आज कल हर जगह पर Android का नाम सुना जाता है। अगर आज के समय में आप किसी से भी पूछेंगे कि आपके पास कौन सा मोबाइल है तो वह यही कहेगा की मेरे पास Android फोन है। अब आपके मन में सवाल भी आ रहा होगा कि आखिर ये Android Kya Hai जो इतना फेमस है और जिसने मोबाइल की दुनिया में क्रांति ला दी है। Android मोबाइल कम कीमत में ज्यादा से ज्यादा Features देते है और आज इसकी पहुँच हर गाँव और हर गली तक हो चुकी है।

जो लोग एंड्रॉइड मोबाइल का उपयोग है उन्हें इसके ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में भी पता होगा। परन्तु कई लोग ऐसे भी है जिनके पास Android Operating System वाला मोबाइल तो है लेकिन उन्हें ये नहीं पता नहीं की Android Ka Kya Matlab Hai और Android Operating System में कितने सारे Features है जिनका उपयोग करके वो अपनी लाइफ को और अधिक आसान तथा मज़ेदार बना सकते है। आज हम आपको हमारी इस पोस्ट के माध्यम से एंड्राइड की हिंदी जानकारी तथा Android Ka Matlab बताएँगे बस जुड़े रहिये हमारे साथ इस पोस्ट के अंत तक।

Android Kya Hai

Android Kya Hai In Hindi

Android एक मोबाइल Operating System का नाम है। बहुत बार आपने देखा होगा कि जब आप कंप्यूटर या लैपटॉप लेते है तो उसमे Windows नाम का Operating System डला हुआ आता है, जिस पर हम काम करते है, ठीक इसी प्रकार एंड्रॉइड मोबाइल में भी Operating System उपस्थित होता है। Android के लोकप्रिय होने का कारण ये है की Android Operating System, Google कंपनी का है। गूगल द्वारा एंड्रॉइड का पहला वर्ज़न 23 सितम्बर 2008 को लॉन्च किया गया था।

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Android Ki Khoj Kisne Ki

अभी हमने आपको ऊपर Android Meaning In Hindi और Android Mobile Ki Jankari संक्षिप्त में बताई। अब आप सोच रहे होंगे की Android Kisne Banaya? तो इसका उत्तर है कि एंड्रॉइड को सबसे पहले चार लोगों ने मिलकर बनाया था, एंड्राइड की खोज करने वालो के नाम Andy Rubin, Rich Miner, Nick Sears, और Chris White है।

History Of Android In Hindi

Android Ka Itihas भी बहुत गहरा और अलग है, अगर हम बात करें कि Android का इतिहास क्या है, तो एंड्राइड की कहानी की शुरुआत सर्वप्रथम 2003 में Android Inc नाम की एक कम्पनी के तौर पर शुरू हुई थी। इसके फाउंडर्स के नाम हम आपको ऊपर बता चुके है। शुरूआती दौर में Android को कैमरों के लिए विकसित किया था लेकिन इसके फाउंडर्स को बाद में यह बात समझ आने लगी कि कैमरा का मार्केट बहुत छोटा है, और इसमें इन्वेस्टमेंट करने के बाद रिटर्न अपेक्षा अनुसार नहीं मिलेगा इसलिए उन्होंने अपने प्रोजेक्ट को मोबाइल डिवाइस के लिए एक शानदार ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की दिशा में मोड़ दिया।

जुलाई 2005 में गूगल ने एंड्रॉइड को ख़रीद लिया और इस वजह से इस कम्पनी के फाउंडर्स भी विलय होकर गूगल में आ गये। गूगल तथा एंड्रॉइड के बिच यह डील करीब $50 Million डॉलर की हुई थी। उस समय इस प्रोजेक्ट के लिए टीम लीडर Andy Rubin थे और 2007 में गूगल द्वारा यह घोषणा की गयी कि गूगल Android OS (Operating System) को विकसित कर रहा है, और फिर सर्वप्रथम 2008 में HTC ने एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित पहला मोबाइल फोन लॉन्च किया।

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Android Versions History

जिस एंड्रॉइड मोबाइल को आज हम जानते है वह शुरू से इतना विकसित नहीं था। समय के साथ-साथ एंड्रॉइड में विकास होता गया और इसमें नए-नए फीचर्स जुड़ते गए। आज के समय में एंड्रॉइड हर वो काम कर सकता है, जो एक कंप्यूटर सिस्टम द्वारा किया जाता है। जैसे-जैसे Android OS का विकास होता गया वैसे-वैसे ही इसके हर OS का के अलग-अलग वर्जन आते गए।

