हमारा देश विश्व में दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है तथा बहुत जल्दी हमारा देश पहले पायदान पर खड़े चीन को सर्वाधिक जनसंख्या के मामले में पीछे करने वाला है। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है रोजगार की संभावनाएं भी कम होती जा रही है। रोजगार की संभावनाएँ बढ़ाने के लिए सरकार भी यह मानती है की युवाओं को नौकरी लेने के बजाय दूसरों को नौकरी देने के लिए सोचना होगा। इसलिए आजकल सरकार स्टार्टअप के लिए भी हर संभव मदद करने लगी है। क्योंकि एक स्टार्टअप करने वाला युवा सिर्फ स्वयं के लिए कमाई का प्लेटफॉर्म नहीं बनता है वह अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान करता है।

अगर आप भी नौकरी करने बजाय स्वयं का व्यवसाय और देश से बेरोज़गारी नाम की बीमारी को हटाने में सहयोग करना चाहते है तो आज हम आपको ऐसे व्यवसाय के बारे में जानकारी देने जा रहे है जिसमे लागत भी कम है और मुनाफ़ा भी अधिक। दोस्तों हम बात कर रहे है Poultry Farm Ka Business की अगर आप Poultry Farm Kholne Ki Jankari विस्तार में जानना चाहते है तो बस पढ़ते रहिये हमारी पोस्ट को अंत तक।

Poultry Farm Kaise Khole

Poultry Farm Kya Hai

Poultry Farming भोजन के लिए मांस तथा अंडे देने के उद्देश्य से पालतू पक्षियों जैसे- मुर्गी, बत्तख आदि को पालने की प्रक्रिया है। Poultri Farming Business में सबसे ज्यादा मुर्गियां पाली जाती है इसलिए इसे कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन भी कहते है।

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Poultry Farming In India

भारत में कुक्कुट या मुर्गी पालन के व्यवसाय को निम्न बिंदुओं के आधार पर समझा जा सकता हैं:

आकार भारत में Murgi Palan Ka Business हर सप्ताह चक्रीय रूप में 5000 से 50000 यूनिट पक्षियों द्वारा उत्पादन प्रदान करता है।
भौगोलिक सर्वाधिकताहमारे देश में सर्वाधिक मुर्गी पालन व्यवसाय आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक तथा तमिलनाडु में होता है।
प्रतिवर्ष उत्पादनभारत में प्रति व्यक्ति अंडे की खपत ग्रामीण क्षेत्रों में 7.7% तथा शहरी क्षेत्रों में 17.8% प्रतिवर्ष है।
विश्व बाजारमुर्गी पालन व्यवसाय में भारत का विश्व में 17वां स्थान है।
बाजार पूंजीकरणमुर्गी पालन उद्योग का भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रति वर्ष 26000 करोड़ का योगदान है।

Murgi Palan Ka Tarika

मुर्गी पालन व्यवसाय को शुरू करना जितना आसान है। उतना ही यह व्यवसाय शुरू करने के पश्चात् दैनिक कार्य मांगता है। इसलिए Poultry Farming For Beginners को यह बिज़नेस को शुरू करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए जिसके बारे में आपको आगे बताया गया है:

उत्पादन प्रकार

  • पोल्ट्री फार्मिंग के कई प्रकार होते है जैसे- बतख पालन, मुर्गी पालन, ब्रायलर आदि परन्तु इनके पालन के लिए आवश्यक जरूरते समान होती है।
  • पोल्ट्री फार्म शुरू करने या Murgi Palan Ke Liye सबसे पहले पक्षी की नस्ल का चयन करें।

स्थान का चयन

  • Murgi Palan Kendra शहर के शोरगुल तथा हलचल से दूर प्रदूषण रहित तथा शांत इलाके में होना चाहिए।
  • फार्म के पास पर्याप्त ताजा तथा स्वच्छ पेयजल स्रोत होना चाहिए।
  • पोल्ट्री फार्म स्थान जंगली शिकारियों जैसे- लोमड़ी, तेंदुए आदि की पंहुच से दूर होना चाहिए।
  • पोल्ट्री फार्म के पास आसानी से परिवहन सुविधा की पंहुच और लोकल मार्केट की उपलब्धता होना चाहिए।

शेड का निर्माण

  • फार्म के स्थान का चयन करने के पश्चात् अपने पक्षियों के लिए शेड का निर्माण करें।
  • शेड में सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाऐं जैसे लाइट, वेंटिलेशन आदि होना चाहिए।
  • Poultry Farming Techniques के तीन प्रकार व्यापक, गहन तथा अर्ध गहन है जिनका उपयोग आप आवास निर्माण के लिए कर सकते है।
  • व्यावसायिक उत्पादन के लिए गहन प्रणाली सबसे अधिक सुविधा जनक है। इस प्रणाली में आप अपने पक्षियों को फर्श या पिंजरे में एक के ऊपर एक मंच बना कर उठा सकते है।
  • ब्रायलर पोल्ट्री को लगभग 2.5 वर्गफीट जगह तथा सामान्य पोल्ट्री को 4 वर्गफीट की आवश्यकता होती है।

भोजन

  • एक अच्छे कुक्कुट उत्पादन के लिए पौष्टिक तथा उच्च गुणवत्ता का आहार होना चाहिए।
  • सामान्यतः पक्षियों को अपने नियमित आहार में 38 पौषक तत्वों की आवश्यकता होती है जिससे वे बेहतरीन उत्पादन प्रदान कर सकें।

अन्य जरुरी सामान

  • फीडर
  • अंडे की ट्रे
  • कैरेट
  • अपशिष्ट निवारण सिस्टम
  • लेबर तथा गार्ड
  • स्वास्थ प्रबंधन
  • हीटर
  • अंडे सेने की मशीन आदि।

