आज के दौर में प्राचीन काल की तरह शुद्ध वायुमंडल नहीं है वायु प्रदूषित हो चुकीं है तथा जिस कारण दिन प्रतिदिन अनेको बीमारियाँ जन्म ले रही है। सबसे ज्यादा बीमारियाँ इन्फेक्शन की वजह से होती है। वैसे तो बीमारियाँ हर मौसम में अपना प्रकोप दिखाती है। परन्तु जैसे-जैसे गर्मियाँ नजदीक आती है स्किन इन्फेक्शन से सम्बन्धित बीमारियाँ सबसे पहले हमले के लिए तैयार हो जाती है।

गर्मियों में स्किन इन्फेक्शन से होने वाली अनेक बीमारियाँ जैसे खसरा, मौसा (Warts), दाद, चेचक आदि तेजी से फैलने लगती है। आज हम आपको हमारी इस पोस्ट के माध्यम से चेचक (Chicken Pox) के बारे में जानकारी प्रदान करने जा रहे है। चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है अगर सही समय पर इसकी पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाये तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। आइये पढ़ते है Chicken Pox Kyu Hota Hai तथा Chicken Pox Ko Kaise Thik Kare.

Chicken Pox Kaise Hota Hai

Chicken Pox Kya Hai

चिकन पॉक्स का हिंदी में मतलब होता है (Chicken Pox In Hindi Meaning) चेचक, जो वेरीसेल्ला जोस्टर नामक वायरस से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है तथा यह महामारी की तरह फैलने लगती है। यह बीमारी मनुष्यों के शरीर में सांस लेने पर संक्रमित निसृत पदार्थों के अंदर जाने के कारण होती है। इस बीमारी को आमतौर पर छोटी माता के नाम से भी जाना जाता है। जो भी व्यक्ति चेचक की बीमारी से संक्रमित हो जाता है उसके पूरे शरीर पर फुंसियों जैसी चक्तियाँ व खुजली की समस्या होने लगती है।

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Chicken Pox Causes

चिकन पॉक्स के कारण कई हो सकते है उनमें से कुछ के बारे में आपको आगे बताया गया है:

  • गंदा पानी या खुले पदार्थ के सेवन से चिकेन पॉक्स हो सकता है।
  • अत्यधिक ठंड या गर्मी होने से वेरिसेला जोस्टर वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते है।
  • संवेदनशील त्वचा वाले व्यक्तियों को चर्म रोग का खतरा सबसे अधिक होता है।
  • अत्यधिक कठोर साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी हो जाती है तथा उसकी बैक्टेरिया से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

Chicken Pox Ke Lakshan

चिकन पॉक्स एक गंभीर बीमारी है जिसका इलाज करने से पहले उसके लक्षणों को जानना बहुत जरूरी होता है। नीचे चिकन पॉक्स के लक्षण इन हिंदी दर्शाये गए है:

  • चिकन पॉक्स के कारण शरीर पर लाल दाने और चकते उभर आते है।
  • उभरे हुए लाल दानो से पानी निकलने लगता है तथा तेज खुजली होती है।
  • चिकन पॉक्स से कमर में तेज दर्द और सीने में जकड़न होने लगती है।
  • लाल चकते प्रमुख रूप से चेहरे, खोपड़ी और रीढ़ पर दिखाई देते है।
  • भुजाओं तथा टांगों पर भी चिकन पॉक्स के लक्षण लाल दानो के रूप में दिखाई देने लगते है।
  • चिकन पॉक्स होने पर हल्का बुखार, भूख नहीं लगना, सिर दर्द तथा थकान महसूस होना जैसे लक्षण भी सामने आते है।

Chicken Pox Stages

चिकन पॉक्स के लाल दाने उभरने के बाद यह तीन चरणों से गुजरता है। इन तीन चरणों के पहले मरीज को सही इलाज मिलना बहुत जरूरी है अन्यथा उसकी मृत्यु भी हो सकती है। आइये जानते है ये तीन Chicken Pox Stages कौन-कौन सी है:

  • गुलाबी या लाल रंग के पपल (फफोले) उभरते है जिन्हे कुछ दिनों में समाप्त किया जा सकता है।
  • छोटे-छोटे पस से भरे फफोले उभरने के पश्चात फिर फूट कर रिसने लगते है।
  • क्रस्ट और स्केबीज़ फूटे हुए फफलों को कवर कर लेते है जिससे ठीक होने में और अधिक समय लगता है।

Chicken Pox Treatment In Hindi

आगे आपको चिकन पॉक्स से कैसे बचें इन हिंदी में इलाज बताया गया है तो आईये जानते है:

