EVM Kya Hai? – ईवीएम मशीन का इतिहास और यह कैसे काम करती है की पूरी जानकारी!

दोस्तों आज हम आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लाए है जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए क्योंकि इसी के जरिए आपके देश की सरकार का चयन होता है।

Editorial Team

दोस्तों आज हम आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लाए है जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए, क्योंकि इसी के जरिए हमारी देश की सरकार का चयन होता है। अभी हाल ही 2019 के लोक सभा चुनाव ख़त्म हुए है और इसमें भी इस मशीन का इस्तेमाल हुआ था तथा अपने भी हर बार की तरह इस बार भी अपना कीमती वोट इसी के जरिए डाला होगा। अब आप समझ ही गए होंगे की हम किस मशीन के बारे में बात कर रहे है हम बात कर रहे है EVM मशीन के बारे में कि ईवीएम क्या है।

EVM Machine का इस्तेमाल भारत देश के चुनावों में वोटिंग के लिए किया जाता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन होती है, इसकी मदद से हमारे वोटों को सही से एकत्रित करके रखा जाता है और उनकी गणना करने में भी आसानी होती है। लेकिन यह मशीन कई बार विवादों से घिरी रही है इसलिए आज हम आपके लिए ईवीएम मशीन का इतिहास और ईवीएम मशीन की जानकारी लाए है।

EVM Kya Hai

EVM Ka Full Form Kya Hai:

ईवीएम मशीन का फुल फॉर्म – Electronic Voting Machine होता है !

EVM Full Form In Hindi:

ईवीएम मशीन का फुल फॉर्म हिंदी में – मतदाता वोटिंग मशीन है !

EVM Kya Hai

EVM एक मतदाता वोटिंग मशीन है जिसका इस्तेमाल भारत में वोटिंग करवाने के लिए किया जाता है। इससे पहले वोटिंग मतपत्र, मत-पर्ची (Ballot Paper) की मदद से करवाई जाती थी लेकिन इसमें बहुत समय लगता था और वोटिंग के बाद वोटरों की गणना करने में 3-4 दिन का समय लग जाता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन को उपयोग में लाया गया जिसे हम आज ईवीएम मशीन के नाम से जानते है।

ईवीएम दो डिवाइसों से मिलकर बनी होती है जिसमे पहले डिवाइस का नाम कंट्रोल यूनिट है और दूसरे डिवाइस का नाम बैलेटिंग यूनिट है यह दोनों डिवाइस एक-दूसरे के साथ 5 मीटर लंबी केबल से जुड़े होते है। इन डिवाइस में कंट्रोल यूनिट, बैलेटिंग यूनिट को कंट्रोल करता है और बैलेटिंग यूनिट के जरिए ही मतदाता मतदान कर पता है।

कंट्रोल यूनिट का इस्तेमाल मतदान अधिकारी करता है और बैलेटिंग यूनिट का इस्तेमाल मतदाता करता है। जब तक मतदान अधिकारी कंट्रोल यूनिट का बटन प्रेस नहीं कर देता तब तक कोई भी मतदाता, मतदान नहीं कर सकता है। एक बार वोट डालने के बाद यह मशीन अपने आप लॉक हो जाती है उसके बाद आप कितनी ही बार बटन दबाएँ कोई फर्क नहीं पड़ता।

ईवीएम का इतिहास

EVM Machine का इस्तेमाल सबसे पहले मई 1982 में केरल के परूर विधानसभा क्षेत्र के 50 मतदान केंद्रों पर किया गया था। उसके बाद ईवीएम मशीन में गड़बड़ी और कई राजनीतिक दलों के दबाव के चलते इसका इस्तेमाल रोक दिया गया था। फिर कुछ संशोधन के बाद 1998 में इसका इस्तेमाल आम चुनावों में शुरू कर दिया गया और 2004 में भारत के सभी चुनावों में इसका इस्तेमाल होने लगा जो आज भी चल रहा है।

EVM Ki Jankari

EVM Ka Prayog चुनावी प्रकिया को आसान बना देता है बहुत समय से EVM Tampering की शिकायतें आ रही थी। इसी के चलते अब VVPAT EVM मशीन का उपयोग शुरू हो गया है। EVM PAT एक डिवाइस होता है जो EVM Machine से कनेक्ट रहता है। जैसे ही आप वोट डालने के लिए बटन दबाते है, तो आपको VVPAT Machine की स्क्रीन पर, आपने जिस भी उम्मीदवार को वोट डाला है उसका नाम और उसकी पार्टी का चुनाव चिन्ह 7 सेकेंड के लिए दिखाई देता है। उसके बाद वह पर्ची उस मशीन में स्टोर हो जाती है जिससे यह सुनिश्चित हो जाता है की आपका वोट सही से डल गया है।

EVM का इस्तेमाल होने के बाद से ही हारने वाले नेताओं ने ईवीएम में छेड़छाड़ और ईवीएम मशीन में गड़बड़ी है, के कई आरोप लगाए है लेकिन आज तक कोई भी इन आरोपो को सिद्ध नहीं कर पाया है।

Conclusion:

यदि आपकी उम्र 18 वर्ष से ज़्यादा हो गई है तो आपको EVM Machine के बारे में पता होगा और आपने उसका इस्तेमाल भी किया होगा अपना वोट डालने के लिए, लेकिन बहुत लोग ईवीएम मशीन का इस्तेमाल तो कर चुके है लेकिन उन्हें इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं होती है। इसी वजह के चलते आज हमने आपको ईवीएम मशीन की जानकारी प्रदान की इस जानकारी का पता हर भारतीय नागरिक को होना चाहिए क्योंकि इसी के जरिए आप अपना अनमोल वोट देते है। अगर आपको यह महत्वपूर्ण जानकारी पसंद आयी हो तो हमारे इस लेख EVM Machine In Hindi को अपने दोस्तों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें और उन्हें भी इस जानकारी से अवगत कराए।

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