाए गए है:

  • इस नए विधेयक में स्कूलों में नो डिटेंशन की नीति को समाप्त करने के लिए संशोधन किया है वर्तमान प्रावधान के अनुसार 8वीं कक्षा तक किसी भी छात्र को अनुत्तीर्ण नहीं किया जा सकता है।
  • अगर कोई बच्चा कक्षा 5वीं या 8वीं में फेल हो जाता है तो इस नए विधेयक के अनुसार उस बच्चे को दो माह के भीतर पुनः परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जायेगा।
  • फेल हुए बच्चों के बेहतर प्रदर्शन के लिए दो माह तक विशेष शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
  • अगर बच्चा दोबारा परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाता है तो उस बच्चे को अनुत्तीर्ण किया जा सकता है।

RTE Act 2009 के अंतर्गत 7 अध्याय

राइट टू एजुकेशन एक्ट 2009 के अंतर्गत आने वाले 7 अध्याय इस प्रकार है –

अध्याय 1प्रस्तावना
अध्याय 2निशुल्क एवं अनिवार्य का अधिकार
अध्याय 3केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकारों और अभिभावकों के दायित्व
अध्याय 4स्कूल और शिक्षकों के दायित्व
अध्याय 5प्रारंभिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को पूरा किया जाना
अध्याय 6बाल अधिकारों का संरक्षण
अध्याय 7अन्य प्रासंगिक बातें

एक नज़र इस पर भी: UNESCO Kya Hai? – जानिए UNESCO In Hindi और इससे जुडी संपूर्ण जानकारी!

RTE Act 2009 के 38 अनुच्छेद

  • संक्षिप्त नाम और विस्तार
  • परिभाषा
  • निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा
  • प्रवेश ना दिए गए बालकों को या जिन्होंने प्राथमिक शिक्षा पूरी नहीं की है के लिए विशेष उपबंध
  • अन्य विद्यालय में स्थानांतरण का अधिकार
  • राज्य सरकारों और स्थानीय पदाधिकारियों को विद्यालय स्थापित करने के कर्तव्य
  • वित्तीय तथा अन्य उत्तरदायित्व में हिस्सा बांटना
  • राज्य सरकारों के कर्तव्य
  • स्थानीय पदाधिकारियों के कर्तव्य
  • माता पिता और संरक्षक का कर्तव्य
  • राज्य सरकारों का विद्यालय पूर्व शिक्षा के लिए व्याख्या करना
  • निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए विद्यालय के उत्तर की सीमा
  • एडमिशन या प्रवेश के लिए किसी प्रति व्यक्ति फीस और अनुवीक्षण प्रक्रिया का ना होना
  • प्रवेश के लिए आयु का सबूत
  • एडमिशन से इंकार ना करना
  • रोकने और निष्कासन का प्रावधान
  • बालक को शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न का प्रतिषेध
  • मान्यता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना किसी विद्यालय का स्थापित ना किया जाना
  • विद्यालय के मान और मानक
  • अनुसूची का संशोधन करने की शक्ति
  • विद्यालय प्रबंधन समिति
  • विद्यालय विकास योजना
  • शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्यतायें और सेवा के निबंधन और शर्तें
  • छात्र शिक्षक अनुपात
  • शिक्षकों की रिक्तियों का भरा जाना
  • गैर शैक्षिक प्रयोजनों के लिए शिक्षकों को अभिनियोजित किए जाने का प्रतिषेध
  • पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया
  • परीक्षा और समापन प्रमाण पत्र
  • बालक के शिक्षा के अधिकार को मॉनिटर करना
  • शिकायतों को दूर करना
  • राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का गठन
  • राज्य सलाहकार परिषद का गठन
  • निर्देश जारी करने की शक्ति
  • अभिनियोजन नियोजन के लिए पूर्व मंजूरी
  • सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण
  • राज्य सरकारों के नियम बनाने की शक्ति

RTE Act 2009 – FAQs

  • RTE Act 2009 में कुल कितने अध्याय शामिल है?

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act 2009) में कुल 7 अध्याय और 38 धाराएँ जोड़ी गयी है तथा प्रत्येक अध्याय मे निम्न धाराएं शामिल है।

  • RTE अधिनियम के तहत कितने वर्ष के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है?

इस अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। एवं प्रत्येक प्राइवेट स्कूलों को 6 से 14 साल तक के 25% गरीब बच्चे मुफ्त शिक्षा प्रदान करनी होगी।

  • आर्टिकल 21A क्या है?

इस आर्टिकल के तहत प्रत्येक राज्य 6 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु वाले सभी बालकों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का उपबंध करेगा।

  • आरटीई एक्ट 2009 जम्मू कश्मीर राज्य में कब लागू हुआ?

जम्मू एवं कश्मीर में इस अधिनियम के प्रावधान 31 अक्टूबर 2019 को लागू कर दिए गए।

Conclusion

आज हमने आपको RTE Act in Hindi से जुड़ी लगभग सभी जानकारियाँ उपलब्ध करवाई है। अगर आप किसी बच्चे का एडमिशन RTE Act के तहत करवाना चाहते है तो किसी भी स्कूल में एडमिशन करवा सकते है। RTE Act In CBSE Schools, State Board School आदि सभी Board में शिक्षा पाने का कानूनी हक़ प्रदान करता है। इसके अलावा यदि आप किसी भी कॉम्पिटिटिव परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो RTE in Hindi जानकारी जैसे- RTE Kab Lagu Hua Tha एवं इसका उद्देश्य क्या है आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

यदि आपके पास RTE Act से संबंधित कोई भी सवाल है तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते है। हम आपके सवालों के जवाब ज़रूर देंगे। दोस्तों अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी है तो इसे अपने दोस्तों से शेयर कर उन्हें भी RTC Act की जानकारी दें।

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Neeraj Jivnani

नीरज जीवनानी हिंदी सहायता के फाउंडर है। इन्होंने ही हिंदी सहायता वेबसाइट की शुरुआत की और इन्हें टेक्नोलॉजी से जुड़े रहने में काफी मज़ा आता है, न्यूज़ राइटिंग के अलावा इन्हें किताबें पढ़ने का काफ़ी शौक है। नीरज जीवनानी से आप इनके ईमेल [email protected] के माध्यम से जुड़ सकते है।

1 thought on “RTE Act 2009 in Hindi – शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009!”

  1. Kiya garib ke baccho ko ek samn siksha pane ka hak nahi Kiya…..
    Dehli ke sabhi school Mai parivartan aaya hai…
    Jhugee jhopadee ke Bichon Mai Jo parimari school hai jas ka tas pada hai….
    Akhir Kar inke mata/pita asiskhit hai islye Kiya……

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