एंड्रॉइड वर्ज़न के नाम Alphabetical (A To Z) रखे गये है, और इनके नाम में एक रोचक बात यह भी दिखती है कि सभी एंड्रॉइड वर्ज़न के नाम किसी न किसी खाद्य वस्तु से जुड़े हुए है। आपकी जानकारी के लिए एंड्रॉइड के प्रकार या कहे Android Versions Name नीचे दर्शाये गए है:

Android Alpha 1.0 (Unofficial)

एंड्रॉइड 1.0, एंड्रॉइड सॉफ्टवेयर का पहला व्यावसायिक संस्करण था, जो कि 23 सितंबर, 2008 को जारी किया गया था। इसे पहले व्यावसायिक रूप से उपलब्ध एंड्रॉइड डिवाइस को HTC Dream नाम दिया गया था।

Android Beta 1.1 (Unofficial)

9 फरवरी, 2009 को एंड्रॉइड 1.0 का अपडेट एंड्रॉइड 1.1 जारी किया गया था। शुरू में यह केवल एचटीसी ड्रीम के लिए ही लिए ही था तथा इसमें अपडेट किए गए बग्स ने एंड्रॉइड API को बदल कर उसमे बहुत सी सुविधाएँ जोड़ दी।

Android Cupcake 1.5

एंड्रॉइड 1.5 को 27 अप्रैल 2009 के दिन जारी किया गया था, जो कि Linux kernel 2.6.27 पर आधारित वर्ज़न था। आधिकारिक तौर पर मिठाई वाली वस्तुओं के नाम के आधार पर कोड-नाम का उपयोग करने वाली यह एंड्रॉइड की पहली रिलीज़ थी, जो कि एंड्रॉइड पाई तक सभी रिलीज़ के लिए उपयोग की जाने वाली एक थीम है।

Android Donut 1.6

Android 1.6 – Dubbed Donut को Linux kernel 2.6.29 के आधार पर 15 सितंबर 2009 को जारी किया गया था। इसमें बहुत सी नयी विशेषताएँ शामिल थी जैसे डेवलपर्स के लिए खोज परिणामों में उनके कंटेंट को शामिल करने की क्षमता आदि।

Android Eclair (2.0 – 2.1)

26 अक्टूबर 2009 को, Android 2.0 SDK को भी Linux kernel 2.6.29 के आधार पर जारी किया गया था, इसके साथ ही इसमें Codenamed Eclair भी शामिल था। इसी में कुछ थोड़े से माइनर एपीआई, बग फ़िक्स और फ्रेम-वर्क के व्यवहार जैसे अपडेट करके 3 दिसंबर 2009 को Android 2.0.1 को जारी किया गया था। इसी के अंदर एक बार पुनः माइनर एपीआई तथा बग फ़िक्स परिवर्तन करके 12 जनवरी 2010 को Android 2.1 लांच हुआ था।

Android Froyo (2.2 – 2.2.3)

Linux kernel 2.6.32 के आधार पर 20 मई 2010 को, Android 2.2 के लिए SDK जारी कर दिया गया था। इसके पश्चात 18 जनवरी 2011 को इसमें सिक्योरिटी अपडेट, परफॉरमेंस इम्प्रूवमेंट जैसे परिवर्तन करके Android 2.2.1 को जारी किया गया और पुनः कुछ माइनर अपडेट करके 22 जनवरी 2011 को Android 2.2.2 को लॉन्च किया गया। इसी श्रेणी में 21 नवंबर 2011 को कुछ नए सिक्योरिटी अपडेट के साथ Android 2.2.3 को लांच किया गया।

Android Gingerbread (2.3 – 2.3.7)