  • चिकन पॉक्स की रोकथाम के लिए 12 से 15 महीनों की उम्र वाले बच्चों को चिकन पॉक्स का टीका लगाया जाना चाहिए।
  • अगर बच्चे Chicken Pox Treatment के टीके से वंचित रह गए है या उन्होंने टीका लगवाया भी है तो भी जब वे 4-6 वर्ष की उम्र के बिच हो उन्हें चिकेन पॉक्स का बूस्टर दिया जाना चाहिए।
  • Chicken Pox Se Bachne Ka Tarika चिकन पॉक्स का टीका तथा बूस्टर है इसे लगवाने के बाद बच्चों में चिकन पॉक्स का खतरा 95% तक कम हो जाता है।

Chicken Pox Se Bachne Ke Upay

अगर आप चिकन पॉक्स से बचने के घरेलू उपाय खोज रहे है तो आइये जानते है घरेलू उपायों द्वारा Chicken Pox Kaise Thik Hoga:

  • नीम की ताजी पत्तियों का सेवन, गर्म पानी में मिलाकर नहाने तथा मरीज के आस-पास रखने से कीटाणु खत्म होने लगते है। यह चिकन पॉक्स का इलाज करने का सबसे बेहतर तरीका है।
  • बाथ टब के अंदर ठंडे पानी में अदरक मिलाकर आधे घंटे तक बैठने से चिकन पॉक्स से राहत मिलने लगती है।
  • Chicken Pox Ka Ilaj करने के लिए निम्बू की शिकंजी का सेवन करना बहुत फ़ायदेमंद होता है।
  • हल्के हाथों से शरीर पर शहद की मालिश करने से चिकन पॉक्स से बचाव किया जा सकता है।
  • सेब के छिलको तथा हरे मटर के दानो को हल्के गर्म पानी में मिलाकर नहाने से खुजली में राहत होती है।

Chicken Pox Se Kaise Bacha Jaye

यदि आपको कभी चिकन पॉक्स हो जाये तो आपको निचे बताई गयी चीजों से चिकन पॉक्स में परहेज करना चाहिए वार्ना यह और गंभीर हो सकती है:

  • Chicken Pox होने पर अन्य दवाई जैसे- एस्पिरिन आदि डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।
  • तेज मसालेदार भोजन के सेवन से बचना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं तथा कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग जैसे एड्स पीड़ित आदि को चिकन पॉक्स का उपचार का टीका नहीं लगवाना चाहिए।

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चिकन पॉक्स के दाग कैसे मिटाए

चिकन पॉक्स की बीमारी ठीक होने के बाद दाग रह जाते है। Chicken Pox Ke Nishan को मिटाने के लिए आप नीचे दर्शाये गए कुछ घरेलू उपायों की सहायता ले सकते है:

  • चिकन पॉक्स में नारियल पानी लगाना चाहिए। नारियल पानी में लॉरिकएसिड तथा साइटोकाइन्स पाए जाते है जो की एंटी वायरल, एंटी माइक्रोबायल तथा एंटी फंगल होते है जो की स्किन को ठीक करने में मदद करते है।
  • रोज़ाना नींबू को दागों पर रगड़कर आधे घंटे बाद पानी से धोना चाहिए जिससे दाग हल्के होकर धीरे-धीरे खत्म हो जाते है।
  • टमाटर द्वारा भी दागो को तीव्रता से खत्म किया जा सकता है इसके लिए टमाटर के पल्प को दाग पर लगाए तथा सूखने के बाद मुँह धो ले।
  • एलोवेरा एक बहुत ही फायदेमंद पौधा होता है एलोवेरा के जेल को रोज़ाना दाग पर लगाने से वे ख़त्म हो जाते है।
  • दिन में दो से तीन बार लहसुन की कलियों का रस लगाने पर भी दाग साफ किये जा सकते है।
  • Chicken Pox Ke Nishan हटाने के लिए एक कप पपीता में पांच चम्मच शक़्कर और पांच चम्मच दूध डालकर पेस्ट बनाकर लगाए तथा सूखने के बाद पानी से धो ले।
  • रोज़ाना चंदन पाउडर में ओलिव आयल मिलाकर लगाने से Chicken Pox Ke Nishan हटाए जा सकते है।

होम्योपैथिक मेडिसिन फॉर चिकन पॉक्स

होम्योपैथी दवाइयों द्वारा चिकनपॉक्स का इलाज आसानी से संभव है। कुछ होम्योपैथिक चिकन पॉक्स की दवा जैसे- Antim Crudum, Dulcamara, Rhus Tox and Merc Sol चिकन पॉक्स को जड़ से समाप्त कर देती है। लेकिन इनका उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के डॉक्टर से एक बार सलाह अवश्य ले।