Broiler Chicken Farming Business Plan

Desi Murgi Palan Farm व्यवसाय में ब्रायलर चिकन आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ पोल्ट्री फार्म है। हमारे देश में ब्रायलर युवा नर व मादा चिकन मांस का 2.47 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है जो दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा ब्रायलर उत्पादन है।

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ब्रायलर फार्मिंग के फायदे

आगे आपको ब्रायलर फार्मिंग के कुछ महत्वपूर्ण फायदे बताये गए है तो चलिए जानते है उनके बारे में:

  • ब्रायलर फार्मिंग में कुक्कुट पालन की अवधि अन्य पोल्ट्री की अपेक्षा कम होती है यह अधिकतम 6 सप्ताह होती है।
  • ये कम फीड में ज्यादा उत्पादन प्रदान करते है अर्थात ये कम भोजन ग्रहण करते है फिर भी इनका वजन अधिक होता है। जिससे कम लागत में अधिक मुनाफ़ा प्राप्त होता है।
  • बाजार में ब्रायलर मुर्गी के माँस की मांग अन्य मुर्गी, बकरी तथा भेड़ के माँस की तुलना में अधिक है।

Poultry Farm Profit Calculation

आपकी सुविधा के लिए हम यहां नीचे 10,000 मुर्गी पालन की लागत की रिपोर्ट दर्शा रहे है। आप इससे अंदाजा लगा सकते है तथा अपनी प्रारंभिक पूँजी के अनुसार इसे बढ़ा या घटा सकते है:

पोल्ट्री फार्मिंग में वन टाइम इन्वेस्टमेंट:

विशेषताकीमतकुल लागत (लगभग)
शेड की लागत (ईंट, बाँस, दीवार आदि शामिल है)70 रुपए प्रति वर्ग फ़ीट तथा एक पोल्ट्री पक्षी को अगर न्यूनतम एक वर्ग मीटर क्षेत्र की आवश्यकता है तो7,00,000 रुपए (10,000 पोल्ट्री पक्षी X 70 रुपए)
पोल्ट्री फार्मिंग संसाधनों की लागत15 रुपए प्रति पक्षी1,50,000 रुपए (10000 पोल्ट्री पक्षी X 15 रुपए)
लाइट फिटिंग की लागत (शेड की कुल लागत का 5% मानने पर)शेड की कुल लागत का 5%35,000 रुपए (7,00,000 का 5%)
कुल लागत (पहली बार)-8,85,000 रुपए

रेकुरिंग कोस्ट (बार-बार होने वाला खर्च) इन पोल्ट्री फार्मिंग:

विशेषताकीमतकुल लागत (लगभग)
मुर्गियों के लिए चारे की कीमत3 रुपए प्रति किलो30,000 रुपए (प्रति मुर्गी 1 किलो)
पक्षियों के लिए चारे की लागत (रोजाना 3.5 किलो प्रत्येक पक्षी)17 रुपए5,85,000 रुपए
दवाइयों, श्रम, टीकाकरण आदि की लागतकुल निवेश का 4%35,120 रुपए
बीमा की लागत1 रुपए प्रति पक्षी10,000 रुपए
कुल लागत-9,25,000 रुपए

कुल प्रारंभिक निवेश

कुल निवेश (मुर्गी पालन की लागत) = वन टाइम इन्वेस्टमेंट (8,85,000 रुपए) + रेकुरिंग कोस्ट (9,25,000 रुपए) = 18,08,000 रुपए

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Murgi Palan Ke Liye Loan

मुर्गी पालन व्यवसाय को शुरू करने तथा पोल्ट्री शेड, फीड रूम आदि अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए कुछ प्रमुख बैंकों द्वारा ऋण लिया जा सकता ऋण से संबंधित जानकारी के बारे में आपको आगे बताया गया है

पात्रता

ऐसे व्यक्ति जिनके पास मुर्गी पालन का पर्याप्त अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त हो और पोल्ट्री शेड निर्माण के लिए भूमि हो ऋण ले सकते है।

आवश्यक दस्तावेज़

आवेदन कैसे करें :- Murgi Palan Ke Liye Loan का आवेदन अपनी निकटतम किसान ऋण उपलब्ध करवाने वाली बैंक शाखा से किया जा सकता है।

Conclusion:

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर Poultry Farm Ka Business करने से अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। मुर्गी के मल का उपयोग कम्पोस्ट बनाकर खाद के रूप में इस्तेमाल करने से फसलों की उत्पादकता बढ़ती है। इसके अलावा वर्मी कम्पोस्ट बनाते समय प्राप्त हुए अतिरिक्त केंचुओ को मुर्गो को खाने के लिए देने पर उच्च स्तर का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

तो अगर आप भी Desi Murgi Palan Business यानि पोल्ट्री फॉर्म खोलने की सोंच रहे है तो यह आपके लिए अच्छा विचार हो सकता है उम्मीद करते है Poultry Farm Kholne Ki Jankari आपको पसंद आयी होगी, तो Murgi Palan Kaise Kare In Hindi इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले तथा अगर आपके पास मुर्गी पालन की जानकारी से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते है जिनके जवाब हम आपको ज़रूर देंगे।

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1 COMMENT

  1. Murgi farm kholne ke liye rupey nhi
    Benk bale boltey hai pehle farm kholo uske baad loan. Milega

    Agar pehle loan miljay to me es duniya me dire dire sabse bda murgi farm
    Karlunga.

    Me kafi Dino se es Kam ko Karne ki soch rahu lekin rupey nhi h

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