6 दिसंबर 2010 के दिन Android 2.3 Gingerbread SDK को Linux kernel 2.6.35 के आधार पर यूज़र इंटर-फ़ेस डिज़ाइन तथा स्पीड में परिवर्तन करके जारी किया गया था। दिसंबर 2010 में ही इसमें बग और नेक्सस को इम्प्रूव करके Android 2.3.1 में अपडेट किया और Android 2.3.2 को भी जनवरी 2011 में लॉन्च किया। Android Gingerbread सीरिज़ में ही सुधार करते हुए 9 फ़रवरी 2011 को 2.3.3, 28 अप्रैल 2011 को 2.3.4, 25 जुलाई को 2.3.5, 2 सितम्बर को 2.3.6 तथा सितम्बर में ही Android 2.3.7 को 21 सितम्बर 2011 को लॉन्च किया गया। इन लगातार अपडेट में वाइस सर्च बग तथा गूगल वॉलेट सपोर्ट जैसे बहुत से फीचर्स शामिल थे।

Android Honeycomb (3.0 – 3.2.6)

एंड्रॉइड 3.0 (हनीकॉम्ब) एसडीके का पहला टैबलेट 22 फरवरी 2011 को Linux kernel 2.6.36 के आधार पर जारी किया गया था। इस वर्ज़न की फैसिलिटी वाला पहला डिवाइस, Motorola Xoom Tablet, 24 फरवरी 2011 को जारी किया गया था। इसके पश्चात Android 3.1 को 10 मई 2011 तथा 3.2 को 15 जुलाई 2011 में लॉन्च किया गया।

एंड्राइड की क्वालिटी में और अधिक सुधार करते हुए 3.2 सीरिज़ में बहुत से नए अपडेट किये गए जिनमे गूगल बुक अपडेट, WiFi इम्प्रूवमेंट, हार्ड-वेयर सपोर्ट आदि शामिल है। इनकी दिनांक कुछ इस प्रकार है: 3.2.1 को 20 सितम्बर 2011, 3.2.2 को 30 अगस्त 2011 तथा इसके साथ ही 3.2.3 को भी 30 अगस्त 2011 के दिन ही लॉन्च किया गया था। इसके पश्चात 3.2.4 को दिसंबर 2011 में 3.2.5 को जनवरी 2012 और 3.2.6 को फ़रवरी 2012 में लॉन्च किया गया था।

Android Ice Cream Sandwich (4.0 – 4.0.4)

एंड्रॉइड 4.0 (आइसक्रीम सैंडविच) के लिए SDK, Linux kernel 3.0.1 पर आधारित है जिसे सार्वजनिक रूप से 18 अक्टूबर 2011 में जारी किया गया था। आइस क्रीम सैंडविच आधिकारिक तौर पर एडोब सिस्टम्स द्वारा दिए गए फ्लैश प्लेयर को सपोर्ट करने वाला अंतिम वर्ज़न था। इसी को और अधिक अपडेट करते हुए 21 अक्टूबर को 4.0.1, 28 नवंबर को 4.0.2 तथा 16 दिसंबर को 4.0.3 लॉन्च किया गया था। स्टेबिलिटी तथा बेहतर कैमरा परफॉरमेंस के साथ एंड्रॉइड 4.0.4 को 29 मार्च 2012 में लॉन्च किया गया था।

Android Jelly Bean (4.1 – 4.3.1)

Android 4.1 (जेली बीन) की घोषणा गूगल द्वारा 27 जून, 2012 को Google I/O सम्मेलन में की गयी थी। Linux kernel 3.0.31 के आधार पर, जेली बीन उस समय में उपयोगकर्ता के इंटरफ़ेस की कार्य-क्षमता और प्रदर्शन में सुधार करने के उद्देश्य के साथ एक बहुत ही अच्छा अपडेट था। जेली बीन को चलाने वाला पहला डिवाइस Nexus 7 Tablet था। इसके बाद 4.1 की परफॉरमेंस में और अधिक सुधार करते हुए 11 जुलाई 2012 को 4.1.1 तथा 9 अक्टूबर 2012 को 4.1.2 लॉन्च किया गया था।

जेली बीन श्रेणी में ही सुधार करते हुए गूगल द्वारा 29 अक्टूबर 2012 को न्यूयॉर्क में एंड्रॉइड 4.2 की घोषणा की गयी जिसे बाद में 13 नवंबर को लॉन्च किया गया, और इसके अपडेट किए गए वर्ज़न 4.2.1 तथा 4.2.2 क्रमशः 27 नवंबर 2012 और 11 फरवरी 2013 को जारी किये गए। लोगों के बीच जेली बीन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए गूगल ने “An even sweeter Jelly Bean” स्लोगन के साथ 24 जुलाई 2013 Jelly Bean 4.3 को लॉन्च किया और इसी में सुधार करते हुए 3 अक्टूबर 2013 को 4.3.1 लॉन्च किया।