चिकन पॉक्स का एलोपैथिक इलाज

जैसा की हम सभी जानते है इंग्लिश (एलोपैथिक) दवाइयाँ किसी भी बीमारी में तुरंत असर दिखाती है अगर आप भी चिकन पॉक्स से शीघ्र छुटकारा पाना चाहते है तो आप एलोपैथिक दवाइयों का उपयोग कर सकते है। बाजार में बहुत प्रकार की शीघ्र असरकारक चिकन पॉक्स इंग्लिश मेडिसिन या एलोपैथिक दवाईयाँ उपलब्ध है लेकिन बिना डॉक्टर के परामर्श ऐसी किसी भी दवा का सेवन करना हमारे लिए हानिकारक हो सकता है।

Chicken Pox Me Kya Khana Chahiye In Hindi

बहुत से लोगों का सवाल होता है चिकनपॉक्स होने पर क्या खाना चाहिए या Chicken Pox Diet प्लान कैसा होना चाहिए। अगर आप चिकन पॉक्स डाइट के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो नीचे प्रदर्शित बिंदुओं की सहायता ले सकते है:

  • चिकन पॉक्स होने पर अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।
  • BRAT डाइट (केला, चावल, सेब, टोस्ट) लेने पर चिकनपॉक्स जल्दी ठीक होता है।
  • चिकन पॉक्स होने पर उबली सब्ज़ियाँ खाना अत्यधिक लाभकारी होता है।
  • फलो के सेवन से बीमारियाँ दूर भाग जाती है इसलिए अधिक से अधिक फलों का सेवन करना चाहिए।
  • नारियल पानी का सेवन चिकनपॉक्स को दूर भगाता है।
  • प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथो में भी दही को अमृत के समान माना गया है अर्थात चिकनपॉक्स होने पर दही का सेवन करना चाहिए।

Chickenpox Vaccine

Chickenpox Vaccine को वेरिसेला वैक्सीन के नाम से भी जाना जाता है। इस वैक्सीन की एक खुराक 95% मध्यम तथा 100% गंभीर बीमारी को रोकती है। यह वैक्सीन त्वचा के नीचे इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है। WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) इस वैक्सीन को लगाने की परमिशन तभी देता है जब कोई देश इसे 80% से अधिक लगाने में समर्थ हो।

Chicken Pox Me Nahana Chahiye Ya Nahi

कोई सी भी बीमारी होने पर नहाना नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि रोज नहाने से शरीर की स्वछता बनी रहती है तथा कीटाणुओं से सुरक्षा बनी रहती है। चिकनपॉक्स होने पर गुनगुने पानी में नारियल पानी, अदरक का रस या नीम की ताजी पत्तियों को मिलाकर स्नान करना बहुत ही फायदेमंद होता है इसके अलावा आप चिकित्सक द्वारा सुझाए गए मेडिकल साबुन का भी प्रयोग कर सकते है।

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क्या चिकन पॉक्स दोबारा हो सकता है?

वैसे तो चिकनपॉक्स का वैक्सीन लेने के बाद यह बीमारी दोबारा नहीं होती है परन्तु अगर किसी व्यक्ति का इम्युन सिस्टम कमजोर है तो यह बीमारी दोबारा हो सकती है। इस स्थिति में इसे चिकनपॉक्स नहीं कहते है दोबारा होने पर यह बीमारी शिंगल्स के नाम से जानी जाती है जिसमे शरीर पर हुए फफोले तथा बुखार बहुत दर्द देते है।

Conclusion:

चिकनपॉक्स का इलाज अगर सही समय पर शुरू कर दिया जाये तो यह एक सामान्य बीमारी की तरह ही जल्दी से ठीक हो जाती है। परन्तु अक्सर लोग इसे पहचान नहीं पाते है और समय के साथ यह बीमारी और गंभीर होती चली जाती है। हम आपसे यही निवेदन करेंगे कि किसी भी तरह का संकेत दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना सही रहता है। तो यदि आपको चिकनपॉक्स से जुड़ी जानकारी जानकारी पसंद आयी हो तो इसे अपने प्रियजनों से शेयर कर उन्हें भी चिकनपॉक्स से सतर्क करे, धन्यवाद!

डिस्क्लेमर: चिकन पॉक्स के उपचार के बारे में दी गयी उपरोक्त जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से प्रदान की गयी है। चिकन पॉक्स के लिए कोई भी होम्योपैथिक दवा लेने से पहले एक पेशेवर होमयोपैथिक डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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