Android KitKat (4.4 – 4.4.4)

31 अक्टूबर 2013 को गूगल द्वारा बहुत सरे नए फ़ीचर अपडेट के साथ एंड्रॉइड 4.4 को लॉन्च किया गया जिसमे बेहतरीन एप्लीकेशन परफॉरमेंस जैसे नए फ़ीचर जोड़ने के लिए बहुत से अपडेट किये गए जिनके कोड नाम और जारी करने की तारिख इस प्रकार है: 4.4.1 को 5 दिसंबर 2013, 4.4.2 को 9 दिसंबर 2013, 4.4.3 को 2 जून 2014 तथा 4.4.4 को CVE-2014-0224 fixed जैसे नए फ़ीचर के साथ 19 जून 2014 को लॉन्च किया गया।

Android KitKat, With Wearable Extensions (4.4W – 4.4W.2)

24 जून 2014 को, एंड्रॉइड किटकैट का एक नया संस्करण, पहनने योग्य उपकरणों के लिए जारी किया गया था जिसे Android Wear के नाम से भी जाना जाता है। स्मार्टवॉच जैसे उपकरणों के लिए 25 जून 2014 को 4.4W तथा 6 सितम्बर 2014 को गूगल मैप नेवीगेशन और अलार्म के लिए 4.4W.1 को UI अपडेट के साथ लॉन्च किया गया था। GPS सपोर्ट तथा ऑफ-लाइन म्यूजिक प्लेबैक के लिए भी नया अपडेटेड वर्ज़न 4.4W.2 को 21 अक्टूबर 2014 के दिन लॉन्च किया गया था।

Android Lollipop (5.0 ,5.1)

एंड्रॉइड लॉलीपॉप सीरिज़ का प्रथम संस्करण 5.0, 12 नवंबर 2014 को जारी किया गया था। 5.0 में ही कुछ बग को फ़िक्स तथा अन्य छोटे-मोटे बदलाव करके 5.0.1 तथा 5.0.2 को क्रमशः 2 तथा 19 दिसंबर 2014 को लॉन्च किया गया था। हाई डेफिनेशन कॉल, 4G LTE तथा मल्टीपल सिम सपोर्ट आदि बदलाव और इम्प्रूवमेंट के साथ गूगल द्वारा 9 मार्च 2015 को एंड्रॉइड 5.1 लॉन्च किया गया जिसका अपडेट वर्ज़न 5.1.1 WiFi कॉलिंग जैसे नए फ़ीचर के साथ 21 अप्रैल 2015 को लॉन्च हुआ।

Android Marshmallow (6.0, 6.0.1)

4k डिस्प्ले मोड, USB-C सपोर्ट, फिंगरप्रिंट रीडर, आटोमेटिक फुल डाटा बैकअप जैसी कई बेहतरीन सुविधाओं के साथ गूगल द्वारा I/O सम्मेलन में 28 मई 2015 को एंड्राइड 6.0 मार्शमैलौ की घोषणा की गयी। जिसे बाद में 5 अक्टूबर 2015 को सार्वजनिक रूप से जारी कर दिया गया। इसका अपडेटेड वर्ज़न 6.0.1, 7 दिसंबर 2015 को जारी किया गया जिसमे पावर बटन को दो-बार प्रेस करके कैमरा ओपन करने वाला फ़ीचर आकर्षण का केंद्र था।

Android Nougat (7.0 – 7.1.2)

स्क्रीन को ज़ूम करने की क्षमता, मल्टीपल डिवाइस लोकल और तेज गति से कार्य करने वाले फीचर्स जैसे कई क्रन्तिकारी बदलाव के साथ 22 अगस्त 2016 को गूगल द्वारा एंड्रॉइड 7.0 की लॉन्चिंग की गयी। 7.0 को अपडेट करके एंड्रॉइड के लिए 4 अक्टूबर 2016 को 7.1 लॉन्च किया गया और इसमें भी नए अपडेट करके 7.1.1 तथा 7.1.2 को क्रमशः 5 दिसंबर 2016 तथा 4 अप्रैल 2017 को जारी किया गया। Android 7.1.2 Nougat समय-समय पर बैटरी उपयोग के बारे में अलर्ट करता रहता है।

Android Oreo (8.0, 8.1.0)

21 अगस्त 2017 को Android 8.0 Oreo जारी गया है जिसमे WiFi असिसटेंट, Sony LDAC Codec सपोर्ट, इंटीग्रेटेड प्रिंटिंग सपोर्ट, कलर मैनेजमेंट जैसे बहुत से नए फीचर्स शामिल है। इसी को और बेहतर बनाते हुए इसमें परिवर्तन करके Oreo सीरिज़ में 5 दिसंबर 2017 को 8.1.0 जारी किया गया है जिसमे आटोमेटिक लाइट और डार्कथीम, वॉलपेपर कलर्स API, नेचुरल नेटवर्क API, शेयर्ड मेमोरी API जैसे बहुत सारे बेहतरीन फीचर्स शामिल है।

Android 9 – Pie

एंड्रॉइड पाई, एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम का नौवां प्रमुख संस्करण है। गूगल द्वारा इसकी सर्वप्रथम घोषणा 7 मार्च 2018 को की गयी थी, और उसी दिन इसका पहला डेवलपर पूर्वावलोकन भी जारी किया गया था, जिसे बीटा गुणवत्ता भी माना जाता है। एंड्रॉइड पाई का अंतिम बीटा 25 जुलाई, 2018 को जारी किया गया था। Android 9 Pie का पहला आधिकारिक लॉन्च 6 अगस्त 2018 को किया गया था। इसमें DNS Over TLS जैसे कई नए बेहतरीन फीचर्स शामिल किये गए है।

Android 10

एंड्रॉइड 10 को Google द्वारा पहली बार 13 मार्च 2019 को घोषित किया गया था, और उसी दिन इसका पहला बीटा भी जारी किया गया था। 5 जून को गूगल द्वारा अंतिम रूप से API और SDK के साथ चौथा बीटा जारी किया गया और इसे आधिकारिक रूप से हाल ही में 3 सितम्बर 2019 को लॉन्च किया गया है। Android 10 में AV1 Video Codec, HDR10+ Video Format और Opus Audio Codec सपोर्ट जैसे बहुत सारे नए फ़ीचर शामिल है, जो कि तकनीकी के क्षेत्र में नयी खोज है।

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Android Root Kya Hai

एंड्रॉइड मोबाइल के आने बाद से ही एंड्रॉइड रुट का नाम भी इसके जुड़ गया है। जब भी हम एंड्रॉइड मोबाइल का उपयोग करते है तो हमे उस मोबाइल की कंपनी के नियमों का पालन करना पड़ता है, तथा हम उन्ही फीचर्स का उपयोग कर पाते है जिन्हे वह कंपनी उस मोबाइल में लागू करती है। इसके अलावा हम कंपनी द्वारा दिए गए बहुत से एप्प्स को अनइंस्टाल भी नहीं कर पाते है। यदि आप अपने मोबाइल को अपने हिसाब से चलाना चाहते है, तो आपको इसे रुट करना पड़ेगा मोबाइल को रुट करके हम उसमे हमारे हिसाब से सॉफ्टवेयर को डाल सकते है और हटा सकते है। सामान्य भाषा में रूटिंग के पश्चात् हम Android App वाले फोल्डर को हैक कर लेते है।

Conclusion:

एंड्रॉइड मोबाइल हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है, आज के समय में बहुत से लोग एंड्रॉइड के माध्यम से ही अपना बिज़नेस भी चलाते है। बहुत से यूट्यूबर्स एंड्रॉइड पर यूट्यूब वीडियो के चलाने से ही पैसे कमा रहे है। एंड्रॉइड की मदद से हम सामान की ख़रीददारी से लेकर बैंक में पैसे ट्रांसफर करने तक के सभी काम कभी भी कहीं से भी कर सकते है। आज-कल की टेक्नोलॉजी पसंद करने वाली इस दुनिया में बच्चे भी ऑनलाइन पढ़ाई करना पसंद करते है, जिसमे एंड्रॉइड उनकी मदद करता है। ऐसे बहुत से उदाहरण है जिनसे हमारी जीवनशैली बिलकुल आसान हो गयी है। अगर आपको Android Ki Jankari Hindi Me पसंद आयी है तो इसे शेयर करना न भूले, धन्यवाद!

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